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Bijnor News: 40 घंटे से हो रही बारिश, जनजीवन अस्तव्यस्त, चार मकान गिरे
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बिजनौर। जिले में पिछले 40 घंटे से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। इस दौरान चार मकान गिर गए और रविवार को 125.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। गंगा का जलस्तर भी बढ़कर 219 मीटर पहुंच गया है।
मैदानी और पहाड़ी इलाकों में निरंतर बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को बिजनौर गंगा बैराज पर एक लाख 47 हजार क्यूसेक पानी बह रहा था। शनिवार को यह 55 हजार क्यूसेक था, जिससे 92 हजार क्यूसेक की बढ़ोतरी हुई। बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को सर्दी का एहसास हो रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार के मुकाबले तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी आई। नगीना स्थित कृषि वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार कुमार ने आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि इससे तापमान में और गिरावट आएगी। शहर में वाहन धीमी गति से चले। नगीना मार्ग पर गहरे गड्ढों में पानी भरने से राहगीर चोटिल हो रहे हैं।
-सितंबर में नवंबर जैसी ठंड का एहसास
बारिश से पहले अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बारिश के बाद तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले साल नवंबर माह में भी अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा था। ऐसे में इस साल सितंबर में ही नवंबर जैसी ठंड महसूस हो रही है।
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
जलीलपुर। मैदानी व पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से गंगा का जल-प्रवाह करीब सात गुना बढ़ गया है। एक लाख क्यूसेक से अधिक जल-प्रवाह होने पर खादर क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी घुसने की संभावना है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
चांदपुर के उप-जिलाधिकारी प्रशांत वर्मा ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ा है। उन्होंने ग्रामीणों से जलभराव वाले स्थानों की तरफ न जाने की अपील की। ग्रामीणों की मदद के लिए प्रशासनिक टीम तैयार है। सिंचाई खंड धामपुर के उप-मंडल अधिकारी पंकज कुमार जैन ने जानकारी दी। गंगा बैराज बिजनौर पर शाम चार बजे 1.5 लाख क्यूसेक पानी बह रहा था। भीमगोडा बैराज हरिद्वार से तीन बजे 1.8 लाख क्यूसेक पानी पास हो रहा था।
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बारिश होने से किसानों के सामने चारे का संकट
शेरकोट/धामपुर। खो नदी में रविवार शाम पानी का बहाव बढ़कर 33 हजार 667 क्यूसेक पहुंच गया, जिससे क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन गई है। दो दिन से हो रही बारिश के कारण किसानों के सामने पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है।
अफजलगढ़ सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता अरुण सचदेव और सिंचाई विभाग के अवर अभियंता हरवीर सिंह ने पानी के बढ़े हुए स्तर की पुष्टि की। हरेवली बैराज से भी करीब 4665 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया। धामपुर के चीनी मिल परिसर, सुंदरम ब्लॉक कॉलोनी और पुष्प निकेतन स्कूल में कई फीट पानी जमा है। नगर के बाड़वान, पहाड़ी दरवाजा और शेरकोट चुंगी जैसे कई मोहल्लों में भी जलभराव है। उपजिलाधिकारी नितिन कुमार ने बताया कि तहसील क्षेत्र में अभी तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
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पानी बढ़ने पर बनाई जाएगी रामगंगा जलविद्युत गृह से बिजली
कालागढ़। पहाड़ों और कालागढ़ में 36 घंटों की लगातार बारिश से रामगंगा बांध के जलाशय का जलस्तर बढ़ गया है। रविवार शाम चार बजे यह 359.360 मीटर दर्ज किया गया।
जलाशय का जलस्तर 30 सितंबर तक 364 मीटर तक पहुंचने का अनुमान है। रामगंगा जलविद्युत गृह को बिजली उत्पादन के लिए तैयार किया जा रहा है। नई कॉलोनी, केंद्रीय कॉलोनी और पुराना कालागढ़ में जलभराव की स्थिति है। नियंत्रण कक्ष ने कालागढ़ में 110 मिमी, बांध पर 80 मिमी और सैडिल बांध पर 83 मिमी वर्षा दर्ज की। अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार झा ने बताया कि बांध भर रहा है। पानी निकासी की आवश्यकता पर जलविद्युत गृह से बिजली बनाई जाएगी। उप महाप्रबंधक अंबरीश यादव के अनुसार, बिजली घर की दो टरबाइनें उत्पादन के लिए तैयार हैं। एक टरबाइन का अनुरक्षण कार्य जारी है।
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फसल गिरने से हुआ नुकसान
