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Bijnor News: तंबाकू और मीठे के लिए धड़कता है दिल तो ठहर न जाए धड़कन
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विश्व हृदय दिवस पर विशेष
-जीवन में अपनाएं पौष्टिक आहार और व्यायाम, दिल से रहेंगे मजबूत
-शुगर के मरीजों को हार्ट अटैक का सबसे ज्यादा खतरा
-तनाव मुक्त रहकर भी खुद को हार्ट अटैक आने से बचा सकते हैं
-15 मरीज तक हार्ट अटैक के हर महीने पहुंच रहे मेडिकल अस्पताल
-20 साल के बाद युवाओं को जीवनशैली में कर लेना चाहिए परिवर्तन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जीवन में पोष्टि आहार और व्यायाम अपनाने से दिल को मजबूत कर सकते हैं। शरीर स्वस्थ रहेगा तो दिल सही काम करेगा। बदलती जीवनशैली में लोग फास्टफूड, मीठा, तीखा और तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, जो सेहत के हानिकारक है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से दिल की समस्या बढ़ रही हैं और यही हार्ट अटैक का कारण बन रहे हैं।
विश्व हृदय दिवस 29 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को दिल को स्वस्थ रखने के बारे में जागरूक करना है। युवाओं में भी हार्ट अटैक की समस्या बढ़ने लगी है। 20 साल की उम्र से ही अपने खानपान में बदलाव कर देना चाहिए। चिकित्सक इसका कारण बदलती जीवनशैली को बता रहे हैं। शुगर के मरीजों का हार्ट अटैक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
बिजनौर के मेडिकल अस्पताल में भी हर महीने हार्ट अटैक के करीब 15 मरीज तक पहुंच रहे हैं। जिनमें युवा भी हैं। जिन लोगों को हार्टअटैक आ रहा है, वह या तो तंबाकू् या शराब का अधिक सेवन करते हैं। दिल को मजबूत बनाने के लिए तंबाकू को सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही रिफाइंड शुगर, नमक का कम सेवन करें। नृत्य, नियमित व्यायाम, गाना गाने सहित कई एक्सरसाइज करके तनाव मुक्त रह सकते हैं। तनाव मुक्त रहने से भी दिल की बीमारी नहीं बढ़ेगी।
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बिजनौर में नहीं दिल का इलाज, रैफर होते है मरीज
जिले में सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक में दिल की बीमारी का चिकित्सक नहीं है। अगर किसी को हार्ट अटैक आता है तो मरीज को मेरठ या फिर मुरादाबाद लेकर जाते हैं। दोनों जगह पहुंचने में करीब दो घंटे लगते हैं। इस बीच मरीज जिंदगी और मौत से लड़ता है। समय अस्पताल नहीं पहुंचने पर मरीज की मौत भी हो जाती है। बिजनौर के गिने-चुने अस्पतालों में हफ्ते या महीने में एक दिन में कार्डियोलॉजिस्ट बैठते हैं।
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हार्ट अटैक के कारण-
-अधिक मोटापा होना
-अनियमित आहार लेना
-जंकफूड और मसालेदार भोजन का सेवन करना
-उच्च रक्तचाप होना
-धुम्रपान, शराब, तंबाकू का सेवन करना
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हार्ट अटैक से बचाव-
-हरी सब्जियों का सेवन करें
-नियमित व्यायाम करें
-तनाव मुक्त जीवन जीएं
-कुछ भी दिक्कत होने पर चिकित्सक को दिखाएं
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वर्जन::
चिकनाई का अधिक सेवन करने और अन्य कारणों से दिल की नसों में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे दिल की नसों में खून का संचार सही से नहीं हो पाता है। सही मात्रा में रक्त नहीं पहुंचने से हार्ट अटैक आता है। 20 साल की उम्र के बाद से जीवनशैली में परिवर्तन कर लेना चाहिए। जिससे हार्ट अटैक का खतरा काफी कम हो जाएगा।
...डॉ. योगेंद्र सिंह, हृदय रोग विशेषज्ञ, बिजनौर/देहरादून
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वर्जन::
