{"_id":"62507b048a3d4548252e6b53","slug":"government-asked-cms-how-many-doctors-are-needed-bijnor-news-mrt583746080","type":"story","status":"publish","title_hn":"शासन ने सीएमएस से पूछा, कितने चिकित्सक चाहिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शासन ने सीएमएस से पूछा, कितने चिकित्सक चाहिए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन ने सीएमएस से पूछा, कितने चिकित्सक चाहिए
बिजनौर। जिला अस्पताल से लेकर जिले के अन्य अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी है। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों की कमी का मुद्दा अमर उजाला ने उठाया। जिसके बाद शासन की ओर से जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी की जानकारी की मांगी गई। इसके बाद सीएमएस ने जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी की रिपोर्ट शासन को भेज दी।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 28 पद हैं। जिनमें से 15 पद कई सालों से खाली हैं। जिला अस्पताल में चिकित्सक न होने से मरीजों को समय इलाज नहीं मिल पाता है। मरीज को सीएचसी से जिला अस्पताल और फिर मेरठ रेफर कर दिया जाता है। मरीज इलाज के इधर-उधर भटकता रहता है, लेकिन उसे समय से इलाज नहीं मिल पाता है। इसके साथ ही जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी पर चिकित्सकों के 178 पद हैं। जिनमें से चिकित्सकों के 94 पद खाली हैं। चिकित्सक न होने से मरीज हर समय खतरे से घिरा रहता है। इसके बाद जब अमर उजाला ने चिकित्सकों का मुद्दा उठाया तो इसके तुरंत बाद शासन से जिला में चिकित्सकों की जानकारी मांगी गई। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि चिकित्सकों की कमी के बारे में शासन ने रिपोर्ट मांगी है। हमने शासन को चिकित्सकों की लिस्ट भेज दी है।
विज्ञापन
बिजनौर। जिला अस्पताल से लेकर जिले के अन्य अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी है। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों की कमी का मुद्दा अमर उजाला ने उठाया। जिसके बाद शासन की ओर से जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी की जानकारी की मांगी गई। इसके बाद सीएमएस ने जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी की रिपोर्ट शासन को भेज दी।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 28 पद हैं। जिनमें से 15 पद कई सालों से खाली हैं। जिला अस्पताल में चिकित्सक न होने से मरीजों को समय इलाज नहीं मिल पाता है। मरीज को सीएचसी से जिला अस्पताल और फिर मेरठ रेफर कर दिया जाता है। मरीज इलाज के इधर-उधर भटकता रहता है, लेकिन उसे समय से इलाज नहीं मिल पाता है। इसके साथ ही जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी पर चिकित्सकों के 178 पद हैं। जिनमें से चिकित्सकों के 94 पद खाली हैं। चिकित्सक न होने से मरीज हर समय खतरे से घिरा रहता है। इसके बाद जब अमर उजाला ने चिकित्सकों का मुद्दा उठाया तो इसके तुरंत बाद शासन से जिला में चिकित्सकों की जानकारी मांगी गई। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि चिकित्सकों की कमी के बारे में शासन ने रिपोर्ट मांगी है। हमने शासन को चिकित्सकों की लिस्ट भेज दी है।
विज्ञापन