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वाजिदपुरवीरू के जूनि. हाईस्कूल में कायाकल्प के तहत कार्य अधूरा
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वाजिदपुरवीरू के जूनि. हाईस्कूल में कायाकल्प के तहत कार्य अधूरा
धामपुर। एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने शुक्रवार को क्षेत्र के कई प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूलों का मिशन प्रेरणा के तहत निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि बाजिदपुर वीरू के जूनियर हाई स्कूल में कायाकल्प योजना के तहत मानक अनुरूप का नहीं हुआ है। प्रधान ने स्कूल में सबमर्सिबल और बच्चों के हाथ धोने के लिए टोटियां नहीं लगवाईं। एसडीएम ने इस पर आपत्ति जताते हुए निवर्तमान प्रधान को कार्य योजना के मुताबिक अधूरे कार्य को तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए।
एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने शुक्रवार को गांव जैतरा के प्राथमिक विद्यालय प्रथम का निरीक्षण किया। यहां पर 90 बच्चे पंजीकृत हैं और तीन शिक्षामित्रों सहित छह शिक्षक कार्यरत हैं। इसी गांव के संविलियन विद्यालय का दौरा किया, यहां पर 218 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षामित्रों सहित 14 शिक्षक तैनात हैं। बताया गया कि इस विद्यालय में शिक्षक और छात्र अनुपात की दृष्टि से शिक्षकों की तैनाती ज्यादा है। बाजिदपुर वीरू प्राइमरी विद्यालय में पाया कि यहां पंजीकृत 122 बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन शिक्षामित्रों सहित आठ शिक्षक कार्यरत हैं। बाजीतपुर वीरू के जूनियर हाईस्कूल में कायाकल्प योजना के तहत हुआ कार्य मानक विपरीत पाया गया। इस स्कूल में काम तो हुआ है लेकिन अधिकांश अपूर्ण है। स्कूल में सबमर्सिबल नहीं है। न ही प्रधान ने हैंडपलवॉश बनवाया है। जबकि इन दोनों का होना जरूरी है। एसडीएम ने निवर्तमान प्रधान से अधूरे कार्य को कार्ययोजना के तहत पूरा करने के निर्देश दिए। इस स्कूल में में 209 पंजीकृत बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन अनुदेशकों सहित नौ शिक्षकों की तैनाती हैं।
मानपुर शिवपुरी के प्राथमिक विद्यालय में कायाकल्प के मानकों के अनुरूप पाया गया। इस स्कूल में 132 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां तीन शिक्षामित्रों सहित छह शिक्षक तैनात हैं जबकि शिक्षकों की संख्या अधिक होनी चाहिए। एसडीएम ने सभी शिक्षकों से समय से विद्यालय पहुंचने और शासन के दिशा निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की मंशा है कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता देश के अन्य राज्यों की तुलना में बढ़िया हो। सरकार का पूरा जोर प्राथमिक शिक्षा के पुराने ढर्रे को सुधारने पर है इसलिए वे समय से विद्यालय पहुंचें और सरकार के दिशा निर्देशों का निर्धारित समय में पालन कर शिक्षा की गुणवत्ताऔर गरिमा को बनाए रखें। निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी योगेश पाल मौजूद रहे।
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धामपुर। एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने शुक्रवार को क्षेत्र के कई प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूलों का मिशन प्रेरणा के तहत निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि बाजिदपुर वीरू के जूनियर हाई स्कूल में कायाकल्प योजना के तहत मानक अनुरूप का नहीं हुआ है। प्रधान ने स्कूल में सबमर्सिबल और बच्चों के हाथ धोने के लिए टोटियां नहीं लगवाईं। एसडीएम ने इस पर आपत्ति जताते हुए निवर्तमान प्रधान को कार्य योजना के मुताबिक अधूरे कार्य को तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए।
एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने शुक्रवार को गांव जैतरा के प्राथमिक विद्यालय प्रथम का निरीक्षण किया। यहां पर 90 बच्चे पंजीकृत हैं और तीन शिक्षामित्रों सहित छह शिक्षक कार्यरत हैं। इसी गांव के संविलियन विद्यालय का दौरा किया, यहां पर 218 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षामित्रों सहित 14 शिक्षक तैनात हैं। बताया गया कि इस विद्यालय में शिक्षक और छात्र अनुपात की दृष्टि से शिक्षकों की तैनाती ज्यादा है। बाजिदपुर वीरू प्राइमरी विद्यालय में पाया कि यहां पंजीकृत 122 बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन शिक्षामित्रों सहित आठ शिक्षक कार्यरत हैं। बाजीतपुर वीरू के जूनियर हाईस्कूल में कायाकल्प योजना के तहत हुआ कार्य मानक विपरीत पाया गया। इस स्कूल में काम तो हुआ है लेकिन अधिकांश अपूर्ण है। स्कूल में सबमर्सिबल नहीं है। न ही प्रधान ने हैंडपलवॉश बनवाया है। जबकि इन दोनों का होना जरूरी है। एसडीएम ने निवर्तमान प्रधान से अधूरे कार्य को कार्ययोजना के तहत पूरा करने के निर्देश दिए। इस स्कूल में में 209 पंजीकृत बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन अनुदेशकों सहित नौ शिक्षकों की तैनाती हैं।
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मानपुर शिवपुरी के प्राथमिक विद्यालय में कायाकल्प के मानकों के अनुरूप पाया गया। इस स्कूल में 132 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां तीन शिक्षामित्रों सहित छह शिक्षक तैनात हैं जबकि शिक्षकों की संख्या अधिक होनी चाहिए। एसडीएम ने सभी शिक्षकों से समय से विद्यालय पहुंचने और शासन के दिशा निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की मंशा है कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता देश के अन्य राज्यों की तुलना में बढ़िया हो। सरकार का पूरा जोर प्राथमिक शिक्षा के पुराने ढर्रे को सुधारने पर है इसलिए वे समय से विद्यालय पहुंचें और सरकार के दिशा निर्देशों का निर्धारित समय में पालन कर शिक्षा की गुणवत्ताऔर गरिमा को बनाए रखें। निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी योगेश पाल मौजूद रहे।
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