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मनरेगा में मोबाइल से फोटो खींचकर लगेगी हाजिरी

Fri, 25 Mar 2022 11:03 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Mar 2022 11:03 PM IST
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In MNREGA, attendance will be taken by taking photos from mobile
मनरेगा में मोबाइल से फोटो खींचकर लगेगी हाजिरी
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बिजनौर। मनरेगा के चालू वित्तीय वर्ष का बजट किनारे लग गया है। मनरेगा में मजदूरी भुगतान में भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे। जिस पर शासन ने योजना में मजदूरों का मस्टरोल में हेराफेरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है। अभी तक मजदूरों की हाजिरी कागजों अर्थात रजिस्टर में लग रही है। परंतु मार्च से मजदूरों की हाजिरी मोबाइल द्वारा फोटो के साथ लगेगी।
जिले में 1123 ग्राम पंचायत हैं। पंचायतों में रास्तों, पानी निकासी के नाले, तालाब, पंचायत घरों के निर्माण में मनरेगा में पंजीकृत मजदूर लगाए जाते हैं। शासन से मनरेगा मजदूरों का भुगतान होता है। पंचायत मजदूरी भुगतान के लिए काम करने वाले मजदूरों का मस्टरोल बनाकर शासन को भेजते हैं। मनरेगा कार्यालय का कामकाज देख रहे भूपेंद्र सिंह के अनुसार मनरेगा में दो लाख 53000 से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। जिनमें पौने दो लाख से अधिक क्रियाशील मजदूर हैं। मनरेगा मजदूर को काम मांगने पर दिया जाता है। शासन से मस्टरोल के अनुसार सीधा मजदूर को भुगतान होता है। पंचायतों में प्रतिदिन काम करने वाले मनरेगा मजदूरों का औसत संख्या करीब 11000 है। मनरेगा मजदूरों को पंचायतों व सरकारी काम के अतिरिक्त व्यक्तिगत काम भी दिया जाता है। पंचायतों में मजदूरों का मस्टरोल तैयार होता है। मजदूरों की प्रतिदिन हाजिरी रजिस्टर में लगाई जाती है।
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मार्च से हाजिरी की व्यवस्था बदली
शासन ने मजदूरों की हाजिरी लगाने की व्यवस्था बदल दी है। अभी तक पंचायतों में मजदूरों की हाजिरी कागजों अर्थात रजिस्टर में लगती है। आरोप है कि शासन को मस्टरोल में हेराफेरी की शिकायत मिल रही थी। मौके पर काम करने वाले मजदूरों की संख्या कम होती है। जबकि मस्टरोल में मजदूरों की संख्या अधिक दिखाने के आरोप है। मामले को गंभीरता से लिया गया है। जिस पर मजदूरों की हाजिरी की व्यवस्था बदल दी गई है। अब पंचायतों में मौके पर काम करने वाले मजदूरों की हाजिरी मोबाइल से लगेगी। मोबाइल में मस्टरोल फीड है। मजदूर का फोटो खिंचेगा। भूपेंद्र सिंह के मुताबिक शासन के मानकों के अनुसार 20 या अधिक मजदूरों की हाजिरी मोबाइल से तथा 20 से कम मजदूरों की हाजिरी कागजों अर्थात रजिस्टर में लगेगी। बताया मार्च की मजदूरी का भुगतान नई व्यवस्था के अनुसार होगा।
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वित्तीय वर्ष का बजट लगा किनारे
शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में मनरेगा एक है। जिले में मनरेगा योजना में बड़ी संख्या में मजदूरों को काम दिया जाता है। कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों के लिए मनरेगा योजना कारगर साबित हुई थी। प्रवासी श्रमिकों को खूब काम दिया गया। कार्यालय के अनुसार मनरेगा का वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट लक्ष्य 138 करोड़ है। बताया कि 25 मार्च तक 118 करोड़ का भुगतान हो गया है। पंचायतों में रास्ते, नाले निर्माण आदि के लिए करीब 14 करोड़ प्रस्तावित है। वित्तीय वर्ष का करीब छह करोड़ बकाया है।
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