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स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिले एंटी रेबीज इंजेक्शन
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स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिले एंटी रेबीज इंजेक्शन
बिजनौर। जिले में एंटी रेबीज इंजेक्शन न होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में ही हर रोज 100 से अधिक लोगों को एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगते थे लेकिन अब लंबे समय से एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। मजबूरी में लोगों को दुकानों से खरीदकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पड़ रहे हैं।
एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी और पीएचसी में अलग व्यवस्था रहती है। कुत्ते के काटने पर मरीज सरकारी केंद्रों पर जाकर आसानी से एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा लेते थे, लेकिन कोरोना के बाद से यह व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। पहले जिले में हर रोज करीब 250 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगते थे। अकेले जिला अस्पताल में ही 100 से ज्यादा लोगों को इंजेक्शन लगते थे, लेकिन अब अब शासन की ओर से यह दवा नहीं भेजी जा रही है। सरकारी केंद्रों पर आने वाले लोगों को निराश लौटना पड़ता है। मेडिकल स्टोर पर एंटी रेबीज इंजेक्शन 400 रुपये का मिल रहा है। मरीज मजबूरी में निजी चिकित्सकों या मेडिकल स्टोर से ही खरीदकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर महीने में दो से तीन बार शासन से एंटी रेबीज इंजेक्शन देने की मांग की जा रही है। दवा की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे पूरे जिले के ही मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल के अनुसार एंटी रेबीज इंजेक्शन की मांग लगातार की जा रही है। दवा मिलते ही मरीजों को इंजेक्शन लगाने शुरू कर दिए जाएंगे।
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बिजनौर। जिले में एंटी रेबीज इंजेक्शन न होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जिला अस्पताल में ही हर रोज 100 से अधिक लोगों को एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगते थे लेकिन अब लंबे समय से एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। मजबूरी में लोगों को दुकानों से खरीदकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पड़ रहे हैं।
एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी और पीएचसी में अलग व्यवस्था रहती है। कुत्ते के काटने पर मरीज सरकारी केंद्रों पर जाकर आसानी से एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा लेते थे, लेकिन कोरोना के बाद से यह व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। पहले जिले में हर रोज करीब 250 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगते थे। अकेले जिला अस्पताल में ही 100 से ज्यादा लोगों को इंजेक्शन लगते थे, लेकिन अब अब शासन की ओर से यह दवा नहीं भेजी जा रही है। सरकारी केंद्रों पर आने वाले लोगों को निराश लौटना पड़ता है। मेडिकल स्टोर पर एंटी रेबीज इंजेक्शन 400 रुपये का मिल रहा है। मरीज मजबूरी में निजी चिकित्सकों या मेडिकल स्टोर से ही खरीदकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर महीने में दो से तीन बार शासन से एंटी रेबीज इंजेक्शन देने की मांग की जा रही है। दवा की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे पूरे जिले के ही मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल के अनुसार एंटी रेबीज इंजेक्शन की मांग लगातार की जा रही है। दवा मिलते ही मरीजों को इंजेक्शन लगाने शुरू कर दिए जाएंगे।
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