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अत्याचार का विरोध कर जुल्मी का हौंसला पस्त करें बेटियां
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चांदपुर। अमर उजाला फाउंडेशन के मिशन अपराजिता अभियान के अंतर्गत फादरसन सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल चांदपुर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। छात्राओं व शिक्षिकाओं ने अपने विचार व्यक्त किए। छात्रा वंशिका गौड़ ने छात्राओं को नारी गरिमा की रक्षा का संकल्प की शपथ दिलाई।
प्रधानाचार्य अमन कुमार ने अमर उजाला द्वारा ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान पर चला रहे अपराजिता कार्यक्रम में कहा कि अगर आपके सामने कुछ भी गलत हो रहा है या आपके साथ ही कोई कुछ गलत कर रहा हो तो चुप न रहकर उसका विरोध करना सीखें। निडर होकर आए बाधा को दूर कर आगे बढ़ते रहना चाहिए। कहा कि लड़कियां अपने को कमजोर न समझें। लड़कियों को कमजोर नहीं होना चाहिए बल्कि समस्याओं का डटकर सामना करें।
समस्याओं का करें सामना
उपप्रधानाचार्य केसर जमाल ने कहा कि समस्याओं से भागना नहीं चाहिए। उनका मुकाबला करना चाहिए। बेटी की सुरक्षा व पढ़ाई पर बल देते हुए कहा कि आज लड़कियां बड़े बड़े व जटिल स्थानों पर सेवा कर रहीं हैं। उनकी सुरक्षा के लिए लोगों को व लड़कों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी।
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समाज आए आगे
शिक्षिका सुनीता वर्मा ने कहा कि जब तक समाज में हर व्यक्ति बेटी बचाने के लिए आगे नहीं आएगा तब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता। माता-पिता एवं शिक्षकों को बेटियों को मानसिक, शारीरिक व नैतिक रूप से इतना सक्षम बनाएं कि बेटियां अपने आप को खुद बचा सकें।
योजनाओं का उठाएं लाभ
शिक्षिका पूनम बंसल ने कहा कि सरकार द्वारा बेटियों को शिक्षित करने, स्वास्थ्य सेवाएं देने, भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने, आर्थिक सहायता देने, बेटियों की शादी कराने आदि बहुत सी योजनाएं बेटियों के लिए देशभर में चलाई जा रही हैं। इनके बारे में सबको पता होना चाहिए।
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लड़कियों की इज्जत करें
छात्रा नाजिश ने कविता, हाथ लगाओगे डर जाएगी, बाहर निकालोगे मर जाएगी के माध्यम से बताया कि आज लड़कियों की भी यही स्थिति है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ बड़ी शान से सब बोलते हैं। बेटी बचा भी ली, पढ़ा भी ली लेकिन क्या उसकी इज्जत बचा पाए। नाजिश ने कहा कि लड़कियों की इज्जत करना सीखें।
घर पर बोझ नहीं है बेटी
छात्रा प्रीत कौर ने कविता के माध्यम से कहा कि पापा आपने मेरी हर बात मानी है, एक बात और मान जाओ न पापा, इस धरती पर बोझ नहीं है बेटी, दुनिया को समझाओ न पापा।
सौभाग्य से मिलती है बेटी
छात्रा अलीशा ने कहा कि बेटी तो भगवान की अनमोल भेंट है, इसलिए कहते हैं बेटा भाग्य से मिलता है और बेटी सौभाग्य से मिलती है।
ईश्वर का आशीर्वाद है बेटी
छात्रा सामिया खान ने कहा कि बेटी की मोहब्बत को कभी अजमाना नहीं, वह फूल है उसे कभी रुलाना नहीं, असीम दुलार पाने की हकदार है बेटी, समझो ईश्वर का आशीर्वाद है बेटी।
जूडो कराटे का मिले प्रशिक्षण
छात्रा सलौनी त्यागी ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए जूडो-कराटो का प्रशिक्षण भी दिया जाए।
जुड़ें अभियान से
छात्रा दानिया हुसैन ने कहा कि अमर उजाला ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर जो मुहिम छेड़ी है उससे जुड़कर इस अभियान को और आगे बढ़ाने के लिए हमें संकल्प लेना चाहिए।
