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Bijnor News: मिलाजुला रहा भारत बंद का असर, किसानों ने किए प्रदर्शन
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अफजलगढ़ में बाजार बंद कराते भाकियू कार्यकर्ता
-कुछ जगहों पर गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों ने बंद कराई तौल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में भारत बंद कर असर मिला जुला नजर आया। कई जगह किसानों ने एकत्र होकर प्रदर्शन किए। एमएसपी गारंटी की मांग को दोहराया। क्रय केंद्र पर प्रदर्शन करते हुए किसानों ने कुछ केंद्रों पर तौल भी बंद कराई। अफजलगढ़, चंदक, मंडावर और बरुकी में किसानों ने बाजार भी बंद कराया।
किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा की ओर से शुक्रवार को ग्रामीण भारत बंद की अपील की गई थी। इस अपील पर किसान संगठनों ने कई जगहों पर प्रदर्शन किए। भाकियू के पदाधिकारियों ने बैठक कर केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताया। कहा कि सरकार एमएसपी की गारंटी पर आनाकानी कर रही है। एमएसपी मिलने तक किसानों का आंदोलन जा रही रहेगा।
अफजलगढ़ में भाकियू कार्यकर्ता ब्लाक अध्यक्ष मदन सिंह राणा के नेतृत्व में कार्यकर्ता लोनिवि के बंगले पर एकत्र हुए। यहां से प्रदर्शन करते हुए बाजार को बंद कराया। कादराबाद क्षेत्र में गुड़ कोल्हू बंद कराए। ब्लाॅक अध्यक्ष मदन सिंह राणा ने कहा कि सरकार एमएसपी कानून लागू करें। सरकार ने बहुत कम गन्ना मूल्य बढ़ाकर किसानों के हाथ में खिलौना थमाने का काम किया है। गन्ना मूल्य कम से कम 450 रुपया किया जाना चाहिए। जब तक सरकार एमएसपी कानून लागू नहीं करती और गन्ना मूल्य नही बढ़ाती है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे पीछे नही हटेंगें।
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इस मौके पर राणा सिंह सैनी, गुरविंदर सिंह, चिरंजीलाल, जगतार सिंह, विरसा सिंह, गुरमुख सिंह, वसीम अहमद,मोहम्मद रिजवान व जसपाल सिंह आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।गांव देहात के इलाकों में भारत बंद का असर देखने को मिला जबकि शहरों में बंद बेअसर रहा।
किसानों ने बंद कराई तौल, किया प्रदर्शन
धामपुर। अधिकांश किसानों ने बंद के दौरान खेती बाड़ी का काम नहीं किया। पूर्व तहसील अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता गांव के मटौरा मान के गन्ना केंद्र पर एकत्र हुए। उन्होंने गन्ना तौल को बंद करा केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
शुक्रवार को पूर्व तहसील अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार से किसानों को बर्बाद कर दिया है। दिल्ली बार्डर पर हुए आंदोलन के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को फसलों पर एमएसपी गारंटी रेट दिलाने , आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिजनों को मुआवजा देने का वायदा किया था। पर, आज तक सरकार की ओर से एक भी वायदे को पूरा नहीं किया जा सका है। प्रदेश सरकार ने महंगाई के दौर में गन्ने का मूल्य मात्र 20 रूपये की बढोत्तरी कर प्रदेश के किसानों के साथ क्रूर मजाक किया है।
