{"_id":"616f1302704dbd4f3627e615","slug":"in-the-fire-of-inflation-the-rain-did-the-work-of-adding-ghee-bijnor-news-mrt5613708174","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगाई की ‘आग’ में बारिश ने ‘घी’ डालने का किया काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंगाई की ‘आग’ में बारिश ने ‘घी’ डालने का किया काम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महंगाई की ‘आग’ में बारिश ने ‘घी’ डालने का किया काम
बिजनौर। एक ओर जहां लगातार पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ने से सब्जियों को माल भाड़ा बढ़ गया, वहीं बारिश के बाद से सब्जियों के दामों में मानों आग लग गई। कई सब्जियों के दाम बढ़े हैं, लेकिन सबसे ज्यादा परेशान टमाटर के दाम कर रहे हैं। मंडी में 40 तो शहर के मुख्य चौराहों पर लगी दुकानेें पर 80 रुपये किलो तक बिक रहा है। औसतन एक किलो में 10 से 12 टमाटर ही चढ़ते हैं, इस लिहाज से एक टमाटर का दाम सात से आठ रुपये पड़ रहा है। वहीं सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई के बिगड़ते बजट से महिलाओं की चिंता भी बढ़ने लगी है।
रविवार और सोमवार को हुई बारिश ने पिछले 18 सालों का नया कीर्तिमान बना दिया है। जिले में तीन दिन में रिकॉर्ड 230 एमएम बारिश हुई है। बारिश से पहले किसानों ने खेतों में आलू और सरसों की बुवाई शुरू कर दी थी। बारिश से इन फसलों के जमाव पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा। इसके अलावा खेतों में तैयार खड़ी सब्जी भी खेत में पानी भरने की वजह से गलने लगती है। चने की सब्जी तो हलकी बारिश भी नहीं झेल पाती है। ऐसे में बारिश का सबसे ज्यादा प्रकोप सब्जियों पर ही पड़ा है। सब्जियों के दाम बारिश थमने के अगले दिन से ही बढ़ने शुरू हो गए हैं। मंगलवार को हर सब्जी तीन से पांच रुपये प्रति किलो तक महंगी बिकी है। पेट्रोल और डीजल की वजह से बढ़ रही महंगाई की आग में बारिश ने घी डालने का काम किया है। सब्जियों के दामों में मौसम खुलने के पहले दिन ही उछाल आ गया है। इसके अलावा शहर में अलग अलग स्थानों पर भी सब्जी के दामों भी अलग अलग हैं। इससे रसोई का बजट बिगड़ता जा रहा है।
मंडी से घर तक पहुंचने में बढ़ रहे दाम
यदि सब्जियों के दामों की बात करें तो मंडी और चौराहों पर या आपके घर के पास रेहड़ी पर मिलने वाली सब्जियों के दाम में भारी अंतर है। जिस टमाटर के दाम फुटकर (शास्त्री चौक) में 80 रुपये किलो है, वहीं मंडी में 40 से 50 रुपये किलो तक मिल रहा है। ऐसे ही अन्य सब्जियों के दाम में भी बड़ा अंतर नजर आया।
विज्ञापन
सब्जियों के दाम पर एकनजर
सब्जी फुटकर सब्जी मंडी
गाजर 50 40
मूली 25 15
पालक 40 30
चना 60 50
शिमला मिर्च 110 80
लौकी 20 20
टमाटर 80 50
गोभी 50 40
आलू 16 14
नोट: सब्जियों के दाम प्रति किलोग्राम में हैं।
नहीं मिली राहत
नई बस्ती निवासी पूजा शर्मा के अनुसार सरकार ने कोरोना में स्कूल फीस में तो कोई राहत नहीं दी। अब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से सब्जी के दाम भी बढ़ रहे हैं। सब्जियों के दाम पर अंकुश लगना चाहिए।
सरकार दे ध्यान
शिखा शर्मा के परिवार में सात सदस्य हैं। वे बताती हैं कि सब्जी के दाम बढ़ने से परिवार का बजट गड़बड़ा जाता है। दाल और सब्जी दोनों के दाम बढ़ रहे हैं। सरकार को सब्जी और दालों पर हो रही महंगाई को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।
रसोई के बढ़ते बजट ने बढ़ा दी है चिंता