बेटियों के सम्मान से उत्थान
छात्रा दिपांशी ने कहा कि चाहे कोई परिवार, समाज हो या देश। महिलाओं के सम्मान के बगैर उत्थान सम्भव नहीं है। हमें यह बात भावी पीढ़ी को समझानी होगी।
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प्रधानाचार्य अमन कुमार ने अमर उजाला द्वारा ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान पर चला रहे अपराजिता कार्यक्रम में कहा कि अगर आपके सामने कुछ भी गलत हो रहा है या आपके साथ ही कोई कुछ गलत कर रहा हो तो चुप न रहकर उसका विरोध करना सीखें। निडर होकर आए बाधा को दूर कर आगे बढ़ते रहना चाहिए। कहा कि लड़कियां अपने को कमजोर न समझें। लड़कियों को कमजोर नहीं होना चाहिए बल्कि समस्याओं का डटकर सामना करें।
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समस्याओं का करें सामना
उपप्रधानाचार्य केसर जमाल ने कहा कि समस्याओं से भागना नहीं चाहिए। उनका मुकाबला करना चाहिए। बेटी की सुरक्षा व पढ़ाई पर बल देते हुए कहा कि आज लड़कियां बड़े बड़े व जटिल स्थानों पर सेवा कर रहीं हैं। उनकी सुरक्षा के लिए लोगों को व लड़कों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी।
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समाज आए आगे
शिक्षिका सुनीता वर्मा ने कहा कि जब तक समाज में हर व्यक्ति बेटी बचाने के लिए आगे नहीं आएगा तब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता। माता-पिता एवं शिक्षकों को बेटियों को मानसिक, शारीरिक व नैतिक रूप से इतना सक्षम बनाएं कि बेटियां अपने आप को खुद बचा सकें।
योजनाओं का उठाएं लाभ
शिक्षिका पूनम बंसल ने कहा कि सरकार द्वारा बेटियों को शिक्षित करने, स्वास्थ्य सेवाएं देने, भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने, आर्थिक सहायता देने, बेटियों की शादी कराने आदि बहुत सी योजनाएं बेटियों के लिए देशभर में चलाई जा रही हैं। इनके बारे में सबको पता होना चाहिए।
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लड़कियों की इज्जत करें
छात्रा नाजिश ने कविता, हाथ लगाओगे डर जाएगी, बाहर निकालोगे मर जाएगी के माध्यम से बताया कि आज लड़कियों की भी यही स्थिति है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ बड़ी शान से सब बोलते हैं। बेटी बचा भी ली, पढ़ा भी ली लेकिन क्या उसकी इज्जत बचा पाए। नाजिश ने कहा कि लड़कियों की इज्जत करना सीखें।
घर पर बोझ नहीं है बेटी
छात्रा प्रीत कौर ने कविता के माध्यम से कहा कि पापा आपने मेरी हर बात मानी है, एक बात और मान जाओ न पापा, इस धरती पर बोझ नहीं है बेटी, दुनिया को समझाओ न पापा।
सौभाग्य से मिलती है बेटी
छात्रा अलीशा ने कहा कि बेटी तो भगवान की अनमोल भेंट है, इसलिए कहते हैं बेटा भाग्य से मिलता है और बेटी सौभाग्य से मिलती है।
ईश्वर का आशीर्वाद है बेटी
छात्रा सामिया खान ने कहा कि बेटी की मोहब्बत को कभी अजमाना नहीं, वह फूल है उसे कभी रुलाना नहीं, असीम दुलार पाने की हकदार है बेटी, समझो ईश्वर का आशीर्वाद है बेटी।
जूडो कराटे का मिले प्रशिक्षण
छात्रा सलौनी त्यागी ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए जूडो-कराटो का प्रशिक्षण भी दिया जाए।
जुड़ें अभियान से
छात्रा दानिया हुसैन ने कहा कि अमर उजाला ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर जो मुहिम छेड़ी है उससे जुड़कर इस अभियान को और आगे बढ़ाने के लिए हमें संकल्प लेना चाहिए।
बेटियों के सम्मान से उत्थान
छात्रा दिपांशी ने कहा कि चाहे कोई परिवार, समाज हो या देश। महिलाओं के सम्मान के बगैर उत्थान सम्भव नहीं है। हमें यह बात भावी पीढ़ी को समझानी होगी।