{"_id":"5d17a8b28ebc3e3ca568bec5","slug":"je-and-clerk-beaten","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेई और लिपिक को पीटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेई और लिपिक को पीटा
Sat, 29 Jun 2019 11:36 PM IST
NAVEEN GUPTA
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Sat, 29 Jun 2019 11:36 PM IST
विज्ञापन
कार्यालय में बिखरी फाइलें और कुर्सी पर बैठे जेई।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर के धामपुर में कार में सवार चार युवकों ने विनियमित क्षेत्र के कार्यालय में घुस कर जेई और लिपिक के साथ मारपीट की। कार्यालय में रखे अभिलेखों को उलट पलट दिया। दोनों कर्मचारियों ने आरोपियों से छूट कर सीओ कार्यालय में मौजूद पुलिस कर्मियों से मदद मांगी। आरोप है कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। घटना की तहरीर पुलिस को दे दी गई है।
विनियमित क्षेत्र के लिपिक योगेंद्र सिंह ने बताया कि जब वह शनिवार को दफ्तर में था। दोपहर करीब 12 बजे कार सवार चार युवक कार्यालय पहुंचे और किसी नक्शे की फाइल के बारे में पूछताछ की। उसने फाइल के संज्ञान में न होने की बात कही तो चारों ने गाली-गलौच करते हुए उसके साथ मारपीट की और अभिलेखों को टेबल से उठाकर जमीन पर फेंक दिया। शोर सुनकर कार्यालय में मौजूद जेई ओपी मालवीय ने मामले को शांत करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इसके बाद आरोपी धमकी देकर फरार हो गए। दोनों पीड़ितकार्रवाई की मांग को लेकर तुरंत ही निकट स्थित सीओ कार्यालय में पहुंचे लेकिन वहां सीओ नहीं मिले। उन्होंने सीओ कार्यालय में मौजूद पुलिस स्टाफ को मामले की जानकारी दी। आरोप है कि कार्रवाई करने की बजाय पुलिस स्टाफ ने उन्हें मदद के लिए 100 डायल पर फोन करने की सलाह दी। इसके बाद सूचना पर पहुंची 100 डायल के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो गए थे। जेई और लिपिक की ओर से घटना की तहरीर पुलिस को दे दी गई है। कोतवाल अरविंद मोहन शर्मा का कहना है कि पुलिस को तहरीर मिल गई है। जांच कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मदद से इंकार करने वालों पर होगी कार्रवाई: सीओ
सीओ महावीर सिंह राजावत ने बताया कि घटना के समय वह कार्यालय में नहीं थे। यदि मदद की गुहार करने पर कार्यालय के पुलिस स्टाफ ने इंकार किया है तो मामला गंभीर है। वह जांच कर ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
आरोपी कौन थे, नहीं जानते
जेई ओपी मालवीय व लिपिक योगेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपी कौन थे। वह नहीं जानते। चारों आरोपी नशे की हालत में थे।
विज्ञापन
विनियमित क्षेत्र के लिपिक योगेंद्र सिंह ने बताया कि जब वह शनिवार को दफ्तर में था। दोपहर करीब 12 बजे कार सवार चार युवक कार्यालय पहुंचे और किसी नक्शे की फाइल के बारे में पूछताछ की। उसने फाइल के संज्ञान में न होने की बात कही तो चारों ने गाली-गलौच करते हुए उसके साथ मारपीट की और अभिलेखों को टेबल से उठाकर जमीन पर फेंक दिया। शोर सुनकर कार्यालय में मौजूद जेई ओपी मालवीय ने मामले को शांत करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इसके बाद आरोपी धमकी देकर फरार हो गए। दोनों पीड़ितकार्रवाई की मांग को लेकर तुरंत ही निकट स्थित सीओ कार्यालय में पहुंचे लेकिन वहां सीओ नहीं मिले। उन्होंने सीओ कार्यालय में मौजूद पुलिस स्टाफ को मामले की जानकारी दी। आरोप है कि कार्रवाई करने की बजाय पुलिस स्टाफ ने उन्हें मदद के लिए 100 डायल पर फोन करने की सलाह दी। इसके बाद सूचना पर पहुंची 100 डायल के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो गए थे। जेई और लिपिक की ओर से घटना की तहरीर पुलिस को दे दी गई है। कोतवाल अरविंद मोहन शर्मा का कहना है कि पुलिस को तहरीर मिल गई है। जांच कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
मदद से इंकार करने वालों पर होगी कार्रवाई: सीओ
सीओ महावीर सिंह राजावत ने बताया कि घटना के समय वह कार्यालय में नहीं थे। यदि मदद की गुहार करने पर कार्यालय के पुलिस स्टाफ ने इंकार किया है तो मामला गंभीर है। वह जांच कर ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
आरोपी कौन थे, नहीं जानते
जेई ओपी मालवीय व लिपिक योगेंद्र सिंह का कहना है कि आरोपी कौन थे। वह नहीं जानते। चारों आरोपी नशे की हालत में थे।