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बिना डिग्री चला रहे थे अस्पताल, लगाई सील
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बिना मान्यता के चला रहे थे अस्पताल, लगाई सील
बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए नगीना में दांतों का एक अस्पताल और नर्सिंग होम पर सील लगा दी। दोनों जगह डॉक्टरों के पास डिग्री न होने की शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद टीम ने अस्पतालों को बंद कर दिया है।
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगीना में दो जगह कार्रवाई की। एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज की गई थी कि दोनों डॉक्टर बिना डिग्री के मरीजों का इलाज करा रहे हैं। जिसके बाद 13 मई को दोनों को कागज जमा करने का नोटिस दिया गया। लेकिन 28 दिन बाद भी नोटिस को कोई जवाब नहीं आया। जिसके बाद पीयूष नर्सिंग होम रामलीला ग्राउंड नगीना और राहुल डेंटल क्लीनिक नगीना पर कार्रवाई कर अस्पताल को सील लगा दी।
डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि पीयूष नर्सिंग होम की संचालक डॉ. सोमवती बिना डिग्री के गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी करा रही थी। वहीं राहुल डेंटल क्लीनिक के संचालक सुरेश चंद ने भी स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई डिग्री नहीं दिखाई। कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. अशोक कुमार, डॉ. जेपी सिंह और विनोद कुमार मौजूद रहे।
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एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि दोनों अस्पतालों के संचालकों को अपने कागज दिखाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगर एक सप्ताह के अंदर दोनों कागज जमा नहीं कराते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए नगीना में दांतों का एक अस्पताल और नर्सिंग होम पर सील लगा दी। दोनों जगह डॉक्टरों के पास डिग्री न होने की शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद टीम ने अस्पतालों को बंद कर दिया है।
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगीना में दो जगह कार्रवाई की। एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज की गई थी कि दोनों डॉक्टर बिना डिग्री के मरीजों का इलाज करा रहे हैं। जिसके बाद 13 मई को दोनों को कागज जमा करने का नोटिस दिया गया। लेकिन 28 दिन बाद भी नोटिस को कोई जवाब नहीं आया। जिसके बाद पीयूष नर्सिंग होम रामलीला ग्राउंड नगीना और राहुल डेंटल क्लीनिक नगीना पर कार्रवाई कर अस्पताल को सील लगा दी।
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डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि पीयूष नर्सिंग होम की संचालक डॉ. सोमवती बिना डिग्री के गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी करा रही थी। वहीं राहुल डेंटल क्लीनिक के संचालक सुरेश चंद ने भी स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई डिग्री नहीं दिखाई। कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. अशोक कुमार, डॉ. जेपी सिंह और विनोद कुमार मौजूद रहे।
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एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि दोनों अस्पतालों के संचालकों को अपने कागज दिखाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगर एक सप्ताह के अंदर दोनों कागज जमा नहीं कराते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।