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खरपतवार से खाद बनाने के लिए प्रेरित
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खरपतवार से खाद बनाने के लिए किया प्रेरित
बिजनौर। किसानों को गन्ने की पत्ती जलाने से रोकने के लिए गन्ना विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। गांवों में जगह-जगह होर्डिंग्स व बैनर लगाकर किसानों से पत्ती जलाने के बजाए गलाकर खाद बनाने का आह्वान किया जाएगा। अभियान से किसानों को सीधे जोड़ा जाएगा।
जिले में साढ़े तीन लाख से अधिक किसान चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करते हैं। आमतौर पर किसान गन्ने की पैड़ी की छिलाई होने के बाद पत्ती को जला देते हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा फसल अवशेष जलाने के बजाए उसे गलाकर खाद बनाने को प्रेरित किया जा रहा है। जब किसानों को कागज की गन्ना पर्ची दी जाती थी तब पर्ची के पीछे पत्ती न जलाने के लिए संदेश लिखा जाता था। अब किसानों को गन्ना पर्ची मोबाइल पर एसएमएस के जरिये मिल रही है। अब किसानों को जागरूक करने के लिए विभाग होर्डिंग्स व बैनर, पोस्टर का सहारा लेगा। सभी चीनी मिलों के साथ साथ सभी गन्ना क्रय केंद्र पर ये लगाए जाएंगे। किसानों से पत्ती न जलाने की अपील की जाएगी। साथ ही ऐसे किसानों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा जो पत्ती खेत में ही जुतवा रहे हैं। वे बाकी किसानों को जागरूक करेंगे। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार कृषि यंत्रों से पत्ती को खेत में ही जुतवाया जा सकता है। यह पत्ती गलकर खेतों की उर्वरा शक्ति को बढ़ाती ही है। किसान खेतों में पत्ती न जलाएं और उसे गलाकर खेतों की उर्वरा शक्ति मजबूत करें। इसके लिए किसानों को बैनर, पोस्टर लगाकर जागरूक किया जाएगा।
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बिजनौर। किसानों को गन्ने की पत्ती जलाने से रोकने के लिए गन्ना विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। गांवों में जगह-जगह होर्डिंग्स व बैनर लगाकर किसानों से पत्ती जलाने के बजाए गलाकर खाद बनाने का आह्वान किया जाएगा। अभियान से किसानों को सीधे जोड़ा जाएगा।
जिले में साढ़े तीन लाख से अधिक किसान चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करते हैं। आमतौर पर किसान गन्ने की पैड़ी की छिलाई होने के बाद पत्ती को जला देते हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा फसल अवशेष जलाने के बजाए उसे गलाकर खाद बनाने को प्रेरित किया जा रहा है। जब किसानों को कागज की गन्ना पर्ची दी जाती थी तब पर्ची के पीछे पत्ती न जलाने के लिए संदेश लिखा जाता था। अब किसानों को गन्ना पर्ची मोबाइल पर एसएमएस के जरिये मिल रही है। अब किसानों को जागरूक करने के लिए विभाग होर्डिंग्स व बैनर, पोस्टर का सहारा लेगा। सभी चीनी मिलों के साथ साथ सभी गन्ना क्रय केंद्र पर ये लगाए जाएंगे। किसानों से पत्ती न जलाने की अपील की जाएगी। साथ ही ऐसे किसानों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा जो पत्ती खेत में ही जुतवा रहे हैं। वे बाकी किसानों को जागरूक करेंगे। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार कृषि यंत्रों से पत्ती को खेत में ही जुतवाया जा सकता है। यह पत्ती गलकर खेतों की उर्वरा शक्ति को बढ़ाती ही है। किसान खेतों में पत्ती न जलाएं और उसे गलाकर खेतों की उर्वरा शक्ति मजबूत करें। इसके लिए किसानों को बैनर, पोस्टर लगाकर जागरूक किया जाएगा।
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