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समय से उपचार नहीं दिया तो सरकार कर देगी ‘इलाज’
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बिजनौर में जिला अस्पताल में ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़।
- फोटो : BIJNOR
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समय से उपचार नहीं दिया तो सरकार कर देगी ‘इलाज’
बिजनौर। शासन की ओर से सभी जिला अस्पतालों को समय से मरीजों का इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों को सिटीजन चार्टर तैयार करने के लिए कहा गया है। उधर, जिला अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बहुत कम होने से सिटीजन चार्टर के अनुसार समय से इलाज होता नजर नहीं आ रहा। चिकित्सक सुबह आठ बजे से वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने के लिए राउंड पर जाते हैं। ऐसे में सुबह मरीजों को काफी देर इंतजार करना पड़ रहा है।
सिटीजन चार्टर के हिसाब से मरीजों का इलाज करने के निर्देश स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने दिए हैं। जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिए आने वाले मरीज को इमरजेंसी में पंजीकरण के 10 मिनट के अंदर उपचार मिल जाना चाहिए। इसके साथ ही ओपीडी में मरीज का पंजीकरण के दो घंटे के अंदर इलाज हो जाना चाहिए, लेकिन मरीजों को तीन-तीन घंटे चिकित्सक का इंतजार करना पड़ रहा है। इसका कारण जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। जो चिकित्सक हैं, वो सुबह-सुबह वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने के लिए राउंड पर चले जाते हैं, जिसके चलते फिजीशियन 10 बजे ओपीडी में बैठते हैं, जिससे मरीजों को काफी परेशानी होती है। वहीं दो घंटे के अंदर सीटी स्कैन, एक्स-रे एवं खून की जांच की सुविधा उपलब्ध हो। इस बारे में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अस्पताल में लगा चिकित्सकों का सिटीजन चार्टर
जिला अस्पताल में पहले से ही दवाइयों और चिकित्सकों का सिटीजन चार्टर लगा हुआ है, जिस पर चिकित्सकों के नाम, पद और कक्ष संख्या लिखी हुई है, जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों की परेशानी न हो। हालांकि उपचार के लिए अभी सिटीजन चार्टर नहीं लगा है। मौखिक ही चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं।
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सुबह साढ़े आठ से 11 बजे तक चिकित्सक का इंतजार : कुसुम
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में पहुंची मरीज कुसुम देवी ने बताया कि उन्होंने सुबह करीब साढ़े आठ बजे पंजीकरण करा लिया था, लेकिन साढ़े 11 बजे तक उन्हें चिकित्सक ने नहीं देखा है। उन्हें थायरॉइड की समस्या है। उनकी जांच भी हुई हैं। करीब तीन घंटे बीत जाने के बाद नंबर आया है।
सिटी स्कैन लिखवाने में लग गया डेढ़ घंटा : मोनिश
मरीज मोनिश ने बताया कि उन्हें पेट में इंफेक्शन की समस्या है। उन्होंने करीब 10 बजे पंजीकरण करा लिया था, लेकिन डेढ़ घंटा बीत जाने के बाद भी चिकित्सक ने नहीं देखा है। उन्हें सिटी स्कैन लिखवाना था। जांच में भी काफी समय लगता है।
चिकित्सकों को दिए समय से ओपीडी में बैठने के निर्देश : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि सभी चिकित्सकों को समय से ओपीडी में बैठने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मरीजों को समय से दवा उपलब्ध कराने को कहा गया है। अगर कोई चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बिजनौर। शासन की ओर से सभी जिला अस्पतालों को समय से मरीजों का इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों को सिटीजन चार्टर तैयार करने के लिए कहा गया है। उधर, जिला अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बहुत कम होने से सिटीजन चार्टर के अनुसार समय से इलाज होता नजर नहीं आ रहा। चिकित्सक सुबह आठ बजे से वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने के लिए राउंड पर जाते हैं। ऐसे में सुबह मरीजों को काफी देर इंतजार करना पड़ रहा है।
सिटीजन चार्टर के हिसाब से मरीजों का इलाज करने के निर्देश स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने दिए हैं। जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिए आने वाले मरीज को इमरजेंसी में पंजीकरण के 10 मिनट के अंदर उपचार मिल जाना चाहिए। इसके साथ ही ओपीडी में मरीज का पंजीकरण के दो घंटे के अंदर इलाज हो जाना चाहिए, लेकिन मरीजों को तीन-तीन घंटे चिकित्सक का इंतजार करना पड़ रहा है। इसका कारण जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। जो चिकित्सक हैं, वो सुबह-सुबह वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने के लिए राउंड पर चले जाते हैं, जिसके चलते फिजीशियन 10 बजे ओपीडी में बैठते हैं, जिससे मरीजों को काफी परेशानी होती है। वहीं दो घंटे के अंदर सीटी स्कैन, एक्स-रे एवं खून की जांच की सुविधा उपलब्ध हो। इस बारे में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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अस्पताल में लगा चिकित्सकों का सिटीजन चार्टर
जिला अस्पताल में पहले से ही दवाइयों और चिकित्सकों का सिटीजन चार्टर लगा हुआ है, जिस पर चिकित्सकों के नाम, पद और कक्ष संख्या लिखी हुई है, जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों की परेशानी न हो। हालांकि उपचार के लिए अभी सिटीजन चार्टर नहीं लगा है। मौखिक ही चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं।
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सुबह साढ़े आठ से 11 बजे तक चिकित्सक का इंतजार : कुसुम
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में पहुंची मरीज कुसुम देवी ने बताया कि उन्होंने सुबह करीब साढ़े आठ बजे पंजीकरण करा लिया था, लेकिन साढ़े 11 बजे तक उन्हें चिकित्सक ने नहीं देखा है। उन्हें थायरॉइड की समस्या है। उनकी जांच भी हुई हैं। करीब तीन घंटे बीत जाने के बाद नंबर आया है।
सिटी स्कैन लिखवाने में लग गया डेढ़ घंटा : मोनिश
मरीज मोनिश ने बताया कि उन्हें पेट में इंफेक्शन की समस्या है। उन्होंने करीब 10 बजे पंजीकरण करा लिया था, लेकिन डेढ़ घंटा बीत जाने के बाद भी चिकित्सक ने नहीं देखा है। उन्हें सिटी स्कैन लिखवाना था। जांच में भी काफी समय लगता है।
चिकित्सकों को दिए समय से ओपीडी में बैठने के निर्देश : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि सभी चिकित्सकों को समय से ओपीडी में बैठने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मरीजों को समय से दवा उपलब्ध कराने को कहा गया है। अगर कोई चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मरीज कुसुम देवी।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर जिला अस्पताल में लगा चिकित्सकों का सिटीजन चार्टर- फोटो : BIJNOR