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लोगों की प्यास बुझाने को अब नहीं लगेंगे हैंडपंप

Mon, 29 Jun 2020 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2020 11:27 PM IST
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Hand pumps will no longer be used to quench people's thirst
लोगों की प्यास बुझाने को अब नहीं लगेंगे हैंडपंप
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बिजनौर। अब लोगों की प्यास बुझाने के लिए कहीं भी हैंड पंप नहीं लगेंगे। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पानी के ओवर हेड टैंक से पाइप लाइन डाली जाएगी, ताकि लोंगों को पानी की कमी महसूस न हो और उन्हें भरपूर पानी मिल सके। शहरों के साथ सड़क किनारे गांव-देहात में सरकार ने हैंडपंप लगाना बंद कर दिया है। हैंडपंप लगवाने के लिए गर्मी के दिनों में मारामारी मची रहती थी। लोग जनप्रतिनिधियों से हैंडपंप लगवाने की गुहार लगाते रहते थे।
शहरों से लेकर गांव-देहात तक लोगों की प्यास बुझाने के लिए हैंडपंप लगाए जाते थे। लेकिन अब सरकार ने हैंडपंप लगाना बंद कर दिया है। पूरे जिले में 39 हजार हैंड पंप लगे हुए हैं। जहां ये हैंडपंप लगे हैं, वहां गर्मी के दिनों में लोग इन हैंडपंपों का ही पानी पीना पसंद करते हैं। हैंडपंप लगवाने के लिए लोग जनप्रतिनिधियों के यहां सिफारिश करते रहते थे। अब सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत गांव व देहात में ओवरहेड टैंक से घर-घर पाइप लाइन बिछवाने का निर्णय लिया है। इसके लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। पूरे भारत में यह योजना लागू की गई है। हैंड पंप लगाने की जगह अब घर-घर पाइप लाइन बिछाकर पानी पहुंचाया जाएगा। इससे लोगों की पानी की किल्लत दूर की जाएगी। जिन गांवों में पानी के ओवरहेड टैंक नहीं बने हैं। वहां राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की देखरेख में ओवर हेड बनाकर पाइप लाइन घर-घर पहुंचाई जाएगी। जिन गांवों में पहले से ही ओवरहेड टैंक हैं, वहां जल निगम के माध्यम से पाइप लाइन घर-घर पहुंचाई जाएगी। जल निगम के अधिशासी अभियंता भरत सिंह के मुताबिक अब सरकार ने हैंड पंपों को लगाना बंद कर दिया है। उनकी जगह घर-घर पानी की पाइप लाइन डाली जाएगी। लोगों की पानी की जरूरत को इससे ही पूरा किया जाएगा।
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जिले में इस बार भी लग चुके हैं 908 हैंडपंप
बिजनौर। जिले में प्रत्येक विधायक के कोटे में 100 हैंडपंप लगाने का पिछले वर्ष लक्ष्य दिया गया था। बढ़ापुर के भाजपा विधायक सुशांत सिंह को छोड़कर बाकी सभी विधायकों के कोटे के हैंडपंप लग चुके हैं। जिले में आठ विधायकों में नगीना के सपा विधायक मनोज पारस, नजीबाबाद के सपा विधायक तसलीम अहमद, नूरपुर के सपा विधायक नईमुल हसन, बिजनौर की भाजपा विधायक सूचि चौधरी मौसम, चांदपुर की भाजपा विधायक कमलेश सैनी, धामपुर के भाजपा विधायक अशोक राणा, नहटौर के भाजपा विधायक ओम कुमार इन सभी के कोटे के सौ-सौ हैंडपंप लग चुके हैं। बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह के कोटे के अभी 76 हैंडपंप लगे हैं, 24 लगना बाकी हैं। विधायक के प्रस्ताव नहीं मिलने के कारण ये हैंडपंप नहीं लग पाए हैं। विधायकों का यह कोटा समाप्त होने के बाद आगे कोई भी हैंडपंप नहीं लगेगा। सरकार ने हैंडपंप लगाने पर रोक लगा दी है। विधायकों के अलावा एमएलसी बुक्कन नवाब के 10, अशोक कटारिया के 69, संजय कुमार मिश्र के 13, परवेज अली के 10, जयपाल सिंह के 20 और भूपेंद्र सिंह के कोटे से 10 हैंडपंप लगे हैं। पूरे जिले में 932 हैंडपंप लगने थे, इनमें 908 हैंडपंप लग चुके हैं।
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