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मशहूर गीतकार रामअवतार त्यागी की पुण्यतिथि 12 अप्रैल पर विशेष

Mon, 11 Apr 2022 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 11:57 PM IST
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... I want the land of the country to give you something else too
... चाहता हूं देश की धरती तुझे कुछ और भी दूं
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नजीबाबाद। मन समर्पित, तन समर्पित और यह जीवन समर्पित, चाहता हूं देश की धरती तुझे कुछ और भी दूं। साहित्यकार एवं गीतकार रामअवतार त्यागी की ये वो पंक्तियां हैं, जिनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में अक्सर जिक्र कर लोगों को समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित रहने का आह्वान करते हैं। आज महान कवि रामअवतार त्यागी की पुण्यतिथि पर राष्ट्र उनकी सोच और लेखनी को नमन कर रहा है।
मैं जन्म न लेता तो रह जाती विपदाएं कुंवारी, मुझको याद नहीं है मैंने सोकर कोई रात गुजारी... ये वो पंक्तियां हैं जो मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी हैं और इंसान की जिंदगी का खाका खींचती हैं। बहुत कम लोग ऐसे होते हैं, जो पीड़ा, वेदना और और कसक को अपनी लेखनी में उतार पाते हैं। साहित्य सृजन से जुड़े मशहूर गीतकार एवं कवि रामअवतार त्यागी ऐसी ही हस्तियों में से एक थे।
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काव्य, गीत और पत्रकारिता के मील के पत्थर रहे रामअवतार त्यागी नजीबाबाद की सरजमीं से बतौर कवि वर्षों तक जुड़े रहे। 17 मार्च 1925 को संभल के कुरावली गांव में जन्मे रामअवतार त्यागी ने फिल्म इंडस्ट्री में भी अपने लिखे गीतों के माध्यम से धूम मचाई।
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बाल काव्य संग्रह में मैं दिल्ली हूं... काव्य संग्रह न केवल लोकप्रिय हुआ, बल्कि भारत सरकार ने संग्रह को पुरस्कृत भी किया। मन समर्पित, तन समर्पित... काव्य रचना हिंदी पाठ्यक्रम में शामिल हुई। उनके संग्रह आठवां स्वर को उत्तर प्रदेश सरकार ने पुरस्कृत किया। इस सदन में मैं अकेला ही दीया हूं, मत बुझाओ जब मिलेगी रोशनी मुझसे मिलेगी.. रामअवतार त्यागी की ये वो पंक्तियां हैं जो 12 अप्रैल 1985 को उनके बिछड़ने के बाद भी आज तक समाज का मार्गदर्शन कर रहीं हैं।
जिदंगी और तूफान के गीत से मिली ख्याति
फिल्म जिंदगी और तूफान के गीत एक हसरत थी कि आंचल का मुझे प्यार मिले, मैंने मंजिल को तलाशा मुझे बाजार मिले.. रामअवतार त्यागी का लिखा गीत है। सामाजिक परिवेश से जुुड़े इस गीत को गीतकार मुकेश ने आवाज देकर सदाबहार और दिलों की धड़कन बना दिया।

ये हैं साहित्यिक रचनाएं
नया खून, सपने महक उठे, गुलाब और बबूल, लहू के चंद कतरे, गीत बोलते हैं, गाता हुआ दर्द जैसे काव्य संग्रह के माध्यम से रामअवतार त्यागी ने साहित्य सृजन के क्षेत्र में साख बनाई। उन्होंने कई पुस्तकें भी लिखीं। उनके अनुज नजीबाबाद निवासी साहित्यकार राजेंद्र त्यागी उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष साहित्यिक सम्मान समारोह आयोजित करते हैं।
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