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आग लगी तो ढूंढते रह जाएंगे हौज पाइप
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आग लगी तो ढूंढते रह जाएंगे हौज पाइप
बिजनौर। जिला मुख्यालय पर प्रशासन के ही एक भवन में अग्निशमन के इंतजाम आधे अधूरे हैं। दरअसल, हाईडेंट तो लगा है, लेकिन हौज पाइप गायब है। जरूरत पड़ने पर इसे ढूंढते रह जाएंगे।
जिले में इस साल अब तक 363 आग लगने की घटनाएं हुई हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार आग की घटनाओं का आंकड़ा बढ़ा है, क्योंकि पिछले साल यह आंकड़ा 319 ही था। हालांकि शहरी इलाकों के मुकाबले देहात में ज्यादा घटनाएं हुईं। मंगलवार को अमर उजाला ने अग्निकांड से बचने के लिए किए जाने वाले उपायों की पड़ताल की। जिसमें कलक्ट्रेट परिसर के ही एक भवन में इंतजाम आधे अधूरे मिले। भवन के बाहर हाईडेंट तो लगा हुआ था, लेकिन बॉक्स से हॉज पाइप गायब था। यह हॉज पाइप कहां गया या रखा ही नहीं गया, इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं मिल पाया। कलक्ट्रेट में ही यही हाल है तो जिलेे में दूसरे जगहों पर बड़े भवनों में क्या इंतजाम होंगे, यह सवाल बना हुआ है।
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बिजनौर। जिला मुख्यालय पर प्रशासन के ही एक भवन में अग्निशमन के इंतजाम आधे अधूरे हैं। दरअसल, हाईडेंट तो लगा है, लेकिन हौज पाइप गायब है। जरूरत पड़ने पर इसे ढूंढते रह जाएंगे।
जिले में इस साल अब तक 363 आग लगने की घटनाएं हुई हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार आग की घटनाओं का आंकड़ा बढ़ा है, क्योंकि पिछले साल यह आंकड़ा 319 ही था। हालांकि शहरी इलाकों के मुकाबले देहात में ज्यादा घटनाएं हुईं। मंगलवार को अमर उजाला ने अग्निकांड से बचने के लिए किए जाने वाले उपायों की पड़ताल की। जिसमें कलक्ट्रेट परिसर के ही एक भवन में इंतजाम आधे अधूरे मिले। भवन के बाहर हाईडेंट तो लगा हुआ था, लेकिन बॉक्स से हॉज पाइप गायब था। यह हॉज पाइप कहां गया या रखा ही नहीं गया, इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं मिल पाया। कलक्ट्रेट में ही यही हाल है तो जिलेे में दूसरे जगहों पर बड़े भवनों में क्या इंतजाम होंगे, यह सवाल बना हुआ है।
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