इस मौके पर डॉक्टर महेंद्र पाल सिंह, कामेंद्र सिंह , हितेश्वर सिंह , तसलीम अहमद, रशीद अहमद, भूरे शाह, नेपाल सिंह, उदित कुमार , वरुण चौधरी, कौशल चौहान , बुध सिंह चौहान, अनिल कुमार, अंसार अहमद आदि रहे। ब्लाक महासचिव महेंद्र सिंह, तहसील अध्यक्ष कविराज सिंह,रामकुमार सिंह, नरदेव सिंह, इंद्रवीर सिंह आदि का कहना है कि कार्यकर्ताओं ने भारत बंद के दौरान खेतों में काम नहीं किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में भारत बंद कर असर मिला जुला नजर आया। कई जगह किसानों ने एकत्र होकर प्रदर्शन किए। एमएसपी गारंटी की मांग को दोहराया। क्रय केंद्र पर प्रदर्शन करते हुए किसानों ने कुछ केंद्रों पर तौल भी बंद कराई। अफजलगढ़, चंदक, मंडावर और बरुकी में किसानों ने बाजार भी बंद कराया।
किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा की ओर से शुक्रवार को ग्रामीण भारत बंद की अपील की गई थी। इस अपील पर किसान संगठनों ने कई जगहों पर प्रदर्शन किए। भाकियू के पदाधिकारियों ने बैठक कर केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताया। कहा कि सरकार एमएसपी की गारंटी पर आनाकानी कर रही है। एमएसपी मिलने तक किसानों का आंदोलन जा रही रहेगा।
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अफजलगढ़ में भाकियू कार्यकर्ता ब्लाक अध्यक्ष मदन सिंह राणा के नेतृत्व में कार्यकर्ता लोनिवि के बंगले पर एकत्र हुए। यहां से प्रदर्शन करते हुए बाजार को बंद कराया। कादराबाद क्षेत्र में गुड़ कोल्हू बंद कराए। ब्लाॅक अध्यक्ष मदन सिंह राणा ने कहा कि सरकार एमएसपी कानून लागू करें। सरकार ने बहुत कम गन्ना मूल्य बढ़ाकर किसानों के हाथ में खिलौना थमाने का काम किया है। गन्ना मूल्य कम से कम 450 रुपया किया जाना चाहिए। जब तक सरकार एमएसपी कानून लागू नहीं करती और गन्ना मूल्य नही बढ़ाती है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे पीछे नही हटेंगें।
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इस मौके पर राणा सिंह सैनी, गुरविंदर सिंह, चिरंजीलाल, जगतार सिंह, विरसा सिंह, गुरमुख सिंह, वसीम अहमद,मोहम्मद रिजवान व जसपाल सिंह आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।गांव देहात के इलाकों में भारत बंद का असर देखने को मिला जबकि शहरों में बंद बेअसर रहा।
किसानों ने बंद कराई तौल, किया प्रदर्शन
धामपुर। अधिकांश किसानों ने बंद के दौरान खेती बाड़ी का काम नहीं किया। पूर्व तहसील अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता गांव के मटौरा मान के गन्ना केंद्र पर एकत्र हुए। उन्होंने गन्ना तौल को बंद करा केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
शुक्रवार को पूर्व तहसील अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार से किसानों को बर्बाद कर दिया है। दिल्ली बार्डर पर हुए आंदोलन के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को फसलों पर एमएसपी गारंटी रेट दिलाने , आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिजनों को मुआवजा देने का वायदा किया था। पर, आज तक सरकार की ओर से एक भी वायदे को पूरा नहीं किया जा सका है। प्रदेश सरकार ने महंगाई के दौर में गन्ने का मूल्य मात्र 20 रूपये की बढोत्तरी कर प्रदेश के किसानों के साथ क्रूर मजाक किया है।
इस मौके पर डॉक्टर महेंद्र पाल सिंह, कामेंद्र सिंह , हितेश्वर सिंह , तसलीम अहमद, रशीद अहमद, भूरे शाह, नेपाल सिंह, उदित कुमार , वरुण चौधरी, कौशल चौहान , बुध सिंह चौहान, अनिल कुमार, अंसार अहमद आदि रहे। ब्लाक महासचिव महेंद्र सिंह, तहसील अध्यक्ष कविराज सिंह,रामकुमार सिंह, नरदेव सिंह, इंद्रवीर सिंह आदि का कहना है कि कार्यकर्ताओं ने भारत बंद के दौरान खेतों में काम नहीं किया।