रोजाना व्यायाम के लिए भी समय निकालें। सुबह-शाम पैदल चलें। तनाव अधिक होने पर योगा व ध्यान के द्वारा इस पर नियंत्रण करें। धूम्रपान का सेवन बिल्कुल बंद कर दें, स्वस्थ शरीर और दिल के लिए भरपूर नींद लें। जिससे शुगर व उच्च रक्तचाप नियंत्रित रहे।
....डॉ. एसके गर्ग, चांदपुर
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-जीवन में अपनाएं पौष्टिक आहार और व्यायाम, दिल से रहेंगे मजबूत
-शुगर के मरीजों को हार्ट अटैक का सबसे ज्यादा खतरा
-तनाव मुक्त रहकर भी खुद को हार्ट अटैक आने से बचा सकते हैं
-15 मरीज तक हार्ट अटैक के हर महीने पहुंच रहे मेडिकल अस्पताल
-20 साल के बाद युवाओं को जीवनशैली में कर लेना चाहिए परिवर्तन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जीवन में पोष्टि आहार और व्यायाम अपनाने से दिल को मजबूत कर सकते हैं। शरीर स्वस्थ रहेगा तो दिल सही काम करेगा। बदलती जीवनशैली में लोग फास्टफूड, मीठा, तीखा और तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, जो सेहत के हानिकारक है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से दिल की समस्या बढ़ रही हैं और यही हार्ट अटैक का कारण बन रहे हैं।
विश्व हृदय दिवस 29 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को दिल को स्वस्थ रखने के बारे में जागरूक करना है। युवाओं में भी हार्ट अटैक की समस्या बढ़ने लगी है। 20 साल की उम्र से ही अपने खानपान में बदलाव कर देना चाहिए। चिकित्सक इसका कारण बदलती जीवनशैली को बता रहे हैं। शुगर के मरीजों का हार्ट अटैक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
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बिजनौर के मेडिकल अस्पताल में भी हर महीने हार्ट अटैक के करीब 15 मरीज तक पहुंच रहे हैं। जिनमें युवा भी हैं। जिन लोगों को हार्टअटैक आ रहा है, वह या तो तंबाकू् या शराब का अधिक सेवन करते हैं। दिल को मजबूत बनाने के लिए तंबाकू को सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही रिफाइंड शुगर, नमक का कम सेवन करें। नृत्य, नियमित व्यायाम, गाना गाने सहित कई एक्सरसाइज करके तनाव मुक्त रह सकते हैं। तनाव मुक्त रहने से भी दिल की बीमारी नहीं बढ़ेगी।
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बिजनौर में नहीं दिल का इलाज, रैफर होते है मरीज
जिले में सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक में दिल की बीमारी का चिकित्सक नहीं है। अगर किसी को हार्ट अटैक आता है तो मरीज को मेरठ या फिर मुरादाबाद लेकर जाते हैं। दोनों जगह पहुंचने में करीब दो घंटे लगते हैं। इस बीच मरीज जिंदगी और मौत से लड़ता है। समय अस्पताल नहीं पहुंचने पर मरीज की मौत भी हो जाती है। बिजनौर के गिने-चुने अस्पतालों में हफ्ते या महीने में एक दिन में कार्डियोलॉजिस्ट बैठते हैं।
हार्ट अटैक के कारण-
-अधिक मोटापा होना
-अनियमित आहार लेना
-जंकफूड और मसालेदार भोजन का सेवन करना
-उच्च रक्तचाप होना
-धुम्रपान, शराब, तंबाकू का सेवन करना
हार्ट अटैक से बचाव-
-हरी सब्जियों का सेवन करें
-नियमित व्यायाम करें
-तनाव मुक्त जीवन जीएं
-कुछ भी दिक्कत होने पर चिकित्सक को दिखाएं
वर्जन::
चिकनाई का अधिक सेवन करने और अन्य कारणों से दिल की नसों में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे दिल की नसों में खून का संचार सही से नहीं हो पाता है। सही मात्रा में रक्त नहीं पहुंचने से हार्ट अटैक आता है। 20 साल की उम्र के बाद से जीवनशैली में परिवर्तन कर लेना चाहिए। जिससे हार्ट अटैक का खतरा काफी कम हो जाएगा।
...डॉ. योगेंद्र सिंह, हृदय रोग विशेषज्ञ, बिजनौर/देहरादून
वर्जन::
रोजाना व्यायाम के लिए भी समय निकालें। सुबह-शाम पैदल चलें। तनाव अधिक होने पर योगा व ध्यान के द्वारा इस पर नियंत्रण करें। धूम्रपान का सेवन बिल्कुल बंद कर दें, स्वस्थ शरीर और दिल के लिए भरपूर नींद लें। जिससे शुगर व उच्च रक्तचाप नियंत्रित रहे।
....डॉ. एसके गर्ग, चांदपुर