फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Illegal occupation of 4300 acres of irrigation department

सिंचाई विभाग की 4300 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा

Sat, 29 Sep 2018 12:27 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर Updated Sat, 29 Sep 2018 12:27 AM IST
विज्ञापन
Illegal occupation of 4300 acres of irrigation department
धामपुर गन्ना समिति में मेले में जानकारी करते किसान। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में  गन्ना किसानों के फर्जी बांड की जांच के दौरान 4300 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का खुलासा हुआ है। यह जमीन सिंचाई विभाग की बताई जा रही है, लेकिन राजस्व अभिलेखों में इसपर पिछले करीब 70 साल से खेती होना दर्शाया जा रहा है और किसानों के बांड भी गन्ना समितियों हैं। गन्ना विभाग ने किसानों से खतौनी मांगी थी, लेकिन वह खतौनी उपलब्ध नहीं करा पाए। इसके बाद गन्ना विभाग ने ऐसे करीब 1500 किसानों को बांड समाप्त करने के नोटिस भेजे हैं। साथ ही सिंचाई विभाग को जांच कराने के लिए लिखा है। इससे किसानों मे हड़कंप मचा है।  
विज्ञापन




मामला अफजलगढ़ ब्लाक का है। शासन के निर्देश पर फर्जी बांड (सट्टों) के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। किसानों से उनके नाम अंकित खेती की जमीन की फर्द खतौनी मांगी जा रही है। ताकि पेराई सत्र शुरू होने से पहले पात्र किसानों का सही बांड निर्धारण हो सके। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि विभाग ने अफजलगढ़ ब्लॉक के दो दर्जन से अधिक गांवों के करीब 1500 किसानों से खेती की जमीनों की फर्द खतौनी मांगी थी। इन गांवों के किसानों के नाम करीब 4300 एकड़ जमीन है। इस जमीन पर ये किसान 70 साल से गन्ना पैदा कर रहे हैं। सभी किसानों के बांड बने हैं और किसान अफजलगढ़ व धामपुर चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई कर रहे हैं। गन्ना विभाग के कर्मचारियों द्वारा बार बार कृषि भूमि के राजस्व अभिलेख मांगे जाने पर खतौनी उपलब्ध नहीं कराई। अब उन्हें नोटिस भेज दिए गए हैं। यदि किसानों के जवाब संतोष जनक नही होंगे और वे खतौनी नहीं देते हैं तो नियमानुसार किसानों के बांड निरस्त किए जाएंगे। जमीन सिंचाई विभाग की है। जमीनों को खाली कराने का काम सिंचाई विभाग का है। उनके स्तर से सिंचाई विभाग के सक्षम अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन




इन गांवों में है कब्जा
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार अफजलगढ़ ब्लाक के गांव फतेहपुर धारा फार्म, जसपुर मौजा, रानी नांगल, छजमलवाला, कल्लूवाला, मालौनी, मोदीवाला, भिक्कावाला, कटारमल, रसूलपुरआबाद, प्रेमपुरी, बेरीखत्ता, खैरीखत्ता, ताजगंज, चाहड़वाला, भोगपुर, हरेवला, चंपतपुर चकला, शहजादपुर, लड्डूवाला, इस्लामनगर, मुरलीवाला फार्म, नवाबपुरा, रघुनाथपुर आदि दो दर्जन से अधिक गांव हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




अधिकारियों की भूमिका की होगी जांच
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के मुताबिक अफजलगढ़ ब्लाक की करीब 4300 एकड़ जमीन पर बिना राजस्व अभिलेखों के गन्ना पैदा कर रहे 1500 से अधिक किसानों  के बांड बनाए जाना चौंकाने वाला है। ये सट्टे 70 साल से चल रहे हैं। राजस्व अभिलेखों की जांच नहीं किया जाना गंभीर मामला। प्रथम दृष्टया मामले में बड़ा खेल हो सकता है। सट्टा बनाने में विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होगी। दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा।



क्या है बांड, क्या हुआ खेल
गन्ना उत्पादन करने वाले किसान और गन्ना समिति के बीच गन्ना सप्लाई के लिए होने वाला अनुबंध ही किसान का बांड है। किसान के पास कितनी जमीन है, कितनी में वह गन्ने की पैदावार ले रहा है। उसकी पिछले सालों में गन्ना सप्लाई के आधार पर बेसिक कोटे (सट्टे) का निर्धारण किया जाता है। इन मामलों में किसान के पास जमीन कम है, लेकिन वह गन्ना अधिक सप्लाई कर रहा है या जमीन उसके नाम पर नहीं है लेकिन वह गन्ना सप्लाई कर रहा है। इस तरह के फर्जी सट्टे के मामले जांच में सामने आ रहे हैं। इन फर्जी सट्टों पर गन्ना माफिया सस्ते में गन्ना खरीद कर चीनी ्िमलों को सप्लाई करते हैं। यहां जमीन पर अवैध कब्जे का मामला भी सामने आ रहा है।    



किसानों के पक्ष में उतरी भाकियू, दी आंदोलन की चेतावनी
बिजनौर। भाकियू  ने एसडीएम धामपुर को दिए ज्ञापन में कहा है कि गन्ना विभाग इन गांवों के किसानों से खतौनी उपलब्ध नहीं कराने पर सट्टे बंद करने की बात कह रहा है। सट्टे बंद होने से किसानों को अपनी आजीविका चलाने में दिक्कत पैदा हो जाएगी। उनके परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। भाकियू ने किसानों के नाम जमीन अभिलेखों में अंकित करके खतौनी उपलब्ध कराने की मांग की है। भाकियू का तर्क है कि किसान 70 सालों से काबिज काश्त हैं। अन्यथा की स्थिति में आठ अक्टूबर से धामपुर तहसील प्रांगण अनिश्चित कालीन धरना देने को विवश होंगे।




सिंचाई विभाग ने पल्ला झाड़ा
सिंचाई विभाग के धामपुर अफजलगढ़ क्षेत्र के अधिशासी अभियंता रामबाबू का कहना है कि जिला गन्ना अधिकारी ने उक्त जमीन हरेवली बांध के आसपास बताई है। नक्शा उपलब्ध नहीं कराया है, जिससे वास्तविक लोकेशन के बारे में पता चल सके। जमीन रामगंगा कमांड भी हो सकती है। रामगंगा कमांड मुरादाबाद क्षेत्र के अधिशासी अभियंता ने मामला संज्ञान में नहीं होने की बात कहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed