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अगस्त में बढ़ा जीएसटी, लोगों ने जमकर की खरीदारी
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अगस्त में बढ़ा जीएसटी, लोगों ने जमकर की खरीदारी
बिजनौर। अगस्त का महीना सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी के हिसाब से महत्वपूर्ण साबित हुआ है। अगस्त में जिले में 25 करोड़ से अधिक की जीएसटी मिली है। इसका साफ मतलब है कि जनता ने घरों से निकलकर खरीदारी की है। पिछले साल अगस्त महीने के मुकाबले जीएसटी 66 प्रतिशत अधिक है।
जीएसटी से किसी जिले के उपभोक्ताओं की स्थिति का पता चलता है। जितनी ज्यादा जीएसटी होती है मतलब किसी जिले, क्षेत्र या राज्य के उपभोक्ताओं के पास आमदनी के काफी साधन हैं और वे अपनी जरूरत बाजार से खरीदारी करके पूरी भी कर रहे हैं। लॉकडाउन में तो व्यापारी दुकान बंद करके घर पर बैठे रहे। प्रतिष्ठान खुले तो भी व्यापारी दुकान खोलकर खाली हाथ बैठे रहे। उपभोक्ताओं ने केवल अपनी जरूरत की चीजों को खरीदने में ही ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। इससे व्यापारियों को नुकसान हुआ और जीएसटी भी कम मिली। लेकिन अब हालात बदलने लगे हैं।
पिछले महीने अगस्त में उपभोक्ताओं ने बाजार में काफी खरीदारी की है। पिछले महीने जिले को जीएसटी के तौर पर 25.97 करोड़ रुपये मिले हैं। जबकि साल 2019 में अगस्त में प्रशासन को 15.80 करोड़ की जीएसटी मिली थी। जीएसटी में शानदार बढ़ोतरी होने से विभाग के अफसरों को भी राहत मिली है। अफसरों को लग रहा है कि उपभोक्ता फिर से बाजार का रुख कर रहे हैं। जीएसटी मुख्य रूप से चीनी, ऑटोमोबाइल सेक्टर आदि से मिली है। उन्हें उम्मीद है कि अब बाजार सामान्य रूप में फिर से आ सकता है।
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अब बाजार में उपभोक्ताओं की भीड़
वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर विशेष अनुसंधान शाखा एनएल सोनी के अनुसार इस साल अगस्त के महीने में कर पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा मिला है। उपभोक्ताओं की बाजार में काफी भीड़ दिख रही है। उपभोक्ता खरीदारी भी कर रहे हैं।
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बिजनौर। अगस्त का महीना सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी के हिसाब से महत्वपूर्ण साबित हुआ है। अगस्त में जिले में 25 करोड़ से अधिक की जीएसटी मिली है। इसका साफ मतलब है कि जनता ने घरों से निकलकर खरीदारी की है। पिछले साल अगस्त महीने के मुकाबले जीएसटी 66 प्रतिशत अधिक है।
जीएसटी से किसी जिले के उपभोक्ताओं की स्थिति का पता चलता है। जितनी ज्यादा जीएसटी होती है मतलब किसी जिले, क्षेत्र या राज्य के उपभोक्ताओं के पास आमदनी के काफी साधन हैं और वे अपनी जरूरत बाजार से खरीदारी करके पूरी भी कर रहे हैं। लॉकडाउन में तो व्यापारी दुकान बंद करके घर पर बैठे रहे। प्रतिष्ठान खुले तो भी व्यापारी दुकान खोलकर खाली हाथ बैठे रहे। उपभोक्ताओं ने केवल अपनी जरूरत की चीजों को खरीदने में ही ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। इससे व्यापारियों को नुकसान हुआ और जीएसटी भी कम मिली। लेकिन अब हालात बदलने लगे हैं।
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पिछले महीने अगस्त में उपभोक्ताओं ने बाजार में काफी खरीदारी की है। पिछले महीने जिले को जीएसटी के तौर पर 25.97 करोड़ रुपये मिले हैं। जबकि साल 2019 में अगस्त में प्रशासन को 15.80 करोड़ की जीएसटी मिली थी। जीएसटी में शानदार बढ़ोतरी होने से विभाग के अफसरों को भी राहत मिली है। अफसरों को लग रहा है कि उपभोक्ता फिर से बाजार का रुख कर रहे हैं। जीएसटी मुख्य रूप से चीनी, ऑटोमोबाइल सेक्टर आदि से मिली है। उन्हें उम्मीद है कि अब बाजार सामान्य रूप में फिर से आ सकता है।
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अब बाजार में उपभोक्ताओं की भीड़
वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर विशेष अनुसंधान शाखा एनएल सोनी के अनुसार इस साल अगस्त के महीने में कर पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा मिला है। उपभोक्ताओं की बाजार में काफी भीड़ दिख रही है। उपभोक्ता खरीदारी भी कर रहे हैं।