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Bijnor News: हरपीज़ बीमारी से हुई मादा हाथी खुशी की मौत
Sun, 07 Apr 2024 12:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 07 Apr 2024 12:29 AM IST
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कालागढ़ की हाथीशाला में चिकित्सकों एवं वैज्ञानिकों से जानकारी लेते कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदे
बिजनौर, कालागढ़। कालागढ़ स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की हाथीशाला में मादा हाथी खुशी की मृत्यु हरपीज़ बीमारी के चलते हुई। हाथी के शरीर में हरपीज़ का वायरस पाया गया।
कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ स्थित हाथीशाला में शुक्रवार की सुबह मादा हाथी खुशी की मृत्यु हो गई थी। मृत्यु के बाद खुशी के शव का विच्छेदन कार्बेट टाइगर रिजर्व के चिकित्सकों एवं बाहरी पशु चिकित्सा अधिकारियों के पैनल ने किया। इस अवसर पर बरेली के भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक भी मौजूद रहे। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डाॅ. धीरज पांडेय ने बताया कि खुशी की मृत्यु का कारण हरपीज की बीमारी रही। हाथियों में यह बीमारी अक्सर हो जाती है। हाथी जब बाहरी क्षेत्र में गस्त एवं चरने के लिए जाता है। तो अक्सर वह इस प्रकार के वायरस की चपेट में आ जाता है। घटना को लेकर वन विभाग ने सतर्कता बरतते हुए अन्य हाथियों को आइसोलेट करना शुरू कर दिया है। कालागढ़ की हाथीशाला में वर्तमान में चार हाथी मौजूद हैं। इसके अलावा कार्बेट टाइगर रिजर्व एवं नेशनल पार्क के अनेक स्थानों पर पालतू हाथी मौजूद हैं। कालागढ़ की घटना को लेकर सभी स्थानों पर विशेष निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
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कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ स्थित हाथीशाला में शुक्रवार की सुबह मादा हाथी खुशी की मृत्यु हो गई थी। मृत्यु के बाद खुशी के शव का विच्छेदन कार्बेट टाइगर रिजर्व के चिकित्सकों एवं बाहरी पशु चिकित्सा अधिकारियों के पैनल ने किया। इस अवसर पर बरेली के भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक भी मौजूद रहे। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डाॅ. धीरज पांडेय ने बताया कि खुशी की मृत्यु का कारण हरपीज की बीमारी रही। हाथियों में यह बीमारी अक्सर हो जाती है। हाथी जब बाहरी क्षेत्र में गस्त एवं चरने के लिए जाता है। तो अक्सर वह इस प्रकार के वायरस की चपेट में आ जाता है। घटना को लेकर वन विभाग ने सतर्कता बरतते हुए अन्य हाथियों को आइसोलेट करना शुरू कर दिया है। कालागढ़ की हाथीशाला में वर्तमान में चार हाथी मौजूद हैं। इसके अलावा कार्बेट टाइगर रिजर्व एवं नेशनल पार्क के अनेक स्थानों पर पालतू हाथी मौजूद हैं। कालागढ़ की घटना को लेकर सभी स्थानों पर विशेष निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
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