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रात नौ बजे के बाद होगा होलिका दहन

Thu, 17 Mar 2022 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2022 12:27 AM IST
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Holika Dahan will happen after 9 pm
रात नौ बजे के बाद होगा होलिका दहन
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बिजनौर। आज होलिका दहन रात नौ बजे के बाद होगा। उस समय भद्रा का पुच्छ काल रहेगा। शास्त्रानुसार घर की सुख समृद्धि तथा नकारात्मक ऊर्जा समाप्त करने के लिए विधि विधान से होलिका पूजन करना चाहिए।
सिविल लाइंस स्थित धार्मिक संस्थान विष्णु लोक के ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा के अनुसार होलिका दहन का शुभ समय रात्रि नौ बजकर चार मिनट से 10 बजकर 14 मिनट तक है। इस समय भद्रा का पुच्छ काल रहेगा। शास्त्रानुसार भद्रा के मुख काल में होलिका दहन अशुभ माना जाता है। लेकिन भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन कर सकते हैं। पुराणों के अनुसार भद्रा सूर्य की पुत्री व शनिदेव की बहन हैं। रंग पर्व होली की पूर्व संध्या पर होलिका दहन से पहले अग्निदेव की पूजा का विधान है। अग्निदेव पंच तत्वों में प्रमुख हैं। इसलिए सनातन धर्म मानने वाले लोग भक्त प्रह्लाद पर आए संकट को टालने और अग्निदेव द्वारा ताप के बदले उन्हें शीतलता देने की प्रार्थना करते हैं। होलिका दहन के समय परिवार के सभी सदस्यों को गेहूं की हरी बालियों को लेकर पवित्र अग्नि में समर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि का आगमन होता है।
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ये है होली पूजा की विधि
होली का पूजन करते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को घी में भीगी हुई दो लौंग, एक बताशा और एक पान का पत्ता होली की 11 परिक्रमा करके अग्नि में समर्पित करना चाहिए। इससे सुख समृद्धि बढ़ती है। 11 गोमती चक्र हाथ में रखकर 21 बार मन में अपनी मनोकामना मांगें। गोमती चक्र होली में अर्पित करें। इससे मनोकामना पूर्ण होगी। होली की भस्म मस्तक पर लगाएं। अगले दिन प्रात: होलिका की अग्नि को घर लाएं। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।18 मार्च को रंगोत्सव है। रंग हमारी भावनाओं को दर्शाते हैं। रंगों के माध्यम से व्यक्ति शारीरिक व मानसिक रूप से प्रभावित होता है। इस कारण भारतीय संस्कृति में होली का पर्व फूलों रंग व गुलाल से खेलकर मनाया जाता है। सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली खेलने से आसपास की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
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