नगीना निवासी उमा शर्मा कंप्यूटर सेंटर चलाती हैं और पति की दुकान है। वे बताती हैं कि कोरोना की वजह से काम प्रभावित है। ऐसे में रसोई में ज्यादा खर्च होने से बजट गड़बड़ा जाता है। रसोई के खर्च में कटौती भी नहीं की जा सकती है। सब्जी, फल और दालों के दाम कम होने चाहिए।
विज्ञापन
बिजनौर। एक ओर जहां लगातार पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ने से सब्जियों को माल भाड़ा बढ़ गया, वहीं बारिश के बाद से सब्जियों के दामों में मानों आग लग गई। कई सब्जियों के दाम बढ़े हैं, लेकिन सबसे ज्यादा परेशान टमाटर के दाम कर रहे हैं। मंडी में 40 तो शहर के मुख्य चौराहों पर लगी दुकानेें पर 80 रुपये किलो तक बिक रहा है। औसतन एक किलो में 10 से 12 टमाटर ही चढ़ते हैं, इस लिहाज से एक टमाटर का दाम सात से आठ रुपये पड़ रहा है। वहीं सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई के बिगड़ते बजट से महिलाओं की चिंता भी बढ़ने लगी है।
रविवार और सोमवार को हुई बारिश ने पिछले 18 सालों का नया कीर्तिमान बना दिया है। जिले में तीन दिन में रिकॉर्ड 230 एमएम बारिश हुई है। बारिश से पहले किसानों ने खेतों में आलू और सरसों की बुवाई शुरू कर दी थी। बारिश से इन फसलों के जमाव पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा। इसके अलावा खेतों में तैयार खड़ी सब्जी भी खेत में पानी भरने की वजह से गलने लगती है। चने की सब्जी तो हलकी बारिश भी नहीं झेल पाती है। ऐसे में बारिश का सबसे ज्यादा प्रकोप सब्जियों पर ही पड़ा है। सब्जियों के दाम बारिश थमने के अगले दिन से ही बढ़ने शुरू हो गए हैं। मंगलवार को हर सब्जी तीन से पांच रुपये प्रति किलो तक महंगी बिकी है। पेट्रोल और डीजल की वजह से बढ़ रही महंगाई की आग में बारिश ने घी डालने का काम किया है। सब्जियों के दामों में मौसम खुलने के पहले दिन ही उछाल आ गया है। इसके अलावा शहर में अलग अलग स्थानों पर भी सब्जी के दामों भी अलग अलग हैं। इससे रसोई का बजट बिगड़ता जा रहा है।
विज्ञापन
मंडी से घर तक पहुंचने में बढ़ रहे दाम
यदि सब्जियों के दामों की बात करें तो मंडी और चौराहों पर या आपके घर के पास रेहड़ी पर मिलने वाली सब्जियों के दाम में भारी अंतर है। जिस टमाटर के दाम फुटकर (शास्त्री चौक) में 80 रुपये किलो है, वहीं मंडी में 40 से 50 रुपये किलो तक मिल रहा है। ऐसे ही अन्य सब्जियों के दाम में भी बड़ा अंतर नजर आया।
विज्ञापन
सब्जियों के दाम पर एकनजर
सब्जी फुटकर सब्जी मंडी
गाजर 50 40
मूली 25 15
पालक 40 30
चना 60 50
शिमला मिर्च 110 80
लौकी 20 20
टमाटर 80 50
गोभी 50 40
आलू 16 14
नोट: सब्जियों के दाम प्रति किलोग्राम में हैं।
नहीं मिली राहत
नई बस्ती निवासी पूजा शर्मा के अनुसार सरकार ने कोरोना में स्कूल फीस में तो कोई राहत नहीं दी। अब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से सब्जी के दाम भी बढ़ रहे हैं। सब्जियों के दाम पर अंकुश लगना चाहिए।
सरकार दे ध्यान
शिखा शर्मा के परिवार में सात सदस्य हैं। वे बताती हैं कि सब्जी के दाम बढ़ने से परिवार का बजट गड़बड़ा जाता है। दाल और सब्जी दोनों के दाम बढ़ रहे हैं। सरकार को सब्जी और दालों पर हो रही महंगाई को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।
रसोई के बढ़ते बजट ने बढ़ा दी है चिंता
नगीना निवासी उमा शर्मा कंप्यूटर सेंटर चलाती हैं और पति की दुकान है। वे बताती हैं कि कोरोना की वजह से काम प्रभावित है। ऐसे में रसोई में ज्यादा खर्च होने से बजट गड़बड़ा जाता है। रसोई के खर्च में कटौती भी नहीं की जा सकती है। सब्जी, फल और दालों के दाम कम होने चाहिए।

बिजनौर में सब्जी मंडी में सब्जी बेचते दुकानदार।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में सब्जी बेचता दुकानदान।- फोटो : BIJNOR