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जलीलपुर-हस्तिनापुर के बीच पुल निर्माण शुरू
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 08 Nov 2015 12:45 AM IST
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जलीलपुर। पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद क्षेत्रीय जनता के लिए राहत वाली खबर है। जलीलपुर और हस्तिनापुर के बीच गंगा नदी पर 17 करोड़ खर्च कर बजट के अभाव में पिछले सात वर्षों से अधूरा पड़ा पुल का निर्माण कार्य फिर से शुरू हो गया है।
जलीलपुर और हस्तिनापुर के बीच वर्ष 2008 में गंगा नदी पर राज्य सेतु निगम द्वारा पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था जो बाद में बजट के अभाव में फंस गया। शुरू में पुल की अनुमानित निर्माण लागत 15 करोड़ रुपये और लंबाई 695 मीटर रखी गई।
गंगा में बाढ़ के बाद रुड़की से आई तकनीकी टीम ने पुल की लंबाई 840 मीटर करने की सलाह दी। बसपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ पुल निर्माण बसपा के ही शासन में बजट के अभाव में रुक गया। करीब 17 करोड़ रुपये खर्च कर पुल का अधिकांश बेस तैयार हो चुका था।
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जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद अब फिर से पुल निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। अब की बार राज्य सेतु निगम जोर शोर से तैयारी में है।
फिलहाल 50 लाख रुपया राज्य सेतु निगम की निर्माण इकाई को मिल गया है और प्रोजेक्ट को पूर्ण करने के लिए राज्य व्यय समिति ने 13 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को अनुमोदित कर दिया है।
राज्य सेतु निगम की निर्माण इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर सतीश कुमार ने बताया पुल का निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए जल्दी ही 13 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं।
लोनिवि को मिलेंगे 80 करोड़
राज्य सेतु निगम के अलावा छोईया नदी पर पुल बनाने और अप्रोच रोड का निर्माण करने के लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को 80 करोड़ रुपये की धनराशि मिलेगी सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत चुनाव के बाद लोनिवि को भी बजट मिलने की उम्मीद है।
नेताओं को नहीं खबर
कई साल से बजट के अभाव में गंगा नदी पर बनने वाला पुल अधूरा पड़ा है। पिछले कई दिनों से निर्माण इकाई ने जोर शोर से तैयारी शुरू कर निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया है और इसकी नेताओं को खबर तक नहीं है।
छात्र-छात्राओं को मेरठ में पढ़ाना होगा आसान
प्रोफेशनल और उच्च शिक्षा लेने वाले छात्र-छात्राओं को मेरठ में पढ़ाई करना आसान हो जाएगा। दूरी कम होने के साथ साथ यातायात के साधनों की संख्या भी बढ़ेगी, इस कारण मेरठ में शिक्षा लेना भी सुविधाजनक हो जाएगा।
उत्तराखंड और दिल्ली की दूरी भी होगी कम
जलीलपुर और हस्तिनापुर के बीच निर्माणाधीन पुल के बन जाने के बाद उत्तराखंड के रामनगर, काशीपुर आदि और बिजनौर जिले की तहसील चांदपुर धामपुर अमरोहा जिले के धनौरा नौगावा आदि की दूरी मेरठ और दिल्ली के लिए घटकर 30 से 70 किलोमीटर कम हो जाएगी।
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जलीलपुर और हस्तिनापुर के बीच वर्ष 2008 में गंगा नदी पर राज्य सेतु निगम द्वारा पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था जो बाद में बजट के अभाव में फंस गया। शुरू में पुल की अनुमानित निर्माण लागत 15 करोड़ रुपये और लंबाई 695 मीटर रखी गई।
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गंगा में बाढ़ के बाद रुड़की से आई तकनीकी टीम ने पुल की लंबाई 840 मीटर करने की सलाह दी। बसपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ पुल निर्माण बसपा के ही शासन में बजट के अभाव में रुक गया। करीब 17 करोड़ रुपये खर्च कर पुल का अधिकांश बेस तैयार हो चुका था।
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जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद अब फिर से पुल निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। अब की बार राज्य सेतु निगम जोर शोर से तैयारी में है।
फिलहाल 50 लाख रुपया राज्य सेतु निगम की निर्माण इकाई को मिल गया है और प्रोजेक्ट को पूर्ण करने के लिए राज्य व्यय समिति ने 13 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को अनुमोदित कर दिया है।
राज्य सेतु निगम की निर्माण इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर सतीश कुमार ने बताया पुल का निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए जल्दी ही 13 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं।
लोनिवि को मिलेंगे 80 करोड़
राज्य सेतु निगम के अलावा छोईया नदी पर पुल बनाने और अप्रोच रोड का निर्माण करने के लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को 80 करोड़ रुपये की धनराशि मिलेगी सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत चुनाव के बाद लोनिवि को भी बजट मिलने की उम्मीद है।
नेताओं को नहीं खबर
कई साल से बजट के अभाव में गंगा नदी पर बनने वाला पुल अधूरा पड़ा है। पिछले कई दिनों से निर्माण इकाई ने जोर शोर से तैयारी शुरू कर निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया है और इसकी नेताओं को खबर तक नहीं है।
छात्र-छात्राओं को मेरठ में पढ़ाना होगा आसान
प्रोफेशनल और उच्च शिक्षा लेने वाले छात्र-छात्राओं को मेरठ में पढ़ाई करना आसान हो जाएगा। दूरी कम होने के साथ साथ यातायात के साधनों की संख्या भी बढ़ेगी, इस कारण मेरठ में शिक्षा लेना भी सुविधाजनक हो जाएगा।
उत्तराखंड और दिल्ली की दूरी भी होगी कम
जलीलपुर और हस्तिनापुर के बीच निर्माणाधीन पुल के बन जाने के बाद उत्तराखंड के रामनगर, काशीपुर आदि और बिजनौर जिले की तहसील चांदपुर धामपुर अमरोहा जिले के धनौरा नौगावा आदि की दूरी मेरठ और दिल्ली के लिए घटकर 30 से 70 किलोमीटर कम हो जाएगी।