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Bijnor News: जिले में 18 घोड़े-खच्चरों में हॉर्स फ्लू की पुष्टि
Fri, 06 Jun 2025 11:29 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 06 Jun 2025 11:29 PM IST
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बिजनौर। नजीबाबाद क्षेत्र के 18 घोड़े-खच्चरों में हॉर्स फ्लू (इक्विन इन्फ्लूएंजा वायरस) की पुष्टि हुई है। यह एक संक्रामक बीमारी है और दूसरे पशु भी इसकी चपेट में जाते हैं। चिकित्सकों की टीम ने पशु मालिकों से मिलकर सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं।
अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार की टीम ने नजीबाबाद क्षेत्र के ग्राम रतनपुर खुर्द, साहनपुर, मंडावली, नारायणपुर रतन में पहुंचकर घाेड़ों और खच्चरों की जांच की थी। यहां के लोग अश्व प्रजाति के पशुओं की खरीद-फरोख्त करते हैं। साथ ही उत्तराखंड के चार धामों की यात्रा में लोगों को लाने-ले जाने के लिए अपने अश्व प्रजाति के पशुओं को ले जाते हैं। इस क्षेत्र में टीम ने 538 अश्व प्रजाति के पशुओं के नमूने लेकर जांच के लिए भेजा था।
उनमें से सात नमूनों में इक्विन इन्फ्लूएंजा वायरस का संक्रमण मिला। इसके बाद 27 मई को फिर से 18 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। इनमें से 11 में बीमारी की पुष्टि हुई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. लोकेश अग्रवाल ने बताया कि पशु पालकों से कहा गया है कि संक्रमित पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखें। उन्हें जरूरी सावधानी बताते हुए उनका पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार की टीम ने नजीबाबाद क्षेत्र के ग्राम रतनपुर खुर्द, साहनपुर, मंडावली, नारायणपुर रतन में पहुंचकर घाेड़ों और खच्चरों की जांच की थी। यहां के लोग अश्व प्रजाति के पशुओं की खरीद-फरोख्त करते हैं। साथ ही उत्तराखंड के चार धामों की यात्रा में लोगों को लाने-ले जाने के लिए अपने अश्व प्रजाति के पशुओं को ले जाते हैं। इस क्षेत्र में टीम ने 538 अश्व प्रजाति के पशुओं के नमूने लेकर जांच के लिए भेजा था।
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उनमें से सात नमूनों में इक्विन इन्फ्लूएंजा वायरस का संक्रमण मिला। इसके बाद 27 मई को फिर से 18 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। इनमें से 11 में बीमारी की पुष्टि हुई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. लोकेश अग्रवाल ने बताया कि पशु पालकों से कहा गया है कि संक्रमित पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखें। उन्हें जरूरी सावधानी बताते हुए उनका पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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