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घर घर जाकर टीबी मरीज खोजेगा स्वास्थ्य विभाग

Thu, 13 Feb 2020 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2020 12:09 AM IST
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Health department will find TB patient
घर घर जाकर टीबी मरीज खोजेगा स्वास्थ्य विभाग
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बिजनौर। जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 17 से 27 फरवरी तक डोर टू डोर सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान (एसीएफ) चलाया जाएगा। इसके लिए जिले भर में कुल 205 टीमें गठित की गई हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में 13 नोडल अधिकारी, 39 सुपरवाइजर समेत 606 कर्मचारी शामिल किए गए हैं। जिले की सभी 12 टीबी यूनिट पर आधुनिक मशीनों से बलगम की जांच की जाएगी।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम 17 से 27 फरवरी तक घर घर जाकर टीबी रोगियों की खोज करेगी। जिले के एक लाख चार हजार 288 घरों को आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। चिह्नित क्षेत्रों में इस अभियान के अंतर्गत चयनित कुल साढ़े चार लाख की जनसंख्या पर अभियान चलाया जाना है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस कार्य के लिए 205 टीमों का गठन किया गया है। इसके अंतर्गत 606 कर्मचारी एवं स्वयंसेवी कार्यकर्ता शामिल रहेंगे। टीमों की निगरानी के लिए 39 पर्यवेक्षकों के साथ 13 नोडल अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले की सभी 12 टीबी यूनिट पर बलगम की जांच की जाएगी।
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जिला क्षय रोग अधिकारी बीएस रावत के अनुसार राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत भारत में क्षय रोग नियंत्रण के लिए पहले वर्ष 2035 का लक्ष्य था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे घटाकर 2025 कर दिया है। सरकार की मंशा है कि 2025 तक भारत को टीबी रोग से मुक्त कर दिया जाए। अभियान के अलावा टीबी मरीजों के लिए जिले में कुल 12 क्षय रोग यूनिट एवं 33 लैब विभिन्न सीएचसी एवं पीएचसी पर स्थापित हैं। इन स्थानों पर टीबी रोगियों की नि:शुल्क जांच होती है एवं दवाइयों का वितरण होता है। साथ ही रोगी को 500 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता के रूप में दिया जाता है। सीएमओ विजय कुमार यादव ने सभी लोगों से सहयोग की अपील करते हुए निजी चिकित्सकों को भी सूचित करने के लिए कहा है। जिससे ऐसे मरीजों पर निगरानी रखी जा सके, जिनका उपचार प्राइवेट चिकित्सकों के यहां पर चल रहा है। उन्होंने बताया कि सभी प्राइवेट चिकित्सक इसमें सहयोग करें। क्योंकि उनके सहयोग किए बिना इस रोग को जड़ समाप्त नहीं किया जा सकता।
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