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Bijnor News: दो करोड़ का निवेश... 498 करोड़ का लाभ दिखाया, हकीकत में सब लुट गया
Sat, 03 May 2025 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 03 May 2025 12:23 AM IST
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बिजनौर। भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त अफसर से साइबर ठगों ने दो करोड़ दस लाख की ठगी कर ली। साइबर ठगों ने एक फर्जी शेयर मार्केट एप पर उनके द्वारा दो करोड़ सात लाख नब्बे हजार रुपये लगाने के बाद 498 करोड़ का लाभ दिखा दिया। जब पैसा निकालने की बारी आई तो ठगी का पता चला। इस मामले में साइबर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। उधर, सेवनिवृत्त अफसर का परिवार ठगी होने के बाद से सदमे में हैं।
थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने भारतीय नौसेना में 35 सालों तक नौकरी की। अब रिटायर होने के बाद से गांव में रहने लगे जबकि उनका बेटा भारतीय सेना के मेडिकल कॉलेज पूणे से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस के अनुसार आठ मार्च को रिटायर अफसर को व्हाट्स ग्रुप में जोड़ा गया।
इस ग्रुप में एडमिन ने शेयर मार्केट में पैसा लगाने और मुनाफा कमाने की बात की। इसके बाद एक लिंक भेजकर एप को डाउनलोड कराया गया। एप के माध्यम से शेयर ट्रेडिंग शुरू कर दी। इसके बाद पीड़ित झांसे में आ गया और बिजनौर स्थित बैंक शाखा के खाते से 10 मार्च से 23 अप्रैल तक 51 ट्रांजक्शन में 84 लाख 90 हजार रुपये भेज दिए। इसके अलावा पीड़ित ने दूसरे बैंक खाते से एक करोड़ 23 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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कुल मिलाकर दो करोड़ सात लाख नब्बे हजार साइबर ठगों के बताए गए 17 खातों में भेज दिए। रुपया भेजने के दाैरान बचत का पैसा खत्म होने पर पीड़ित ने अपनी पेंशन पर 50 लाख रुपये का लोन भी ले लिया। एप पर पीड़ित के अकाउंट में 498 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया गया। मगर उक्त मुनाफे की रकम को निकालने का प्रयास किया गया तो वह पैसा नहीं मिला। इस रकम को निकालने के लिए पचास लाख की और डिमांड की गई तो उसे ठगी का अहसास हुआ।
n फिजूलखर्जी से जीवनभर बनाई दूरी, अब गवां दी रकम : सेवानिवृत्त अफसर ने जीवनभर फिजूलखर्ची नहीं की। अपने लिए कुछ महंगा सामान कभी नहीं खरीदा, परिवार वालों ने जो खरीद लिया, उसी में संतोष कर लिया। अब लालच में आकर मोटी रकम गवां दी। अब पीड़ित सदमे में है। उधर परिवार वालों ने पीड़ित का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिया है, जिससे और रकम ना चली जाए।
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थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने भारतीय नौसेना में 35 सालों तक नौकरी की। अब रिटायर होने के बाद से गांव में रहने लगे जबकि उनका बेटा भारतीय सेना के मेडिकल कॉलेज पूणे से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस के अनुसार आठ मार्च को रिटायर अफसर को व्हाट्स ग्रुप में जोड़ा गया।
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इस ग्रुप में एडमिन ने शेयर मार्केट में पैसा लगाने और मुनाफा कमाने की बात की। इसके बाद एक लिंक भेजकर एप को डाउनलोड कराया गया। एप के माध्यम से शेयर ट्रेडिंग शुरू कर दी। इसके बाद पीड़ित झांसे में आ गया और बिजनौर स्थित बैंक शाखा के खाते से 10 मार्च से 23 अप्रैल तक 51 ट्रांजक्शन में 84 लाख 90 हजार रुपये भेज दिए। इसके अलावा पीड़ित ने दूसरे बैंक खाते से एक करोड़ 23 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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कुल मिलाकर दो करोड़ सात लाख नब्बे हजार साइबर ठगों के बताए गए 17 खातों में भेज दिए। रुपया भेजने के दाैरान बचत का पैसा खत्म होने पर पीड़ित ने अपनी पेंशन पर 50 लाख रुपये का लोन भी ले लिया। एप पर पीड़ित के अकाउंट में 498 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया गया। मगर उक्त मुनाफे की रकम को निकालने का प्रयास किया गया तो वह पैसा नहीं मिला। इस रकम को निकालने के लिए पचास लाख की और डिमांड की गई तो उसे ठगी का अहसास हुआ।
n फिजूलखर्जी से जीवनभर बनाई दूरी, अब गवां दी रकम : सेवानिवृत्त अफसर ने जीवनभर फिजूलखर्ची नहीं की। अपने लिए कुछ महंगा सामान कभी नहीं खरीदा, परिवार वालों ने जो खरीद लिया, उसी में संतोष कर लिया। अब लालच में आकर मोटी रकम गवां दी। अब पीड़ित सदमे में है। उधर परिवार वालों ने पीड़ित का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिया है, जिससे और रकम ना चली जाए।