फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   JCB runs in Kalagad, 42 government buildings, Jamindo

कालागढ़ में चली जेसीबी, 42 सरकारी इमारतें जमींदोज

Sun, 16 Sep 2018 12:07 AM IST
अमर उजाला/बिजनौर
अमर उजाला/बिजनौर Updated Sun, 16 Sep 2018 12:07 AM IST
विज्ञापन
JCB runs in Kalagad, 42 government buildings, Jamindo
कालागढ़ में इमारत को गिराती जेसीबी। - फोटो : अमर उजाला
कालागढ़ में  एनजीटी के आदेश पर शनिवार को कालागढ़ की केंद्रीय और नई कॉलोनी में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सरकारी इमारतों पर जेसीबी चलवाकर ध्वस्त करा दिया गया। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में चिह्नित 192 भवनों में से 42 को जमींदोज कर दिया गया। जनता के गुस्से को दरकिनार कर प्रशासन ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। यह कार्रवाई रविवार को भी जारी रहेगी। इससे कॉलोनी वासियों में दिनभर अफरातफरी मची रही।
विज्ञापन

सिंचाई विभाग की भूमि को वन विभाग को सौंपे जाने की कवायद के तहत प्रशासन ने शनिवार को कालागढ़ में सरकारी आवासों/ भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। पहले दिन पीएचसी, गढ़वाल विकास निगम गैस ऐजेंसी, विद्युत निगम, डाकघर, उपकोषागार, रामरहीम मिलन केंद्र धर्मशाला की विशाल इमारतों को जेसीबी से जमींदोज कराया गया। टीम को देख नई कालोनी के मुख्य मार्ग पर स्थित दुकानों और खोखो को दुकानदारों ने स्वयं हटा लिया। केंद्रीय कालोनी में पहुंची प्रशासन की टीम ने जब बड़ी संख्या में आवासों को ध्वस्त करना शुरू किया तो परिवारों में खलबली मच गई। पुलिस की मौजूदगी में कर्मियोें ने जबरन उनके सामान आवासों से निकालकर बाहर फेंक दिए। यहां परिवारों ने जमकर विरोध किया, लेकिन प्रशासन की सख्ती के बावजूद किसी की नहीं चली। क्षेत्रवासी अजमत अली, रहीस अहमद, तेजपाल सिंह का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें सामान तक निकालने का वक्त नहीं दिया। आते ही घर पर जेसीबी चला दी गई। विरोध करने पर पुलिस ने उन्हें लाठीचार्ज की धमकी दे डाली। इससे जनता सहम गई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने नई कॉलोनी में डी आवासीय क्षेत्र में मकानों को ध्वस्त कराया। सुरक्षा की दृष्टि से नई कॉलोनी बाजार को जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया। बाजार के लिए स्टेट बैंक शाखा से बैंक की चारदीवारी तोड़कर नया रास्ता बनाया गया।
विज्ञापन

 बता दें कि 192 भवनों को ध्वस्त करने का लक्ष्य एसडीएम कमलेश मेहता को दिया गया। उन्होंने बताया शाम तक नई कॉलोनी में 42 भवन ध्वस्त किए गए हैं। शाम तक सी आवासीय भवनों का ध्वस्तीकरण जारी था। थाने का भवन भी ध्वस्त किया जाना है। जनता ने कार्रवाई का तीन स्थानों पर विरोध किया है। अधिकारियों ने जनता को बताया कि शासन के आदेशों का पालन किया जा रहा है। किसी को बेवजह परेशान नहीं किया जा रहा है। बेदखली के लिए पहले ही नोटिस तामील कराया गया था। यह कार्रवाई रविवार तक जारी रह सकती है। इस दौरान सीओ जेआर जोशी, उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी, सहायक अभियंता एमके लखवाड़, रेंजर आरके भट्ट शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा : कालागढ़। सीओ जेआर जोशी ने बताया कि पौड़ी से पुलिस अधिकारी, आईआरबी, पीएसी, फायर सर्विस व पुलिस बल भारी संख्या में तैनात रहा। दोनों ही नाकों पर पुलिस तैनात है। महिला पुलिस भी अभियान में है। सतर्कता बरती जा रही है। जनता को कार्रवाई में सहयोग करने की अपील की गई। साथ ही हिदायत दी गई कि यदि विरोध हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी।
बाजार और यातायात बंद रहा
कालागढ़ में नगर में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान नई कालोनी और केंद्रीय कॉलोनी का बाजार बंद करा दिया गया। आवागमन पूरी तरह से बाधित कर दिया गया। बसों की सेवा बंद कर दी गई। यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप रही। पुलिस प्रशासन के इस रवैये का जनता ने भी जमकर विरोध किया।
भवनों में लगा कीमती सामान भी कर दिया ध्वस्त
कालागढ़  पुलिस ने प्रशासन ने आवास व भवनों में लगा कीमती सामान भी ध्वस्त कर दिया। भवनों से कीमती सामान निकालने का भी वक्त नहीं दिया गया।
 डाकघर के उप डाकपाल लक्ष्मी शंकर पाल ने बताया कि डाकघर भवन से पंखों को उतारने तक का समय नहीं दिया गया। नौ पंखे भवन के साथ ही ध्वस्त कर दिए गए। इसके अलावा अन्य आवासीय व भवनों में लगे कीमती सामान पानी की टंकी, मोटर को भी ध्वस्त कर दिया गया। 

आवास ध्वस्त होते देख बिलखने लगे
कई दशक से आवासों में परिवार के साथ रह रहे लोग आवास पर जेसीबी चलते ही बिलखने लगे। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन का कलेजा नहीं पसीजा। परिवारों का कहना है कि किसी का घर बनाने के बजाए उजाड़ा जा रहा है। वह कई दशक से इन आवासों में खुशहाली से अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर रहे थे। सरकार ने उनके साथ सौतेला रवैया अपनाया है। बिलखते परिवार सरकार को जमकर कोस रहे थे।

घरों से बाहर सामान देखकर हैरान हुए बच्चे
कालागढ़ में  प्रशासन की बेदखली की कार्रवाई ने बच्चों की भूख प्यास भी छीन ली। बच्चे घरों से बाहर सामान देखकर अवाक रह गए। शनिवार को सुबह अपने घरों से स्कूल कालेज गए बच्चे जब वापस घर पहुंचे तो सामान बाहर निकला देखकर हैरान हो गए। वहीं घरों की दीवारों व छतों को जेसीबी ध्वस्त होता देख बच्चों की भूख प्यास काफूर हो गई। परिजन शकुंतला, राजवती, सीमा का कहना है कि प्रशासन ने बच्चों की पढ़ाई का भी ध्यान नहीं रखा। ऐसे समय में यह कार्रवाई की गई है। जब बच्चों की परीक्षा भी चल रही है। अब बच्चे कैसे पढ़ पाऐंगे। वह इन हालातों में कहां परिवार लेकर जाएं, इन सबके बावजूद राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता इस दु:खद घड़ी में उनके आंसू तक पोंछने नहीं आए।


अधिकारी बोले, अदालत के आदेश के सामने हम भी मजबूर
कालागढ़ आवासों में रह रहे परिवारों का रोना बिलखना अधिकारियों से भी नहीं देखा जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि वह कोर्ट के आदेश के आगे मजबूर हैं। कोर्ट का आदेश न होता तो वह कभी खुशहाल परिवारों को नहीं उजाड़ते। लेकिन कोर्ट के आदेशों का पालन करना उनकी मजबूरी है। कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर उन्होंने जनता को ढांढस बंधाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed