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खांडसारी इकाइयों ने अक्टूबर तक पिछले सीजन के मुकाबले अधिक गन्ना पेरा
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खांडसारी इकाइयों ने चार गुना से अधिक गन्ना पेरा
बिजनौर। जिले में इस साल पिछले पेराई सीजन के मुकाबले अधिक संख्या में खांडसारी इकाई संचालित हो रही हैं। इकाइयों ने अक्तूबर माह तक पिछले साल के मुकाबले चार गुना से अधिक गन्ना पेराई की है। इससे गेहूं की बुवाई अधिक रकबे में हो सकेगी।
सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि शासन ने खांडसारी इकाइयों के लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया आसान कर दी है। प्रक्रिया आनलाइन है तथा व्यापारी को घर बैठे लाइसेंस मिल रहा है। बिजनौर परिक्षेत्र मे 170 लाइसेंसीकृत खांडसारी इकाई हैं। इनमें 58 इकाई चल गई हैं, जिसमें 31 अक्तूबर तक साढे़ चार लाख क्विंटल से अधिक गन्ना पेराई कर 49 हजार क्विंटल गुड़ तैयार कर लिया है। गन्ना पेराई सीजन 2019-20 में 145 लाइसेंसधारक थे, इनमें मात्र 24 इकाई चली थीं और अक्तूबर तक एक लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर 12 हजार क्विंटल गुड़ तैयार किया था। सहायक आयुक्त के मुताबिक खांडसारी इकाइयों पर खूब गन्ना आ रहा है। किसान खेत खाली करने में लगा है। इस साल पिछले साल के मुकाबले अधिक रकबे मे गेहूं की बुवाई होगी।
मौर्य ने बताया कि इस साल जिले में गन्ने का रकबा बढ़ा है। परंतु इसका असर गन्ना पेराई पर नहीं पड़ेगा। खांडसारी इकाइयों के बढ़ने से गन्ना समय से पिर जाएगा। जिले की खांडसारी इकाइयों द्वारा इस साल बिजनौर चीनी मिल जैसे तीन चीनी मिलों के बराबर गन्ना पेराई की संभावना है। खांडसारी इकाइयों से दिल्ली, बिहार,राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों के व्यापारियों ने गुड़ खरीद के लिए संपर्क करना शुरू कर दिया हैं।
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बिजनौर। जिले में इस साल पिछले पेराई सीजन के मुकाबले अधिक संख्या में खांडसारी इकाई संचालित हो रही हैं। इकाइयों ने अक्तूबर माह तक पिछले साल के मुकाबले चार गुना से अधिक गन्ना पेराई की है। इससे गेहूं की बुवाई अधिक रकबे में हो सकेगी।
सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि शासन ने खांडसारी इकाइयों के लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया आसान कर दी है। प्रक्रिया आनलाइन है तथा व्यापारी को घर बैठे लाइसेंस मिल रहा है। बिजनौर परिक्षेत्र मे 170 लाइसेंसीकृत खांडसारी इकाई हैं। इनमें 58 इकाई चल गई हैं, जिसमें 31 अक्तूबर तक साढे़ चार लाख क्विंटल से अधिक गन्ना पेराई कर 49 हजार क्विंटल गुड़ तैयार कर लिया है। गन्ना पेराई सीजन 2019-20 में 145 लाइसेंसधारक थे, इनमें मात्र 24 इकाई चली थीं और अक्तूबर तक एक लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर 12 हजार क्विंटल गुड़ तैयार किया था। सहायक आयुक्त के मुताबिक खांडसारी इकाइयों पर खूब गन्ना आ रहा है। किसान खेत खाली करने में लगा है। इस साल पिछले साल के मुकाबले अधिक रकबे मे गेहूं की बुवाई होगी।
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मौर्य ने बताया कि इस साल जिले में गन्ने का रकबा बढ़ा है। परंतु इसका असर गन्ना पेराई पर नहीं पड़ेगा। खांडसारी इकाइयों के बढ़ने से गन्ना समय से पिर जाएगा। जिले की खांडसारी इकाइयों द्वारा इस साल बिजनौर चीनी मिल जैसे तीन चीनी मिलों के बराबर गन्ना पेराई की संभावना है। खांडसारी इकाइयों से दिल्ली, बिहार,राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों के व्यापारियों ने गुड़ खरीद के लिए संपर्क करना शुरू कर दिया हैं।
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