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बिजनौर : दिल-लीवर, फेफड़े समेत पांच किलो मांस खा गया गुलदार
Fri, 28 Jul 2023 11:37 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 28 Jul 2023 11:37 PM IST
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- अब बिना शिकार के पांच दिन तक जंगलों में छिपा रह सकता है गुलदार
- घटना स्थल के पांच से सात किलोमीटर में अगले शिकार की आशंका
- वन्य जीव विशेषज्ञ मान रहे, पूरी तरह नरभक्षी बन चुका गुलदार
फोटो समाचार
रजनीश त्यागी
बिजनौर। नगीना क्षेत्र के गांव तेलीपुरा में गुलदार ने जिस युवक को मारा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी गुलदार के नरभक्षी होने की ओर इशारा बन रही है। युवक के शरीर से पांच किलोग्राम मांस गुलदार खा चुका था। इसके अलावा वह युवक का दिल, लीवर और फेफड़े भी खा गया। उसके गर्दन, हाथ, पैर पर भी पंजों के निशान मिले हैं। मौत का कारण गर्दन पकड़ने के कारण शॉक एंड हेमरेज आया है। उधर, वन्य जीव विशेषज्ञ मारे गए युवक की हालत देख गुलदार के पूरी तरह नरभक्षी होने और इसके और अधिक हिंसक होने की आशंका जता रहे हैं।
करीब दस दिन पहले कोतवाली देहात के पास अकबराबाद के जंगल में गुलदार ने एक महिला को मार डाला था। इसके बाद अब बृहस्पतिवार को गांव तेलीपुरा में गुलदार ने 20 वर्षीय युवक संदीप को मार डाला। शुक्रवार को पोस्टमार्टम हुआ तो कई चौंकाने वाले तथ्यों का पता चला। जैसे गुलदार युवक का करीब पांच किलो मांस खा गया। वह संदीप को करीब 50 मीटर दूर खींचकर गन्ने के खेत में ले गया था और वहां पर आराम से उसका मांस खाया। पोस्टमार्टम में यह भी पता चला कि युवक की मौत गुलदार द्वारा गर्दन पकड़ने से हो गई थी। मौत का कारण शॉक एंड हेमरेज आया है। गर्दन पर दांतों के निशान थे। चेहरे, सिर और हाथों पर पंजों के निशान मिले। इसके अलावा गुलदार युवक का दिल और लीवर और फेफड़े भी खा गया। (संवाद)
पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में खतरा
17 जुलाई को अकबराबाद में जहां महिला को गुलदार ने मारा और 27 जुलाई में तेलीपुरा के जिस जंगल में युवक पर हमला किया, इसके बीच की दूरी करीब पांच किलोमीटर बताई जा रही है। ऐसे में गुलदार पेट भरकर मांस खा चुका है और वह अगले तीन से चार दिन तक आराम से जंगल में बिना शिकार के छिपा रह सकता है। वन्य जीव विशेषज्ञों की माने तो वहां भीड़ बढ़ने के कारण गुलदार जंगल के दूसरे हिस्से में चला जाएगा। जैसा पुराने शिकार और नए शिकार के बीच की दूरी बता रही है, वह अगले तीन दिन में पांच किलोमीटर दूर जा सकता है। वह अधिकांश दूरी रात में तय करता है। इसलिए घटनास्थल के आसपास के गांवाें के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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बाहर से नहीं आएंगे शिकारी, वन विभाग के कर्मचारी ही मारेंगे गोली
तेलीपुरा के जंगल में छिपे नरभक्षी गुलदार को मारने के लिए बाहर से शिकारी नहीं बुलाए जाएंगे। एनटीसीए के नियमों में सख्ती के बाद यह निर्णय लिया गया है। पहले कुछ शूटर को अनुमति दे दी जाती थी, लेकिन इस बार वनकर्मियों को ही नरभक्षी का शिकार करना पड़ेगा। हालांकि वन विभाग करीब 20 वनकर्मियों के हथियार के साथ जंगल में पहुंचने का दावा कर रहा है।
-- -- -- -- -- - कोट
बाहर से टीम आनी शुरू हो गई है। अब तक इस जंगल में वन अफसरों, वनकर्मियों की 50 सदस्य टीम पहुंच चुकी है। शुक्रवार की रात में ही दुधवा से दो हाथी भी पहुंच जाएंगे। नरभक्षी गुलदार को पकड़ने और मारने दोनों की तैयारी है। ड्रोन, ट्रैप कैमरों से उसकी तलाश की जा रही है - ज्ञान सिंह, एसडीओ वन विभाग
