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चपरासियों, स्टाफ के नाम चढ़ा दिए गए सैकड़ों बोरे

Fri, 28 Aug 2020 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2020 12:09 AM IST
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Hundreds of sacks given to peons and staff
चपरासियों, स्टाफ के नाम चढ़ा दिए गए सैकड़ों बोरे
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बिजनौर। यूरिया की बिक्री करने में समिति कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रख दिया। किसानों को यूरिया की बिक्री कर पोस मशीन पर उन्हें समिति के चपरासी या अन्य कर्मचारियों के नाम पर ही चढ़ा दिया गया। अब समिति सचिव व स्टोर कीपर पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
गन्ना व सहकारी विभाग की समितियों के अलावा प्राइवेट दुकानों पर भी खाद बेचा जाता है। समितियों पर किसान की जमीन संबंधी रिकॉर्ड होता है लेकिन प्राइवेट दुकानों पर ऐसा कुछ नहीं होता। यूरिया किसे कितना देना है यह दुकानदार की मर्जी पर निर्भर करता है। हालांकि दुकानदार किसी एक व्यक्ति को यूरिया की बड़ी खेप नहीं दे सकते। समिति पर यूरिया किसानों के अंगूठा लगाने के बाद उन्हें मिलता है। जब किसान का अंगूठा लग जाता है तभी केंद्र सरकार से मिलने वाली सब्सिडी कंपनी को दी जाती है।
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समिति संचालकों ने यूरिया किसानों को बेच दिया और चढ़ा दिया चपरासी के नाम। किसानों द्वारा दिए गए चेक आदि से उनकी पहचान कर ली गई है। लेकिन नियम के अनुसार समिति सचिव ऐसे ही किसी के नाम यूरिया नहीं चढ़ा सकते। सहकारी समिति नांगल जीतपुर खादर में चपरासी के नाम पर 821 बोरी, नूरपुर में एक ही किसान के नाम पर दो हजार बोरे, फीना में एक किसान के नाम पर 700 बोरे, बनी गणेश में स्टाफ के दो लोगों के नाम पर 1900 बोरे, अकबराबाद में किसान के नाम पर 700 बोरे, शेरगढ़ में चार कर्मचारियों के नाम पर 4700 बोरे चढ़ा दिए गए। औद्यानिम समिति में स्टाफ के एक बेटे के नाम पर ही 1400 बोरी चढ़ा दी गईं। निजी दुकानदारों ने भी समिति सचिवों की नकल की। एक दुकानदार ने पत्नी के नाम 700 व नौकर के नाम 750 बोरे कागजों में चढ़ा दिए।
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केंद्र सरकार के पोर्टल से पकड़ा गया खेल
दुकानों व समिति पर होने वाला यह खेल केंद्र सरकार के पोर्टल पर पकड़ा गया है। यह खेल न पकड़ा जाता तो यूरिया किसी को भी बेचकर किसी के नाम भी चढ़ा दिया जाता और यूरिया की कालाबाजारी होती। शुरूआत में ही मामला पकड़ में आने पर अब कार्रवाई हो रही है। समिति सचिवों व स्टोर कीपर के खिलाफ कार्रवाई होगी। निजी दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर की जा रही है।

नियम के अनुसार बेचें यूरिया
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र का कहना है कि मामले की जांच की गई है। विभागों से मामले में कार्रवाई करने को कहा गया है। जो भी दुकानदार नियम के अनुसार यूरिया नहीं बेचेगा उस पर कार्रवाई होगी।
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