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गन्ना पर्चियां कम हैं तो बांड भरें किसान : सचिव
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गन्ना पर्चियां कम हैं तो बांड भरें किसान : सचिव
धामपुर। जिन किसानों के पास गन्ना पर्चियां कम हैं और खेतों में निर्धारित गन्ना पर्चियों से अधिक गन्ना खड़ा है। तो ऐसे किसान गन्ना समितियों में पहुंच कर पर्चियां बढ़ाने के लिए गन्ना बांड भर दें। शर्त यह है कि यदि किसानों ने भरे गन्ना बांड के अनुरूप पर्चियों पर गन्ने की आपूर्ति पूरी कर दी तो उनके खाते से प्रति क्विंटल पचास पैसे कटौती होगी। यदि गन्ना बांड के अनुरूप आपूर्ति पूरी नहीं हो पाती है तो पचास रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से उनके खाते से कटौती होगी।
सहकारी गन्ना किसान समिति के सचिव मनोज कुमार कोंट ने बताया कि विभाग की ओर से गन्ना बांड भरवाने का काम सोमवार से शुरू हो गया है। मार्च माह के अंत तक किसानों को बांड भरने की सुविधा दी गई है। इसलिए जरूरतमंद किसान यदि चाहें तो बांड भर दें। गन्ना बांड भरने से उनकी गन्ने की पर्चियां बढ़ जाएंगी और आसानी के साथ किसान अपने गन्ने की चीनी मिल को आपूर्ति कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी गन्ना बांड भरवाया गया था, लेकिन बांड के अनुरूप गन्ने की आपूर्ति कम नहीं हुई थी। सही प्रकार से मानक अनुरूप आपूर्ति होने के कारण किसानों के खाते से पचास पैसे प्रति क्विंटल की ही कटौती हुई थी। जो सामान्य प्रक्रिया में शामिल है।
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धामपुर। जिन किसानों के पास गन्ना पर्चियां कम हैं और खेतों में निर्धारित गन्ना पर्चियों से अधिक गन्ना खड़ा है। तो ऐसे किसान गन्ना समितियों में पहुंच कर पर्चियां बढ़ाने के लिए गन्ना बांड भर दें। शर्त यह है कि यदि किसानों ने भरे गन्ना बांड के अनुरूप पर्चियों पर गन्ने की आपूर्ति पूरी कर दी तो उनके खाते से प्रति क्विंटल पचास पैसे कटौती होगी। यदि गन्ना बांड के अनुरूप आपूर्ति पूरी नहीं हो पाती है तो पचास रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से उनके खाते से कटौती होगी।
सहकारी गन्ना किसान समिति के सचिव मनोज कुमार कोंट ने बताया कि विभाग की ओर से गन्ना बांड भरवाने का काम सोमवार से शुरू हो गया है। मार्च माह के अंत तक किसानों को बांड भरने की सुविधा दी गई है। इसलिए जरूरतमंद किसान यदि चाहें तो बांड भर दें। गन्ना बांड भरने से उनकी गन्ने की पर्चियां बढ़ जाएंगी और आसानी के साथ किसान अपने गन्ने की चीनी मिल को आपूर्ति कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी गन्ना बांड भरवाया गया था, लेकिन बांड के अनुरूप गन्ने की आपूर्ति कम नहीं हुई थी। सही प्रकार से मानक अनुरूप आपूर्ति होने के कारण किसानों के खाते से पचास पैसे प्रति क्विंटल की ही कटौती हुई थी। जो सामान्य प्रक्रिया में शामिल है।
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