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- घटना स्थल के पांच से सात किलोमीटर में अगले शिकार की आशंका
- वन्य जीव विशेषज्ञ मान रहे, पूरी तरह नरभक्षी बन चुका गुलदार
फोटो समाचार
रजनीश त्यागी
बिजनौर। नगीना क्षेत्र के गांव तेलीपुरा में गुलदार ने जिस युवक को मारा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी गुलदार के नरभक्षी होने की ओर इशारा बन रही है। युवक के शरीर से पांच किलोग्राम मांस गुलदार खा चुका था। इसके अलावा वह युवक का दिल, लीवर और फेफड़े भी खा गया। उसके गर्दन, हाथ, पैर पर भी पंजों के निशान मिले हैं। मौत का कारण गर्दन पकड़ने के कारण शॉक एंड हेमरेज आया है। उधर, वन्य जीव विशेषज्ञ मारे गए युवक की हालत देख गुलदार के पूरी तरह नरभक्षी होने और इसके और अधिक हिंसक होने की आशंका जता रहे हैं।
करीब दस दिन पहले कोतवाली देहात के पास अकबराबाद के जंगल में गुलदार ने एक महिला को मार डाला था। इसके बाद अब बृहस्पतिवार को गांव तेलीपुरा में गुलदार ने 20 वर्षीय युवक संदीप को मार डाला। शुक्रवार को पोस्टमार्टम हुआ तो कई चौंकाने वाले तथ्यों का पता चला। जैसे गुलदार युवक का करीब पांच किलो मांस खा गया। वह संदीप को करीब 50 मीटर दूर खींचकर गन्ने के खेत में ले गया था और वहां पर आराम से उसका मांस खाया। पोस्टमार्टम में यह भी पता चला कि युवक की मौत गुलदार द्वारा गर्दन पकड़ने से हो गई थी। मौत का कारण शॉक एंड हेमरेज आया है। गर्दन पर दांतों के निशान थे। चेहरे, सिर और हाथों पर पंजों के निशान मिले। इसके अलावा गुलदार युवक का दिल और लीवर और फेफड़े भी खा गया। (संवाद)
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पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में खतरा
17 जुलाई को अकबराबाद में जहां महिला को गुलदार ने मारा और 27 जुलाई में तेलीपुरा के जिस जंगल में युवक पर हमला किया, इसके बीच की दूरी करीब पांच किलोमीटर बताई जा रही है। ऐसे में गुलदार पेट भरकर मांस खा चुका है और वह अगले तीन से चार दिन तक आराम से जंगल में बिना शिकार के छिपा रह सकता है। वन्य जीव विशेषज्ञों की माने तो वहां भीड़ बढ़ने के कारण गुलदार जंगल के दूसरे हिस्से में चला जाएगा। जैसा पुराने शिकार और नए शिकार के बीच की दूरी बता रही है, वह अगले तीन दिन में पांच किलोमीटर दूर जा सकता है। वह अधिकांश दूरी रात में तय करता है। इसलिए घटनास्थल के आसपास के गांवाें के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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बाहर से नहीं आएंगे शिकारी, वन विभाग के कर्मचारी ही मारेंगे गोली
तेलीपुरा के जंगल में छिपे नरभक्षी गुलदार को मारने के लिए बाहर से शिकारी नहीं बुलाए जाएंगे। एनटीसीए के नियमों में सख्ती के बाद यह निर्णय लिया गया है। पहले कुछ शूटर को अनुमति दे दी जाती थी, लेकिन इस बार वनकर्मियों को ही नरभक्षी का शिकार करना पड़ेगा। हालांकि वन विभाग करीब 20 वनकर्मियों के हथियार के साथ जंगल में पहुंचने का दावा कर रहा है।
बाहर से टीम आनी शुरू हो गई है। अब तक इस जंगल में वन अफसरों, वनकर्मियों की 50 सदस्य टीम पहुंच चुकी है। शुक्रवार की रात में ही दुधवा से दो हाथी भी पहुंच जाएंगे। नरभक्षी गुलदार को पकड़ने और मारने दोनों की तैयारी है। ड्रोन, ट्रैप कैमरों से उसकी तलाश की जा रही है - ज्ञान सिंह, एसडीओ वन विभाग