फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Increase in milk prices with mercury climbing

पारा चढ़ने के साथ दूध के दाम में भी बढ़ोतरी

Sun, 02 Jun 2019 11:48 PM IST
Deepak Sharma अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर Published by: Deepak Sharma Updated Sun, 02 Jun 2019 11:48 PM IST
विज्ञापन
Increase in milk prices with mercury climbing
cockroach milk - फोटो : Pensacola News Journal
बिजनौर में  गन्ने के बाद किसान की आमदनी का दूसरा मुख्य स्रोत माना जाने वाला दूध अब किसानों को मालामाल करेगा। बढ़ते पारे से दूध के दाम बढ़ते जा रहे हैं। सहकारिता क्षेत्र की पराग डेयरी ने दूध के दाम 39 रुपये प्रति लीटर कर दिए हैं। गांव के किसानों को दूध का आज तक इतना मूल्य कभी नहीं मिला है। शहरों के आसपास के गांवों में पहले ही दूध 50 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है।
विज्ञापन

जिले के किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं, लेकिन गन्ने के बाद किसानों को दूध का सहारा होता है। पहले किसान पारंपरिक तौर पर ही पशुपालन करते थे, लेकिन धीरे-धीरे कुछ साल पहले किसानों ने दुग्ध व्यवसाय को व्यावसायिक रूप देना शुरू कर दिया। इसके अच्छे परिणाम भी सामने आए और किसानों ने हर साल करोड़ों रुपये का दूध बेचा। पहले जिले में केवल सहकारी क्षेत्र की पराग डेयरी थी, लेकिन दूध का काम अच्छा होने के कारण प्राइवेट कंपनियों ने भी जिले में दूध की खरीदारी शुरू की। किसानों को दुग्ध उत्पादन से जोड़ने के लिए सरकार ने भी कई योजनाएं चलाईं। पिछले दो सालों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दूध के पाउडर के दाम गिरने से दूध की मांग में भारी कमी आई थी। दूध के दाम बहुत गिर गए थे, लेकिन इस साल दूध के पाउडर के दाम बढ़े हैं। इसका सीधा फायदा पशु पालकों व किसानों को हो रहा है। दूध के दाम इस साल बढ़ने शुरू हुए। अब पराग डेयरी ने दूध के दाम बढ़ाकर 39 रुपये प्रति लीटर कर दिए हैं। गांव के किसानों को दूध के इतने दाम आज तक नहीं मिले थे। दो साल पहले दूध के अधिकतम दाम 38 रुपये प्रति लीटर तक ही थे। अब दूध के दाम बढ़कर 39 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। प्राइवेट डेरियां भी दूध का मूल्य बढ़ा रही हैं। कुछ डेरियां 41 रुपये प्रति लीटर भी दूध खरीद रही हैं। अभी दूध के दाम और बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन

गांवों में खुलती हैं समितियां
डेरियां मुख्यत: गांवों से सात किलोमीटर दूर से दूध खरीदती हैं। इसकी वजह यह है कि शहरों के आसपास के गांवों से कॉलोनी वाले खुद ही दूध खरीद लेते हैं। इन गांव के किसानों को दूध के अच्छे दाम मिलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब दूधिया के भरोसे नहीं किसान
गांवों के किसान दूध की बिक्री के लिए पहले पूरी तरह से दूधिया पर ही निर्भर रहते थे। दूधिया द्वार दिए गए रेट से ही किसान को काम चलाना पड़ता था, लेकिन डेरियों द्वारा गांवों में दस्तक से किसानों की किस्मत चमकी है। किसानों को दूध के अच्छे दाम मिल रहे हैं।
नौ लाख लीटर दूध का उत्पादन रोज
कुछ साल पहले पराग डेयरी द्वारा कराए गए एक सर्वे के अनुसार जिले में करीब नौ लाख लीटर दूध का उत्पादन प्रतिदिन होता है। जिले में बड़ी संख्या में किसान दुग्ध पालन से जुड़े थे।

कई डेयरी हैं संचालित
जिले में प्राइवेट डेयरी नमस्ते इंडिया, गोपालजी, सहज, मदर डेयरी, जेके डेयरी, भोले भंडारी, अमूल आदि डेयरी दूध खरीद रही हैं। ये डेयरी भी 39 से 41 रुपये प्रति लीटर भाव पर दूध खरीद रही हैं।
मांग बढ़ी तो और बढ़ेंगे दाम
पराग डेयरी के स्थानीय प्रभारी एके तिवारी के अनुसार दूध के दाम 39 रुपये कर दिए गए हैं। मांग बढ़ने पर दूध के दाम और बढ़ाए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed