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मुआवजा नहीं मिला तो सड़क को खेतों में मिला लेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:03 AM IST
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प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट जाते आजाद किसान यूनियन के कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में आजाद किसान यूनियन की बैठक में किसानों की समस्याओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए। रायपुर बेरीसाल में अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा जल्द नहीं देने पर जमीन को जोतकर सड़क में मिलाने की घोषणा की गई। जिला गन्ना अधिकारी और सचिव के न आने पर गुस्साए किसान प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और समस्याओं के निस्तारण के लिए सांकेतिक धरना दिया। डीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम सत्येंद्र कुमार शिशिर कुमार को देते हुए समस्याओं के निस्तारण की मांग की है।
गन्ना समिति में आयोजित पंचायत में संयोजक राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। गांव रायपुर बेरीसाल में 40 साल पहले सड़क बनाने के लिए ली गई जमीन का मुआवजा पीडब्ल्यूडी ने अभी तक नहीं दिया है। अगर जमीन का मुआवजा जल्द न दिया गया तो सड़क को जोतकर उसे खेत में मिला लिया जाएगा। बैठक में चुनाव ड्यूटी के कारण जिला गन्ना अधिकारी और अन्य अधिकारियों के न आन पर किसानों ने गुस्सा जताते हुए कलक्ट्रेट जाकर सांकेतिक धरना दिया। एसडीएम को ज्ञापन देते हुए गांवों में जर्जर लाइन बदलवाने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि करने, किसानों के एक साल के बिजली बकाए पर रिपोर्ट न दर्ज कराने, गांव रावली के पानी की निकासी खेतों के बजाए मालन नदी में करने समेत आदि मांग की। मांगें पूरी न होने पर दस दिसंबर से आंदोलन की चेतावनी दी। पंचायत की अध्यक्षता सेवानिवृत्त सीओ महेंद्र सिंह व संचालन वीरेंद्र सिंह ने किया। मूला सिंह, सुभाष, धर्मेंद्र, ओमपाल, सुरेंद्र सिंह, नरेद्र एडवोकेट, अंकुर, शेर सिंह, तपराज सिंह, मुनेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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गन्ना समिति में आयोजित पंचायत में संयोजक राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। गांव रायपुर बेरीसाल में 40 साल पहले सड़क बनाने के लिए ली गई जमीन का मुआवजा पीडब्ल्यूडी ने अभी तक नहीं दिया है। अगर जमीन का मुआवजा जल्द न दिया गया तो सड़क को जोतकर उसे खेत में मिला लिया जाएगा। बैठक में चुनाव ड्यूटी के कारण जिला गन्ना अधिकारी और अन्य अधिकारियों के न आन पर किसानों ने गुस्सा जताते हुए कलक्ट्रेट जाकर सांकेतिक धरना दिया। एसडीएम को ज्ञापन देते हुए गांवों में जर्जर लाइन बदलवाने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि करने, किसानों के एक साल के बिजली बकाए पर रिपोर्ट न दर्ज कराने, गांव रावली के पानी की निकासी खेतों के बजाए मालन नदी में करने समेत आदि मांग की। मांगें पूरी न होने पर दस दिसंबर से आंदोलन की चेतावनी दी। पंचायत की अध्यक्षता सेवानिवृत्त सीओ महेंद्र सिंह व संचालन वीरेंद्र सिंह ने किया। मूला सिंह, सुभाष, धर्मेंद्र, ओमपाल, सुरेंद्र सिंह, नरेद्र एडवोकेट, अंकुर, शेर सिंह, तपराज सिंह, मुनेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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