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उपलब्धि: 26 साल उम्र, चार साल की तैयारी और पा ली यूपीएससी में 202वीं रैंक, काजल ने बढ़ाया बिजनौर का मान

Sat, 25 Sep 2021 01:01 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 25 Sep 2021 01:01 PM IST
सार

हल्दौर थाना क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर कला निवासी काजल (26) पुत्री देवेंद्र सिंह ने अपनी शुरूआती पढ़ाई अपनी रिश्तेदारी में रहकर सेंटमेरी स्कूल बिजनौर से की थी। इसके बाद वह वनस्थली राजस्थान चली गई और वहां से स्कूल की पढ़ाई पूरी की। 

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kajal from bijnor secured 202nd rank in upsc
काजल - फोटो : amar ujala

विस्तार

शुक्रवार की शाम यूपीएससी का परिणाम घोषित हुआ तो हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर कला की काजल ने 202वीं रैंक पाकर बिजनौर जिले का गौरव बढ़ा दिया। करीब चार साल की सेल्फ स्टडी और खुद पर भरोसे के दम पर किसान परिवार में जन्मी काजल ने मात्र 26 साल की उम्र में यह सफलता पा ली। काजल की सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं 202 वीं रैंक पर उन्हें आईपीएस कैडर मिलने की उम्मीद है।

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हल्दौर थाना क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर कला निवासी काजल (26) पुत्री देवेंद्र सिंह ने अपनी शुरूआती पढ़ाई अपनी रिश्तेदारी में रहकर सेंटमेरी स्कूल बिजनौर से की थी। इसके बाद वह वनस्थली राजस्थान चली गई और वहां से स्कूल की पढ़ाई पूरी की। कुछ समय के लिए कोटा में कोचिंग ली। इसके बाद इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया। करीब 2017 में यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी और कई तरह की परीक्षाएं दी और एक के बाद एक कई परीक्षाएं पास की और अब यूपीएससी में 202वीं रैंक पाकर परिवार के साथ-साथ जिले का गौरव भी बढ़ाया।
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काजल से परीक्षा की तैयारी और सफलता को लेकर बातचीत के कुछ अशं
सवाल 
-कैसे यूपीएससी की तैयारी करने का ख्याल मन में आया, आप को इलेक्ट्रिकल से इंजीनियरिंग कर रही थी। किससे प्रेरणा ली?

उत्तरः ग्रेजुएशन करते हुए मैंने देखा कि यूपीएससी के द्वारा सर्विस में आने वाले लोग कितने प्रभावी होते हैं। उनके संपर्क में कितने लोग आते हैं। बस फिर तैयारी शुरू कर दी। ऐसे तो किसी को देखकर प्रेरणा नहीं ली थी।
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सवालः तैयारी कब से शुरू कर दी थी और किस तरह तैयारी की?
उत्तरःमैंने तैयारी कॉलेज के बाद ही शुरू कर दी थी। मुझे याद है 2017 से मैने तैयारी शुरू कर दी थी। शुरूआत में मैंने कोचिंग की थी। इसके बाद अधिकांश समय सेल्फ स्टडी की। इस परीक्षा के लिए भी मैंने सेल्फ स्टडी ही की है।

सवालः इससे पहले कोई और परीक्षा भी दी है आपने?
उत्तरः मैंने 2019 में इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस में 30 वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद 2020 में यूपीपीसीएस में 36 वीं रैंक हासिल की थी। अब यूपीएससी में 202 वीं रैंक हासिल की हैं। मुझे उम्मीद है कि आईपीएस कैडर मिल सकता है।

सवालः पारिवारिक पृष्टभूमि क्या है, कैसे आप इस सफलता तक पहुंचीं?
उत्तरः मेरे पिता किसान हैं और घर पर खेती होती है। हमारे ईंट भट्टा भी चलता है। मुझे पढ़ाई में मेरे परिवार ने बहुत साथ दिया। केवल किताबों पर ही निर्भता नहीं रही, प्रयोगात्मकता पर भी जोर रहा।


सवालः सालों से इस परीक्षा में जुटने वालों को क्या संदेश देंगी? ताकि वह भी सफल हो सकें
उत्तरः मैं तो केवल अपने अनुभव के तौर कह सकती हूं कि सही दिशा में खुद से की गई तैयारी भी सफलता दिला सकती है। हमेशा गलतियों से सीखना चाहिए और उन्हें सुधारना चाहिए। विश्वास के बल पर एक न एक दिन सफलता निश्चित ही मिल जाती है।

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