{"_id":"621bbececd96564abf76479c","slug":"indian-students-stranded-in-ukraine-reach-moldova-dhampur-news-mrt5786130103","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र मालडोवा पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र मालडोवा पहुंचे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र मालडोवा पहुंचे
शेरकोट। यूक्रेन में फंसे नगर के आधा दर्जन युवकों में से छात्रों का एक दल मालडोवा बॉर्डर व छात्रों का दूसरा दल रोमानिया बॉर्डर पर पहुंच चुका है। शेरकोट का यूक्रेन में फंसा कोई भी युवक फ्लाइट से इंडिया नहीं पहुंचा है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिजनों को चिंता सता रही है।
शेरकोट निवासी छात्र साकिब व मोहम्मद आकिब के परिजन आसिफ ने रविवार को बताया कि शेरकोट के फंसे आधा दर्जन छात्रों में से एक दल मालडोवा सुरक्षित पहुंच गया है। उनकी रविवार को बच्चों से फोन पर बात हुई है। वहीं यूक्रेन में फंसे युवक सनाउररहमान के वालिद अताउर रहमान का कहना है कि जिस ग्रुप में उनका बेटा है। वह दल भी रोमानिया बॉर्डर पहुंच चुका है। लेकिन वहां आने वालों में भगदड़ सी मची है। जिसके चलते सभी बच्चे बदहवास स्थिति में एक दूसरे से बिछड़ गए हैं। अभी स्थिति काफी चिंताजनक है। वह बच्चों से लगातार संपर्क में है। बच्चों का कहना है कि वह प्रयास कर रहे है कि किसी तरह से सरकारी मदद से वह इंडिया आ जाएं। अभी शेरकोट का कोई भी युवक घर नहीं आ सका है। संवाद
विज्ञापन
शेरकोट। यूक्रेन में फंसे नगर के आधा दर्जन युवकों में से छात्रों का एक दल मालडोवा बॉर्डर व छात्रों का दूसरा दल रोमानिया बॉर्डर पर पहुंच चुका है। शेरकोट का यूक्रेन में फंसा कोई भी युवक फ्लाइट से इंडिया नहीं पहुंचा है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिजनों को चिंता सता रही है।
शेरकोट निवासी छात्र साकिब व मोहम्मद आकिब के परिजन आसिफ ने रविवार को बताया कि शेरकोट के फंसे आधा दर्जन छात्रों में से एक दल मालडोवा सुरक्षित पहुंच गया है। उनकी रविवार को बच्चों से फोन पर बात हुई है। वहीं यूक्रेन में फंसे युवक सनाउररहमान के वालिद अताउर रहमान का कहना है कि जिस ग्रुप में उनका बेटा है। वह दल भी रोमानिया बॉर्डर पहुंच चुका है। लेकिन वहां आने वालों में भगदड़ सी मची है। जिसके चलते सभी बच्चे बदहवास स्थिति में एक दूसरे से बिछड़ गए हैं। अभी स्थिति काफी चिंताजनक है। वह बच्चों से लगातार संपर्क में है। बच्चों का कहना है कि वह प्रयास कर रहे है कि किसी तरह से सरकारी मदद से वह इंडिया आ जाएं। अभी शेरकोट का कोई भी युवक घर नहीं आ सका है। संवाद
विज्ञापन