{"_id":"62644aab32d1360a3c112773","slug":"inflation-hit-demand-for-20-carat-jewelery-increased-bijnor-news-mrt585769036","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगाई की मार, 20 कैरेट के जेवरों की बढ़ी मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंगाई की मार, 20 कैरेट के जेवरों की बढ़ी मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महंगाई की मार, 20 कैरेट के जेवरों की बढ़ी मांग
बिजनौर। यूं तो सोना खरीदने के मामले में लोग पहले शुद्धता को ज्यादा मायने देते थे, लेकिन महंगाई बढ़ी तो सोना खरीदने का चलन भी बदल गया। अब महंगाई के कारण बाजार में 18 और 20 कैरेट सोने के गहनों की मांग ज्यादा बढ़ गई है। इसका बड़ा कारण कम खर्च में ज्यादा मजबूत और वजन के गहने मिलना है। सराफा बाजार में शादी-ब्याह के लिए जिन गहनों की मांग है, वह 60 प्रतिशत 20 कैरेट और 20 प्रतिशत 18 कैरेट सोने के गहने शामिल हैं।
सोने पर लगातार महंगाई देखने को मिल रही है। शनिवार को बिजनौर सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने के दाम करीब 54 हजार तक रहे। ऐसे में महंगाई का असर शादी के लिए खरीदे जाने वाले गहनों पर भी पड़ा। गांवों के लोगों के लिए महंगाई का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। अब बाजार की बात करें तो सराफ के पास आने वाले लोग कम कीमत में ज्यादा गहने खरीदने के बारे में पूछते हैं। ऐसे में अब कम कैरेट के गहने चलन में बढ़ने लगे हैं।
तिरुपति ज्वैलर्स के संचालक दीपक अग्रवाल कहते हैं कि गहनों में सबसे ज्यादा मांग 20 कैरेट सोने की है। दुकानों पर आने वाले 60 प्रतिशत ग्राहक 20 कैरेट में ही गहने खरीदते हैं और हम भी मजबूती और मूल्य को देखते हुए इसी की सलाह देते हैं। इस समय 20 कैरेट सोने का मूल्य 45780 रुपये प्रति दस ग्राम चल रहा है।
विज्ञापन
एचयूआईडी हॉल मार्क से शुद्धता की पहचान
सराफ दीपक अग्रवाल ने बताया कि पहले शुद्धता मापने के लिए हॉल मार्क लगाया जाता था, लेकिन अब सरकार की ओर से इसे एचयूआईडी हॉल मार्क कर दिया गया है। एचयूआईडी हॉल मार्क में गहनों पर एक यूनिक आईडी भी दी जाती है। इससे एचयूआईडी की साइट पर जाकर डाला जाए तो गहने की पूरी डिटेल मिल जाती है कि यह कहां से बना और यह कितने कैरेट का था।
पक्का बिल लें तो नहीं होगी धोखाधड़ी
कुछ गहनों को बिना बिल ही बेच दिए जाते हैं, वहां पर सोने में गड़बड़ी की ज्यादा आशंका होती है। पक्का बिल लेने पर कोई भी सराफ गहने में गड़बड़ी करने से बचता है। बिल के साथ गहने की जांच कराई जा सकती है। गड़बड़ी आने पर सराफ ही जिम्मेदार होंगे। हालांकि अधिकांश जगहों पर गहनों पर हॉल मार्क वाले गहने ही बेचे जा रहे हैं।
कैरेट के हिसाब से सोने के रेट प्रति दस ग्राम
24 कैरेट 54 हजार रुपये
22 कैरेट 50140 रुपये
20 कैरेट 45780 रुपये
18 कैरेट 40875 रुपये
(नोट: यह मूल्य शनिवार के हैं और तिरुपति ज्वैलर्स से लिए गए हैं।)
विज्ञापन
बिजनौर। यूं तो सोना खरीदने के मामले में लोग पहले शुद्धता को ज्यादा मायने देते थे, लेकिन महंगाई बढ़ी तो सोना खरीदने का चलन भी बदल गया। अब महंगाई के कारण बाजार में 18 और 20 कैरेट सोने के गहनों की मांग ज्यादा बढ़ गई है। इसका बड़ा कारण कम खर्च में ज्यादा मजबूत और वजन के गहने मिलना है। सराफा बाजार में शादी-ब्याह के लिए जिन गहनों की मांग है, वह 60 प्रतिशत 20 कैरेट और 20 प्रतिशत 18 कैरेट सोने के गहने शामिल हैं।
सोने पर लगातार महंगाई देखने को मिल रही है। शनिवार को बिजनौर सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने के दाम करीब 54 हजार तक रहे। ऐसे में महंगाई का असर शादी के लिए खरीदे जाने वाले गहनों पर भी पड़ा। गांवों के लोगों के लिए महंगाई का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। अब बाजार की बात करें तो सराफ के पास आने वाले लोग कम कीमत में ज्यादा गहने खरीदने के बारे में पूछते हैं। ऐसे में अब कम कैरेट के गहने चलन में बढ़ने लगे हैं।
विज्ञापन
तिरुपति ज्वैलर्स के संचालक दीपक अग्रवाल कहते हैं कि गहनों में सबसे ज्यादा मांग 20 कैरेट सोने की है। दुकानों पर आने वाले 60 प्रतिशत ग्राहक 20 कैरेट में ही गहने खरीदते हैं और हम भी मजबूती और मूल्य को देखते हुए इसी की सलाह देते हैं। इस समय 20 कैरेट सोने का मूल्य 45780 रुपये प्रति दस ग्राम चल रहा है।
विज्ञापन
एचयूआईडी हॉल मार्क से शुद्धता की पहचान
सराफ दीपक अग्रवाल ने बताया कि पहले शुद्धता मापने के लिए हॉल मार्क लगाया जाता था, लेकिन अब सरकार की ओर से इसे एचयूआईडी हॉल मार्क कर दिया गया है। एचयूआईडी हॉल मार्क में गहनों पर एक यूनिक आईडी भी दी जाती है। इससे एचयूआईडी की साइट पर जाकर डाला जाए तो गहने की पूरी डिटेल मिल जाती है कि यह कहां से बना और यह कितने कैरेट का था।
पक्का बिल लें तो नहीं होगी धोखाधड़ी
कुछ गहनों को बिना बिल ही बेच दिए जाते हैं, वहां पर सोने में गड़बड़ी की ज्यादा आशंका होती है। पक्का बिल लेने पर कोई भी सराफ गहने में गड़बड़ी करने से बचता है। बिल के साथ गहने की जांच कराई जा सकती है। गड़बड़ी आने पर सराफ ही जिम्मेदार होंगे। हालांकि अधिकांश जगहों पर गहनों पर हॉल मार्क वाले गहने ही बेचे जा रहे हैं।
कैरेट के हिसाब से सोने के रेट प्रति दस ग्राम
24 कैरेट 54 हजार रुपये
22 कैरेट 50140 रुपये
20 कैरेट 45780 रुपये
18 कैरेट 40875 रुपये
(नोट: यह मूल्य शनिवार के हैं और तिरुपति ज्वैलर्स से लिए गए हैं।)