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नहर टूटी होने से फसलें जलमग्न
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 23 Jan 2017 12:22 AM IST
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अफजलगढ़ में गांव रसूलाबाद में नहर की मरम्मत नहीं होने से फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो गई। किसानों ने नहर की मरम्मत कराने की मांग को लेकर सिंचाई विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने सिंचाई विभाग से बर्बाद हुए फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की है। आरोप है कि सिंचाई विभाग की लीपापोती की वजह से नहर की मरम्मत नहीं हो सकी।
रविवार को किसानों ने भिक्कावाला जमनपुर माइनर को लेकर गांव रसूलाबाद में सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की अनदेखी के चलते नहर की दो साल से मरम्मत नहीं हो सकी। कालागढ़ डैम से पानी छूटते ही नहर कई स्थानों पर ध्वस्त हो गई। नहर टूटने से किसानों की फसल जलमग्न हो गई। किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। आरोप है कि सिंचाई विभाग ने दो साल से नहर की सुध तक नहीं ली। अब किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गेहूं, सरसों व सब्जियां पानी में डूबी हैं। किसान गन्ने की बुवाई भी नहीं कर सकते हैं। उन्होंने डीएम से फसलों के नुकसान का आंकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर सड़कों पर उतरने के विवश होना पड़ेगा। अधिकारियों को किसानों की कोई चिंता नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान इसी तरह बर्बाद होते रहे तो खेती करना एक दिन छोड़ देंगेे। प्रदर्शनकारियों में अमरीक सिंह, प्रीतम सिंह, जगदीश, दिलबाग, अब्दुल, वाहिद, नरेंद्र, राकेश, रणजीत सिंह, हरीश कुमार, अमरीक, गुरजंट सिंह, अवतार सिंह, जसवंत सिंह आदि किसान रहे। उधर, जेई अश्वनी कुमार ने कहा कि नहर की सफाई का ठेका नहीं हो सका था। शीघ्र ही समस्या का समाधान होगा। नियमों के अनुरूप किसानों की मदद की जाएगी।
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रविवार को किसानों ने भिक्कावाला जमनपुर माइनर को लेकर गांव रसूलाबाद में सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की अनदेखी के चलते नहर की दो साल से मरम्मत नहीं हो सकी। कालागढ़ डैम से पानी छूटते ही नहर कई स्थानों पर ध्वस्त हो गई। नहर टूटने से किसानों की फसल जलमग्न हो गई। किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। आरोप है कि सिंचाई विभाग ने दो साल से नहर की सुध तक नहीं ली। अब किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गेहूं, सरसों व सब्जियां पानी में डूबी हैं। किसान गन्ने की बुवाई भी नहीं कर सकते हैं। उन्होंने डीएम से फसलों के नुकसान का आंकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर सड़कों पर उतरने के विवश होना पड़ेगा। अधिकारियों को किसानों की कोई चिंता नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान इसी तरह बर्बाद होते रहे तो खेती करना एक दिन छोड़ देंगेे। प्रदर्शनकारियों में अमरीक सिंह, प्रीतम सिंह, जगदीश, दिलबाग, अब्दुल, वाहिद, नरेंद्र, राकेश, रणजीत सिंह, हरीश कुमार, अमरीक, गुरजंट सिंह, अवतार सिंह, जसवंत सिंह आदि किसान रहे। उधर, जेई अश्वनी कुमार ने कहा कि नहर की सफाई का ठेका नहीं हो सका था। शीघ्र ही समस्या का समाधान होगा। नियमों के अनुरूप किसानों की मदद की जाएगी।
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