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Bijnor News: हवा में अस्पताल, कागजों में मरम्मत, नौ लाख 72 हजार का घोटाला
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अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। कहीं फर्जी बिल तो कहीं कोरे कागज, ग्राम पंचायतों में अब तक इस तरह की धांधली सामने आ रही थी। अब कोतवाली देहात की ग्राम पंचायत हाजी बूढ़ावाला ने ऐसे सरकारी अस्पतालों की मरम्मत पर नौ लाख 72 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, जो कहीं अस्तित्व में ही नहीं है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की पड़ताल और फिर बीडीओ की प्राथमिक जांच में यह गड़बड़ी पकड़ में आई।
ग्राम पंचायत हाजी बूढ़ावाला निवासी राहुल ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। उसने कहा था कि पंचायत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मरम्मत पर 13 मई 2024 को 1.77 लाख रुपये खर्च कर दिए। वहीं हकीकत में पंचायत में ऐसा अस्पताल है ही नहीं। पंचायत स्तर से इस अस्पताल में रंगाई, पुताई, टाइल्स, इंटरलॉकिंग तक करा दी गई। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र में मरम्मत कार्य सहित अन्य कार्य दिखाते हुए तीन अलग-अलग तारीखों में चार फर्जी बिल लगाकर 7,95,000 रुपये का भुगतान भी किया गया। इनमें 22 सितंबर 2024 को इंटरलॉकिंग कार्य का रनिंग भुगतान के लिए दो बिलों के आधार पर 4,95,000 रुपये का भुगतान किया। 14 जनवरी 2025 को उपकेंद्र के इंटरलॉकिंग कार्य के भुगतान के नाम पर 1,25,000 रुपये का भुगतान ग्राम पंचायत से किया गया।
इस संबंध में कोतवाली देहात के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल दिवाकर का कहना है कि बूढ़ावाला में एएनएम सेंटर किराए पर संचालित है। इस भवन का स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन हजार रुपये मासिक किराया दिया जा रहा है।
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n नहीं दी जा रही शिकायत के निस्तारण की प्रगति की जानकारी : शिकायतकर्ता राहुल का कहना है कि डीएम को जगमोहन सिंह, टिकेंद्र सिंह, विशाल कुमार के शपथ पत्र के साथ शिकायत की गई है। पंचायत में विकास एवं निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिलिंग व सरकारी धन के गबन की जांच के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित करने की मांग की। कहा, उन्हें जांच संबधित कोई सूचना नहीं दी जा रही है।
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बिजनौर। कहीं फर्जी बिल तो कहीं कोरे कागज, ग्राम पंचायतों में अब तक इस तरह की धांधली सामने आ रही थी। अब कोतवाली देहात की ग्राम पंचायत हाजी बूढ़ावाला ने ऐसे सरकारी अस्पतालों की मरम्मत पर नौ लाख 72 हजार रुपये का भुगतान कर दिया, जो कहीं अस्तित्व में ही नहीं है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की पड़ताल और फिर बीडीओ की प्राथमिक जांच में यह गड़बड़ी पकड़ में आई।
ग्राम पंचायत हाजी बूढ़ावाला निवासी राहुल ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। उसने कहा था कि पंचायत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मरम्मत पर 13 मई 2024 को 1.77 लाख रुपये खर्च कर दिए। वहीं हकीकत में पंचायत में ऐसा अस्पताल है ही नहीं। पंचायत स्तर से इस अस्पताल में रंगाई, पुताई, टाइल्स, इंटरलॉकिंग तक करा दी गई। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र में मरम्मत कार्य सहित अन्य कार्य दिखाते हुए तीन अलग-अलग तारीखों में चार फर्जी बिल लगाकर 7,95,000 रुपये का भुगतान भी किया गया। इनमें 22 सितंबर 2024 को इंटरलॉकिंग कार्य का रनिंग भुगतान के लिए दो बिलों के आधार पर 4,95,000 रुपये का भुगतान किया। 14 जनवरी 2025 को उपकेंद्र के इंटरलॉकिंग कार्य के भुगतान के नाम पर 1,25,000 रुपये का भुगतान ग्राम पंचायत से किया गया।
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इस संबंध में कोतवाली देहात के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल दिवाकर का कहना है कि बूढ़ावाला में एएनएम सेंटर किराए पर संचालित है। इस भवन का स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन हजार रुपये मासिक किराया दिया जा रहा है।
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n नहीं दी जा रही शिकायत के निस्तारण की प्रगति की जानकारी : शिकायतकर्ता राहुल का कहना है कि डीएम को जगमोहन सिंह, टिकेंद्र सिंह, विशाल कुमार के शपथ पत्र के साथ शिकायत की गई है। पंचायत में विकास एवं निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिलिंग व सरकारी धन के गबन की जांच के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित करने की मांग की। कहा, उन्हें जांच संबधित कोई सूचना नहीं दी जा रही है।