{"_id":"582a01184f1c1b7b388fe336","slug":"kisanon-ki-mahaapanchayat-18-ko","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों की महापंचायत 18 को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों की महापंचायत 18 को
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Nov 2016 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। सिसौली की महापंचायत किसानों के लिए अहम होगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा गन्ना रेट प्रमुख मुद्दे हैं। महापंचायत में केंद्र तथा राज्य सरकार के प्रतिनिधि अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद यूनियन अपना रुख स्पष्ट करेगा। यूनियन ने महापंचायत में भीड़ जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी हैं।
भाकियू के जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह के अनुसार किसानों की महापंचायत सिसौली मेें 18 नवंबर को प्रस्तावित है। किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा का मौजूदा प्रारूप स्वीकार नहीं है। किसान प्रारूप लागू नहीं करने की मांग को लगातार उठा रहे हैं।
आरोप है कि इसके बाद भी प्रशासन किसानों से बीमे की किश्त जबरन काट रहा है। केंद्र तथा राज्य सरकार योजना के क्रियान्वयन को लेकर एकदूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। किसान इनकी लड़ाई में पिस रहा है। प्रदेश सरकार ने गन्ने का रेट घोषित नहीं किया है। गन्ना मूल्य भुगतान भी किसानों के लिए सिरदर्द है।
विज्ञापन
शुगर मिल 14 दिन में भुगतान करने के निर्देशों पर अमल नहीं कर रही हैं। महापंचायत में केंद्र सरकार की ओर से गृहमंत्री राजनाथ सिंह के आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। दोनों मुद्दों पर वह अपना पक्ष रखेंगे। महापंचायत में किसानों को अधिक संख्या में ले जाने के लिए ब्लाकवार टीम संपर्क कर रही हैं। जिलाध्यक्ष ने महापंचायत में अधिक तादाद में पहुंचने की अपील की है।
विज्ञापन
भाकियू के जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह के अनुसार किसानों की महापंचायत सिसौली मेें 18 नवंबर को प्रस्तावित है। किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा का मौजूदा प्रारूप स्वीकार नहीं है। किसान प्रारूप लागू नहीं करने की मांग को लगातार उठा रहे हैं।
विज्ञापन
आरोप है कि इसके बाद भी प्रशासन किसानों से बीमे की किश्त जबरन काट रहा है। केंद्र तथा राज्य सरकार योजना के क्रियान्वयन को लेकर एकदूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। किसान इनकी लड़ाई में पिस रहा है। प्रदेश सरकार ने गन्ने का रेट घोषित नहीं किया है। गन्ना मूल्य भुगतान भी किसानों के लिए सिरदर्द है।
विज्ञापन
शुगर मिल 14 दिन में भुगतान करने के निर्देशों पर अमल नहीं कर रही हैं। महापंचायत में केंद्र सरकार की ओर से गृहमंत्री राजनाथ सिंह के आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। दोनों मुद्दों पर वह अपना पक्ष रखेंगे। महापंचायत में किसानों को अधिक संख्या में ले जाने के लिए ब्लाकवार टीम संपर्क कर रही हैं। जिलाध्यक्ष ने महापंचायत में अधिक तादाद में पहुंचने की अपील की है।