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दो मौत के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग, शिविर लगाकर की जांच
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बिजनौर। जिले में इस समय बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी अस्पतालों तक बुखार के मरीजों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। वहीं फीना में सातवीं के दो छात्रों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाकर मरीजों की जांच की गई। मंगलवार को 45 मरीजों की जांच कर दवाई दी गई।
इन दिनों लोग एक-दूसरे के संपर्क में आने से वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 300 मरीज तक वायरल फीवर के पहुंच रहे हैं। फीना में रविवार रात दो बच्चों की तेज बुखार के चलते मौत हो गई। उनकी प्लेटलेट्स लगातार घट रही थी। बच्चों की मौत की खबर सुनते ही स्वास्थ्य विभाग हड़कंप मचा गया। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने फीना ने सोमवार को शिविर लगाया। जिसमें 74 लोगों की जांच की गई। इनमें 22 लोगों की मलेरिया और चार लोगों की डेंगू की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं जांच के बाद बुखार से ग्रसित मरीजों की दवाई दी गई। वहीं मंगलवार को भी 45 लोगों की जांच कर दवाई दी गई।
वायरल फीवर में करें ये काम
- वायरल फीवर होने पर मुंह पर मास्क जरूर लगाएं
- हाथों, पैरों को थोड़ी-थोड़ी देर में धोते रहें
- खानपान का ध्यान रखें
- ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें
- गंदगी में जाने से बचें
संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से बचें
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजेश डाबरे ने बताया कि ग्रसित मरीज के संपर्क में आने से वायरल फीवर ज्यादा फैल रहा है। बुखार, जुकाम, खांसी होने पर लोगों को मास्क लगाकर रखना चाहिए।
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बुखार होने पर शुरू में ही लें पेरासिटामोल
फिजिशियन डॉ. पंकज त्यागी का कहना है कि इस मौसम में वायरल फीवर के ही ज्यादा मरीज रहते हैं। इसलिए लोगों को मास्क का प्रयोग जरूर करना चाहिए। साथ ही बुखार होने पर पेरासिटामोल की गोली लें और अपने फिजिशियन को दिखाएं।
बुखार में खानपान पर रखे ध्यान
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विभू शर्मा ने कहा कि बड़ों से लेकर बच्चों तक सभी वायरल फीवर की चपेट में हैं। इसलिए बुखार होने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर तुरंत दवाई लें। वहीं बच्चों के खाना का ध्यान रखें।
पांच दिनों तक मुंह पर लगाएं मास्क
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. नवनेष कोठारी ने बताया कि ग्रसित मरीज के संपर्क में ज्यादा नहीं रहना है। क्योंकि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने सेे स्वस्थ व्यक्ति को भी वायरल हो जाता है। साथ ही करीब पांच दिनों तक मुंह पर मास्क लगाकर रखें।
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इन दिनों लोग एक-दूसरे के संपर्क में आने से वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 300 मरीज तक वायरल फीवर के पहुंच रहे हैं। फीना में रविवार रात दो बच्चों की तेज बुखार के चलते मौत हो गई। उनकी प्लेटलेट्स लगातार घट रही थी। बच्चों की मौत की खबर सुनते ही स्वास्थ्य विभाग हड़कंप मचा गया। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने फीना ने सोमवार को शिविर लगाया। जिसमें 74 लोगों की जांच की गई। इनमें 22 लोगों की मलेरिया और चार लोगों की डेंगू की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं जांच के बाद बुखार से ग्रसित मरीजों की दवाई दी गई। वहीं मंगलवार को भी 45 लोगों की जांच कर दवाई दी गई।
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वायरल फीवर में करें ये काम
- वायरल फीवर होने पर मुंह पर मास्क जरूर लगाएं
- हाथों, पैरों को थोड़ी-थोड़ी देर में धोते रहें
- खानपान का ध्यान रखें
- ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें
- गंदगी में जाने से बचें
संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से बचें
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजेश डाबरे ने बताया कि ग्रसित मरीज के संपर्क में आने से वायरल फीवर ज्यादा फैल रहा है। बुखार, जुकाम, खांसी होने पर लोगों को मास्क लगाकर रखना चाहिए।
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बुखार होने पर शुरू में ही लें पेरासिटामोल
फिजिशियन डॉ. पंकज त्यागी का कहना है कि इस मौसम में वायरल फीवर के ही ज्यादा मरीज रहते हैं। इसलिए लोगों को मास्क का प्रयोग जरूर करना चाहिए। साथ ही बुखार होने पर पेरासिटामोल की गोली लें और अपने फिजिशियन को दिखाएं।
बुखार में खानपान पर रखे ध्यान
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विभू शर्मा ने कहा कि बड़ों से लेकर बच्चों तक सभी वायरल फीवर की चपेट में हैं। इसलिए बुखार होने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर तुरंत दवाई लें। वहीं बच्चों के खाना का ध्यान रखें।
पांच दिनों तक मुंह पर लगाएं मास्क
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. नवनेष कोठारी ने बताया कि ग्रसित मरीज के संपर्क में ज्यादा नहीं रहना है। क्योंकि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने सेे स्वस्थ व्यक्ति को भी वायरल हो जाता है। साथ ही करीब पांच दिनों तक मुंह पर मास्क लगाकर रखें।