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Bijnor News: सुभाष राभा और जगमोहन सिंह नेगी को राज्यपाल ने सम्मानित किया
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राज्यपाल के सम्मान के बाद कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डा.धीरज पाण्डेय के साथ वन दरोगा जगमोहन
वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए देहरादून में किया गया सम्मान
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ की हाथीशाला के सुभाष राभा, सर्पदूली में तैनात धर्मपाल सिंह नेगी को वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए राज्यपाल ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। दोनों के सम्मान से कार्बेट टाइगर रिजर्व में हर्ष का माहौल है।
कालागढ़ की हाथीशाला में हाथियों की सेवा में लगे श्रमिक सुभाष राभा, सर्पदूली में तैनात वन दरोगा धर्मपाल सिंह नेगी को देहरादून के राजभवन में आयोजित समारोह राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डा.धीरज पाण्डेय ने दोनों ही कर्मियों को उनकी उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी। सुभाष राभा कालागढ़ की हाथीशाला में दुधमुंहे हाथी के बच्चे खुशी का लालन उसकी मां कंचम्भा की मौत के बाद से ही कर रहे हैं। उनके अनुभव के चलते खुशी की अन्य हाथियों के बीच सामान्य जीवन जी रही है। उनकी इसी सेवा के लिए राजभवन में सम्मान मिला है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के धनगढ़ी में बाघ के रेस्क्यू में दिए गए योगदान के लिए वन दरोगा धर्मपाल सिंह नेगी को सम्मान मिला है। कार्बेट टाइगर रिजर्व की सर्पदूली रेंज में इन दिनों नियुक्त हैं।
भारत के अनेक राज्यों में की सेवा
सुभाष राभा ने बताया कि वह मूल रूप से असम के निवासी हैं। पश्चिम बंगाल, असम में सेवाएं देने के बाद उत्तराखंड के कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज की हाथीशाला में 2016 से सेवाएं दे रहे हैं। कर्नाटक से नौ हाथी जब यहां लाए गए थे, तब से यहां तैनात हैं। उम्र के 14 वर्ष से हाथियों की सेवा कर रहे हैं। हाथियों की भाषा और संकेतों को समझते है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ की हाथीशाला के सुभाष राभा, सर्पदूली में तैनात धर्मपाल सिंह नेगी को वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए राज्यपाल ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। दोनों के सम्मान से कार्बेट टाइगर रिजर्व में हर्ष का माहौल है।
कालागढ़ की हाथीशाला में हाथियों की सेवा में लगे श्रमिक सुभाष राभा, सर्पदूली में तैनात वन दरोगा धर्मपाल सिंह नेगी को देहरादून के राजभवन में आयोजित समारोह राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डा.धीरज पाण्डेय ने दोनों ही कर्मियों को उनकी उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी। सुभाष राभा कालागढ़ की हाथीशाला में दुधमुंहे हाथी के बच्चे खुशी का लालन उसकी मां कंचम्भा की मौत के बाद से ही कर रहे हैं। उनके अनुभव के चलते खुशी की अन्य हाथियों के बीच सामान्य जीवन जी रही है। उनकी इसी सेवा के लिए राजभवन में सम्मान मिला है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के धनगढ़ी में बाघ के रेस्क्यू में दिए गए योगदान के लिए वन दरोगा धर्मपाल सिंह नेगी को सम्मान मिला है। कार्बेट टाइगर रिजर्व की सर्पदूली रेंज में इन दिनों नियुक्त हैं।
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भारत के अनेक राज्यों में की सेवा
सुभाष राभा ने बताया कि वह मूल रूप से असम के निवासी हैं। पश्चिम बंगाल, असम में सेवाएं देने के बाद उत्तराखंड के कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज की हाथीशाला में 2016 से सेवाएं दे रहे हैं। कर्नाटक से नौ हाथी जब यहां लाए गए थे, तब से यहां तैनात हैं। उम्र के 14 वर्ष से हाथियों की सेवा कर रहे हैं। हाथियों की भाषा और संकेतों को समझते है।
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