{"_id":"592333e64f1c1b4173537002","slug":"investor-on-the-road","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क पर उतरे निवेशक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क पर उतरे निवेशक
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 23 May 2017 12:24 AM IST
विज्ञापन
पीएसीएल लिमिटेड वर्कर कल्याण समिति के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में पीएसीलएल में लगा रुपया वापस लेने के लिए निवेशकों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। रुपया वापस न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम उद्धव त्रिपाठी को सौंपा।
निवेशक टाउन हॉल से प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। ज्ञापन में बताया कि पीएसीएल लिमिटेड के द्वारा भूखंड देने के नाम पर एकमुश्त और किश्तों में भुगतान की योजना बनाई गई थी। देशभर से किसी ने अपनी बेटी की शादी, बच्चों की शिक्षा आदि के लिए जोड़े गए रुपये कंपनी में निवेश किए। इससे कंपनी का निवेश 49100 करोड़ तक जा पहुंचा।
इसके बाद कंपनी को प्रतिबंधित कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी निवेशकों का रुपया अब तक नहीं लौटाया गया है। कंपनी अधिकारियों के इस रवैये से निवेशक आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री से कंपनी की संपत्तियों को चिन्हित कर नीलाम करने और इसे राजस्व कर से मुक्त रखने, कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों एवं निवेशकों के पुनर्वास हेतु ठोस कदम उठाने, उनका पक्ष सुनने के लिए स्पेशल बेंच की मांग की है। इस दौरान जिलाध्यक्ष छोटे सिंह, रविशंकर गौतम, कमल कुमार, सत्यवीर चौधरी, अनवार हुसैन, जहीर खान, मनोज आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
निवेशक टाउन हॉल से प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। ज्ञापन में बताया कि पीएसीएल लिमिटेड के द्वारा भूखंड देने के नाम पर एकमुश्त और किश्तों में भुगतान की योजना बनाई गई थी। देशभर से किसी ने अपनी बेटी की शादी, बच्चों की शिक्षा आदि के लिए जोड़े गए रुपये कंपनी में निवेश किए। इससे कंपनी का निवेश 49100 करोड़ तक जा पहुंचा।
विज्ञापन
इसके बाद कंपनी को प्रतिबंधित कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी निवेशकों का रुपया अब तक नहीं लौटाया गया है। कंपनी अधिकारियों के इस रवैये से निवेशक आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री से कंपनी की संपत्तियों को चिन्हित कर नीलाम करने और इसे राजस्व कर से मुक्त रखने, कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों एवं निवेशकों के पुनर्वास हेतु ठोस कदम उठाने, उनका पक्ष सुनने के लिए स्पेशल बेंच की मांग की है। इस दौरान जिलाध्यक्ष छोटे सिंह, रविशंकर गौतम, कमल कुमार, सत्यवीर चौधरी, अनवार हुसैन, जहीर खान, मनोज आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन