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खांडसारी इकाइयों ने पेरा 90 लाख क्विंटल गन्ना
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खांडसारी इकाइयों ने पेरा 90 लाख क्विंटल गन्ना
बिजनौर। जिले की खांडसारी इकाइयों पर चालू पेराई सीजन में गन्ने की कमी नहीं रही है। इकाइयों ने छह माह में नब्बे लाख क्विंटल से अधिक गन्ना पेरा है। इससे चीनी मिलों पर गन्ने का दवाब कम हुआ है। वहीं, मौसम में बदलाव आने के साथ ही गन्ने की रिकवरी पर असर पड़ने लगा है।
मौसम में बदलाव से इकाइयों की गन्ना रिकवरी कम होने लगी है। इसलिए इकाइयों को अगले सप्ताह से बंद करना शुरू कर दिया जाएगा। जिले में 76 खांडसारी इकाई संचालित हैं। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि सात मई तक बिजनौर परिक्षेत्र की 59 खांडसारी इकाइयों ने 67 लाख क्विंटल तथा धामपुर परिक्षेत्र की 17 इकाइयों ने करीब 25 लाख क्विंटल गन्ना पेरा है। बिजनौर चीनी मिल ने 38 लाख क्विंटल गन्ना पेरा है। खांडसारी इकाइयों ने नवंबर में पेराई शुरू की थी। इस प्रकार खांडसारी इकाइयों ने छह माह में बिजनौर चीनी मिल के दोगुना से ज्यादा गन्ना पेरा है। उन्होंने बताया कि तापमान का गन्ने की रिकवरी पर असर होता है। 25 मई के बाद इकाइयां बंद होनी शुरू हो जाएंगी। खांडसारी इकाई करीब चार लाख क्विंटल गन्ने की और पिराई करेंगी। कुछ इकाई के 31 मई तक चलने की संभावना है। जिले से मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान राज्य में गुड़ की जबरदस्त मांग रही है। किसान को गन्ने के रेट सही मिले हैं। जिले में गन्ने की अच्छी पैदावार है। शासन ने खांडसारी इकाइयों के लाइसेंस मंजूरी का सरलीकरण किया है। इसलिए अगले साल जिले की बंद सभी खांडसारी इकाइयों के चलने की संभावना है।
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बिजनौर। जिले की खांडसारी इकाइयों पर चालू पेराई सीजन में गन्ने की कमी नहीं रही है। इकाइयों ने छह माह में नब्बे लाख क्विंटल से अधिक गन्ना पेरा है। इससे चीनी मिलों पर गन्ने का दवाब कम हुआ है। वहीं, मौसम में बदलाव आने के साथ ही गन्ने की रिकवरी पर असर पड़ने लगा है।
मौसम में बदलाव से इकाइयों की गन्ना रिकवरी कम होने लगी है। इसलिए इकाइयों को अगले सप्ताह से बंद करना शुरू कर दिया जाएगा। जिले में 76 खांडसारी इकाई संचालित हैं। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि सात मई तक बिजनौर परिक्षेत्र की 59 खांडसारी इकाइयों ने 67 लाख क्विंटल तथा धामपुर परिक्षेत्र की 17 इकाइयों ने करीब 25 लाख क्विंटल गन्ना पेरा है। बिजनौर चीनी मिल ने 38 लाख क्विंटल गन्ना पेरा है। खांडसारी इकाइयों ने नवंबर में पेराई शुरू की थी। इस प्रकार खांडसारी इकाइयों ने छह माह में बिजनौर चीनी मिल के दोगुना से ज्यादा गन्ना पेरा है। उन्होंने बताया कि तापमान का गन्ने की रिकवरी पर असर होता है। 25 मई के बाद इकाइयां बंद होनी शुरू हो जाएंगी। खांडसारी इकाई करीब चार लाख क्विंटल गन्ने की और पिराई करेंगी। कुछ इकाई के 31 मई तक चलने की संभावना है। जिले से मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान राज्य में गुड़ की जबरदस्त मांग रही है। किसान को गन्ने के रेट सही मिले हैं। जिले में गन्ने की अच्छी पैदावार है। शासन ने खांडसारी इकाइयों के लाइसेंस मंजूरी का सरलीकरण किया है। इसलिए अगले साल जिले की बंद सभी खांडसारी इकाइयों के चलने की संभावना है।
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