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पक्षियों की संख्या बढ़ाने की कवायद
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 10 Mar 2017 12:13 AM IST
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बिजनौर में प्रवासी पक्षियों का प्रजनन बढ़ाने के लिए गंगा किनारे पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। वन विभाग अभियान चलाकर बांस, बबूल, नीम आदि के पेड़ लगाए जाएंगे।
प्रजनन बढ़ने से यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या भी बढ़ेगी। वन विभाग गंगा किनारे के क्षेत्र को पक्षी विहार के रूप में डेवलप करेगा।अधिक सर्दी वाले क्षेत्रों मध्य एशिया, साइबेरिया, यूरोप आदि क्षेत्रों के पक्षी नवंबर में बिजनौर गंगा किनारे आकर डेरा जमा लेते हैं। यहां पर पक्षियों को खाना ढूंढने में आसानी होती है। डेरटर, कॉमन कूट, कोरमोरेंट लार्ज, कोरमोरेंट लिटिल, ब्लैब ड्रोनिगो, ग्रे हैरोन, पोंड हैरोन, रेड वैटेड लेड लेपविंग, ट्री पाई, कैटल इगरेट, बारहैंडेट गीज, रेड वेंटेड बुलबुल आदि पक्षियाें ने गंगा किनारे अभी भी डेरा डाल रखा है। ग्रे लैग गीज, ग्र हैरोन, कोरमोरेंट लार्ज, ओपन विल्ड स्टोक आदि के बड़े बड़े झुंड खादर में गंगा किनारे आसानी से दिख जाते हैं, लेकिन गंगा किनारे पेड़ अधिक न होने के कारण इन पक्षियों को घोंसला बनाने व प्रजनन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इसे देखते हुए वन विभाग गंगा किनारे पक्षियों की पसंदीदा जगहों पर पौधरोपण अभियान चलाएगा। पक्षियों की संख्या बढ़ने पर क्षेत्र को पक्षी विहार के रूप में विकसित किया जाएगा। डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों में इजाफा हो रहा है। गंगा किनारे पक्षियों का प्रजनन बढ़ाने की योजना है। इसके लिए जल्दी ही पौधरोपण अभियान शुरू किया जाएगा।
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प्रजनन बढ़ने से यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या भी बढ़ेगी। वन विभाग गंगा किनारे के क्षेत्र को पक्षी विहार के रूप में डेवलप करेगा।अधिक सर्दी वाले क्षेत्रों मध्य एशिया, साइबेरिया, यूरोप आदि क्षेत्रों के पक्षी नवंबर में बिजनौर गंगा किनारे आकर डेरा जमा लेते हैं। यहां पर पक्षियों को खाना ढूंढने में आसानी होती है। डेरटर, कॉमन कूट, कोरमोरेंट लार्ज, कोरमोरेंट लिटिल, ब्लैब ड्रोनिगो, ग्रे हैरोन, पोंड हैरोन, रेड वैटेड लेड लेपविंग, ट्री पाई, कैटल इगरेट, बारहैंडेट गीज, रेड वेंटेड बुलबुल आदि पक्षियाें ने गंगा किनारे अभी भी डेरा डाल रखा है। ग्रे लैग गीज, ग्र हैरोन, कोरमोरेंट लार्ज, ओपन विल्ड स्टोक आदि के बड़े बड़े झुंड खादर में गंगा किनारे आसानी से दिख जाते हैं, लेकिन गंगा किनारे पेड़ अधिक न होने के कारण इन पक्षियों को घोंसला बनाने व प्रजनन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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इसे देखते हुए वन विभाग गंगा किनारे पक्षियों की पसंदीदा जगहों पर पौधरोपण अभियान चलाएगा। पक्षियों की संख्या बढ़ने पर क्षेत्र को पक्षी विहार के रूप में विकसित किया जाएगा। डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों में इजाफा हो रहा है। गंगा किनारे पक्षियों का प्रजनन बढ़ाने की योजना है। इसके लिए जल्दी ही पौधरोपण अभियान शुरू किया जाएगा।
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