पैजनिया। तेज बारिश और हवा से धान व गन्ने की फसल को भारी नुकसान हुआ है। वर्षा के साथ तेज हवा चलने से फसलें गिर गईं। रमन त्यागी समेत कई किसानों ने यह जानकारी दी। उन्होंने सरकार से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
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मैदानी और पहाड़ी इलाकों में निरंतर बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को बिजनौर गंगा बैराज पर एक लाख 47 हजार क्यूसेक पानी बह रहा था। शनिवार को यह 55 हजार क्यूसेक था, जिससे 92 हजार क्यूसेक की बढ़ोतरी हुई। बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को सर्दी का एहसास हो रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार के मुकाबले तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी आई। नगीना स्थित कृषि वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार कुमार ने आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि इससे तापमान में और गिरावट आएगी। शहर में वाहन धीमी गति से चले। नगीना मार्ग पर गहरे गड्ढों में पानी भरने से राहगीर चोटिल हो रहे हैं।
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-सितंबर में नवंबर जैसी ठंड का एहसास
बारिश से पहले अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बारिश के बाद तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले साल नवंबर माह में भी अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा था। ऐसे में इस साल सितंबर में ही नवंबर जैसी ठंड महसूस हो रही है।
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
जलीलपुर। मैदानी व पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से गंगा का जल-प्रवाह करीब सात गुना बढ़ गया है। एक लाख क्यूसेक से अधिक जल-प्रवाह होने पर खादर क्षेत्र के निचले इलाकों में पानी घुसने की संभावना है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
चांदपुर के उप-जिलाधिकारी प्रशांत वर्मा ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ा है। उन्होंने ग्रामीणों से जलभराव वाले स्थानों की तरफ न जाने की अपील की। ग्रामीणों की मदद के लिए प्रशासनिक टीम तैयार है। सिंचाई खंड धामपुर के उप-मंडल अधिकारी पंकज कुमार जैन ने जानकारी दी। गंगा बैराज बिजनौर पर शाम चार बजे 1.5 लाख क्यूसेक पानी बह रहा था। भीमगोडा बैराज हरिद्वार से तीन बजे 1.8 लाख क्यूसेक पानी पास हो रहा था।
बारिश होने से किसानों के सामने चारे का संकट
शेरकोट/धामपुर। खो नदी में रविवार शाम पानी का बहाव बढ़कर 33 हजार 667 क्यूसेक पहुंच गया, जिससे क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन गई है। दो दिन से हो रही बारिश के कारण किसानों के सामने पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है।
अफजलगढ़ सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता अरुण सचदेव और सिंचाई विभाग के अवर अभियंता हरवीर सिंह ने पानी के बढ़े हुए स्तर की पुष्टि की। हरेवली बैराज से भी करीब 4665 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया। धामपुर के चीनी मिल परिसर, सुंदरम ब्लॉक कॉलोनी और पुष्प निकेतन स्कूल में कई फीट पानी जमा है। नगर के बाड़वान, पहाड़ी दरवाजा और शेरकोट चुंगी जैसे कई मोहल्लों में भी जलभराव है। उपजिलाधिकारी नितिन कुमार ने बताया कि तहसील क्षेत्र में अभी तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
पानी बढ़ने पर बनाई जाएगी रामगंगा जलविद्युत गृह से बिजली
कालागढ़। पहाड़ों और कालागढ़ में 36 घंटों की लगातार बारिश से रामगंगा बांध के जलाशय का जलस्तर बढ़ गया है। रविवार शाम चार बजे यह 359.360 मीटर दर्ज किया गया।
जलाशय का जलस्तर 30 सितंबर तक 364 मीटर तक पहुंचने का अनुमान है। रामगंगा जलविद्युत गृह को बिजली उत्पादन के लिए तैयार किया जा रहा है। नई कॉलोनी, केंद्रीय कॉलोनी और पुराना कालागढ़ में जलभराव की स्थिति है। नियंत्रण कक्ष ने कालागढ़ में 110 मिमी, बांध पर 80 मिमी और सैडिल बांध पर 83 मिमी वर्षा दर्ज की। अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार झा ने बताया कि बांध भर रहा है। पानी निकासी की आवश्यकता पर जलविद्युत गृह से बिजली बनाई जाएगी। उप महाप्रबंधक अंबरीश यादव के अनुसार, बिजली घर की दो टरबाइनें उत्पादन के लिए तैयार हैं। एक टरबाइन का अनुरक्षण कार्य जारी है।
फसल गिरने से हुआ नुकसान
पैजनिया। तेज बारिश और हवा से धान व गन्ने की फसल को भारी नुकसान हुआ है। वर्षा के साथ तेज हवा चलने से फसलें गिर गईं। रमन त्यागी समेत कई किसानों ने यह जानकारी दी। उन्होंने सरकार से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।