{"_id":"619d2ce3b59c9c21f70ef8bb","slug":"it-is-necessary-to-brainstorm-on-the-inclusion-of-moral-qualities-bijnor-news-mrt5660693115","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैतिक गुणों के समावेश पर मंथन जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैतिक गुणों के समावेश पर मंथन जरूरी
विज्ञापन
नैतिक गुणों के समावेश पर मंथन जरूरी
बिजनौर। विवेक कॉलेज के समाज कार्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से एसिड अटैक जेंडर बेस्ड वाइलेंस पर दो दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थानों के प्रवक्ताओं ने विचार रखे। आज के समय में नैतिक गुणों के समावेश पर मंथन की जरूरत पर जोर देने की अपील की गई।
विशेष अतिथि एसिड पीड़िता रहीं अंशु राजपूत ने बताया कि उन पर 50 वर्षीय व्यक्ति द्वारा तेजाब फेंका गया। इसके बाद भी अपराधी को समाज ने स्वीकार कर लिया और उनसे भेदभाव किया। अंशु ने कहा कि इस दौरान उनके माता-पिता उनके प्रेरणा स्त्रोत बने। बताया कि आज वे शीरोज संस्था से जुड़ी हैं और इस तरह की पीड़िताओं को न्याय दिला रही हैं। मुख्य अतिथि पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रोफेसर केएल वर्मा ने कहा कि आज के समय नैतिक गुणों के समावेश पर मंथन की जरूरत है। इस प्रकार के शैक्षिक कार्यक्रम ही हमारे समाज को जागरूक करेंगे।
मार्था फैरेल फाउंडेशन निदेशक डॉ. नंदिता भट्ट ने कहा कि बदले की भावना व स्वयं को महिलाओं से ऊपर मानना ऐसे हमलों के कारण है। ये कृत्य केवल शैक्षिक संस्थानों व विद्यार्थियों के जागरूक होने पर ही समाप्त होंगे।
विज्ञापन
लखनऊ विवि समाज कार्य विभागाध्यक्ष डॉ.अनूप कुमार ने बताया कि तेजाब सरलता से मिल जाना इन हमलों का सबसे बड़ा कारण है। तेजाब फेंकने वाले आरोपियों के लिए कानून को और सख्त बनाने की जरूरत है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के समाज कार्य संकाय के प्रोफेसर संजय ने कहा कि ऐसे हमलों के पीछे विशेष प्रकार की मानसिकता जिम्मेदार है। महाविद्यालय निदेशक व वित सलाहकार अनिल शर्मा आगे भी ऐसे कार्यक्रम करने की बात कही। समाज कार्य विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य समाज और विद्यार्थियों में संवेदना जगाना है। कॉलेज सचिव इंजीनियर दीपक मित्तल जी ने कहा कि वेबिनार समाज की सोच बदलने में मील के पत्थर का काम करेगा।
विज्ञापन
बिजनौर। विवेक कॉलेज के समाज कार्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से एसिड अटैक जेंडर बेस्ड वाइलेंस पर दो दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थानों के प्रवक्ताओं ने विचार रखे। आज के समय में नैतिक गुणों के समावेश पर मंथन की जरूरत पर जोर देने की अपील की गई।
विशेष अतिथि एसिड पीड़िता रहीं अंशु राजपूत ने बताया कि उन पर 50 वर्षीय व्यक्ति द्वारा तेजाब फेंका गया। इसके बाद भी अपराधी को समाज ने स्वीकार कर लिया और उनसे भेदभाव किया। अंशु ने कहा कि इस दौरान उनके माता-पिता उनके प्रेरणा स्त्रोत बने। बताया कि आज वे शीरोज संस्था से जुड़ी हैं और इस तरह की पीड़िताओं को न्याय दिला रही हैं। मुख्य अतिथि पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रोफेसर केएल वर्मा ने कहा कि आज के समय नैतिक गुणों के समावेश पर मंथन की जरूरत है। इस प्रकार के शैक्षिक कार्यक्रम ही हमारे समाज को जागरूक करेंगे।
विज्ञापन
मार्था फैरेल फाउंडेशन निदेशक डॉ. नंदिता भट्ट ने कहा कि बदले की भावना व स्वयं को महिलाओं से ऊपर मानना ऐसे हमलों के कारण है। ये कृत्य केवल शैक्षिक संस्थानों व विद्यार्थियों के जागरूक होने पर ही समाप्त होंगे।
विज्ञापन
लखनऊ विवि समाज कार्य विभागाध्यक्ष डॉ.अनूप कुमार ने बताया कि तेजाब सरलता से मिल जाना इन हमलों का सबसे बड़ा कारण है। तेजाब फेंकने वाले आरोपियों के लिए कानून को और सख्त बनाने की जरूरत है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के समाज कार्य संकाय के प्रोफेसर संजय ने कहा कि ऐसे हमलों के पीछे विशेष प्रकार की मानसिकता जिम्मेदार है। महाविद्यालय निदेशक व वित सलाहकार अनिल शर्मा आगे भी ऐसे कार्यक्रम करने की बात कही। समाज कार्य विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य समाज और विद्यार्थियों में संवेदना जगाना है। कॉलेज सचिव इंजीनियर दीपक मित्तल जी ने कहा कि वेबिनार समाज की सोच बदलने में मील के पत्थर का काम करेगा।