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Bijnor News: आत्महत्या के लिए उकसाने में पति को चार वर्ष की सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो की न्यायाधीश अलका चौधरी ने आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाते हुए मृतका विभा के पति राजवीर को चार वर्ष के कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
नागेंद्र सिंह ने थाना स्योहारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन विभा की शादी राजवीर निवासी मिल्क बेनीराम के साथ छह वर्ष पूर्व हुई थी। उसके बहनोई शराब बहुत पीते थे और हर समय जमीन बेचने की बात करते थे। इससे उसकी बहन विभा हर समय परेशान रहती थी।
जब पति राजवीर ने उसकी बात नहीं मानी तो 23 अप्रैल 2012 को करीब बजे शाम उसने जहर खा लिया। इससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। ससुराल वाले उसे सरकारी अस्पताल ले गए। बाद में उसे डॉ. वीरेंद्र के यहां ले गए। जब मायके वाले पहुंचे तो विभाग मृत अवस्था में मिली। उसकी ससुराल का कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
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वादी ने कोर्ट को बताया था कि विभा ने अपने पति राजवीर एवं जेठ चंद्र प्रकाश व राजकुमार के उकसाने पर तंग आकर जहर खाकर अपनी जान दी थी। पुलिस ने इस मामले में पति राजवीर एवं राजकुमार के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट ने इस मामले में पति राजवीर को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाते हुए धारा 306 आईपीसी में चार वर्ष की सजा सुनाई। राजकुमार के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य ने होने पर उसे बरी कर दिया है।
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बिजनौर। फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो की न्यायाधीश अलका चौधरी ने आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाते हुए मृतका विभा के पति राजवीर को चार वर्ष के कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
नागेंद्र सिंह ने थाना स्योहारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन विभा की शादी राजवीर निवासी मिल्क बेनीराम के साथ छह वर्ष पूर्व हुई थी। उसके बहनोई शराब बहुत पीते थे और हर समय जमीन बेचने की बात करते थे। इससे उसकी बहन विभा हर समय परेशान रहती थी।
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जब पति राजवीर ने उसकी बात नहीं मानी तो 23 अप्रैल 2012 को करीब बजे शाम उसने जहर खा लिया। इससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। ससुराल वाले उसे सरकारी अस्पताल ले गए। बाद में उसे डॉ. वीरेंद्र के यहां ले गए। जब मायके वाले पहुंचे तो विभाग मृत अवस्था में मिली। उसकी ससुराल का कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
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वादी ने कोर्ट को बताया था कि विभा ने अपने पति राजवीर एवं जेठ चंद्र प्रकाश व राजकुमार के उकसाने पर तंग आकर जहर खाकर अपनी जान दी थी। पुलिस ने इस मामले में पति राजवीर एवं राजकुमार के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट ने इस मामले में पति राजवीर को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाते हुए धारा 306 आईपीसी में चार वर्ष की सजा सुनाई। राजकुमार के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य ने होने पर उसे बरी कर दिया है।