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बिजनौर: खपत घटी तो कीमत पर पड़ा असर, 500 रुपये सस्ती हुई ईंट
Sun, 12 Feb 2023 05:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 12 Feb 2023 05:18 AM IST
सार
जिले में घटती ईंट की खपत कीमतों पर असर डाल रही है। इस समय ईंट 500 रुपये तक सस्ती हो गई है। वहीं ईंट सस्ती होने से नए मकान बनाने वालों को फायदा मिलेगा। हालांकि अभी कम ईंट भट्ठे ही संचालित हुए हैं। मार्च तक सभी ईंट भट्ठे संचालित हो जाएंगे।
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बिजनौर मे चलता ईट भट्टा
विस्तार
बिजनौर जिले में घटती ईंट की खपत कीमतों पर असर डाल रही है। इस समय ईंट 500 रुपये तक सस्ती हो गई है। वहीं ईंट सस्ती होने से नए मकान बनाने वालों को फायदा मिलेगा। हालांकि अभी कम ईंट भट्ठे ही संचालित हुए हैं। मार्च तक सभी ईंट भट्ठे संचालित हो जाएंगे।
जिले में 298 भट्टे संचालित हो रहे हैं। इनमें से 30 फीसदी ईंट भट्ठे संचालित हो चुके हैं। जबकि 70 फीसदी ईंट भट्ठे अभी चालू नहीं हुए हैं। ईंट भट्ठा एसोसिएशन का कहना है कि जिले में अभी ईंट पर्याप्त मात्रा में है। पर्याप्त मात्रा में ईंट होने की वजह से बरसात के मुकाबले इस समय ईंट की कीमत 500 रुपये कम हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक बरसात में अव्वल ईंट 5500 रुपये चल रही थी, लेकिन अब कीमत घटकर 5000 हजार रुपये पहुंच गई है। ईंट के दाम घटने का एक कारण सीमेंट का ज्यादा प्रयोग माना जा रहा है। क्योंकि आज के समय में सड़क, नाले, लिंटर आदि सीमेंटेड बनाए जा रहे हैं। जिसकी वजह से ईंट की खपत कम हुई है।
छह सालों में बढ़े 78 ईंट भट्ठे- ईंट भट्ठा एसोसिएशन के सचिव रविंद्र चौहान के अनुसार करीब छह साल पहले जिले में 220 ईंट भट्ठे संचालित थे। लगातार ईंट भट्ठों की संख्या बढ़ रही है। जिसके चलते वर्तमान में जिले में 298 ईंट भट्ठे संचालित किए जा रहे हैं। ईंट भट्ठों की बढ़ती संख्या भी ईंट की कीमतों पर प्रभाव डाल रही है।
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जिले में 298 भट्टे संचालित हो रहे हैं। इनमें से 30 फीसदी ईंट भट्ठे संचालित हो चुके हैं। जबकि 70 फीसदी ईंट भट्ठे अभी चालू नहीं हुए हैं। ईंट भट्ठा एसोसिएशन का कहना है कि जिले में अभी ईंट पर्याप्त मात्रा में है। पर्याप्त मात्रा में ईंट होने की वजह से बरसात के मुकाबले इस समय ईंट की कीमत 500 रुपये कम हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक बरसात में अव्वल ईंट 5500 रुपये चल रही थी, लेकिन अब कीमत घटकर 5000 हजार रुपये पहुंच गई है। ईंट के दाम घटने का एक कारण सीमेंट का ज्यादा प्रयोग माना जा रहा है। क्योंकि आज के समय में सड़क, नाले, लिंटर आदि सीमेंटेड बनाए जा रहे हैं। जिसकी वजह से ईंट की खपत कम हुई है।
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छह सालों में बढ़े 78 ईंट भट्ठे- ईंट भट्ठा एसोसिएशन के सचिव रविंद्र चौहान के अनुसार करीब छह साल पहले जिले में 220 ईंट भट्ठे संचालित थे। लगातार ईंट भट्ठों की संख्या बढ़ रही है। जिसके चलते वर्तमान में जिले में 298 ईंट भट्ठे संचालित किए जा रहे हैं। ईंट भट्ठों की बढ़ती संख्या भी ईंट की कीमतों पर प्रभाव डाल रही है।
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मार्च से शुरू होगा नई ईंटों का उत्पादन
जिले में अभी करीब 30 फीसदी ईंट भट्ठे संचालित हुए हैं। क्योंकि ज्यादातर भट्ठों पर ईंट रखी हुई हैं। बिक्री होने के बाद ही नई ईंटों का उत्पादन किया जाएगा। ईंट भट्ठे मार्च तक शुरू होने की उम्मीद है। ईंट भट्ठे चालू होने पर ईंट की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।
इतने घटे ईंटों के दाम-
ईंट- पहले दाम- अब दाम
अव्वल ईंट- 5500- 5000
दोयम ईंट- 4500- 4000
सोयम ईंट- 2500- 2000
नोट: ईंटों के दाम ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अनुसार हैं।
जिले में ईंट भट्ठों की संख्या में बढ़ोतरी और सीमेंटेड को ज्यादा बढ़ावा देना ईंट की खपत घटा रहा है। ईंट की कीमतों में कमी और बढ़ोतरी होती रहती है। इस समय ईंट के दाम 500 रुपये घटे हुए हैं। -रविंद्र चौहान, सचिव, ईंट भट्ठा एसोसिएशन बिजनौर
जिले में अभी करीब 30 फीसदी ईंट भट्ठे संचालित हुए हैं। क्योंकि ज्यादातर भट्ठों पर ईंट रखी हुई हैं। बिक्री होने के बाद ही नई ईंटों का उत्पादन किया जाएगा। ईंट भट्ठे मार्च तक शुरू होने की उम्मीद है। ईंट भट्ठे चालू होने पर ईंट की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।
इतने घटे ईंटों के दाम-
ईंट- पहले दाम- अब दाम
अव्वल ईंट- 5500- 5000
दोयम ईंट- 4500- 4000
सोयम ईंट- 2500- 2000
नोट: ईंटों के दाम ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अनुसार हैं।
जिले में ईंट भट्ठों की संख्या में बढ़ोतरी और सीमेंटेड को ज्यादा बढ़ावा देना ईंट की खपत घटा रहा है। ईंट की कीमतों में कमी और बढ़ोतरी होती रहती है। इस समय ईंट के दाम 500 रुपये घटे हुए हैं। -रविंद्र चौहान, सचिव, ईंट भट्ठा एसोसिएशन बिजनौर

बिजनौर मे चलता ईट भट्टा