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Bijnor News: मन लगाकर लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत करें छात्राएं
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पुलिस पाठशाला में अधिकारियों से प्रश्न पूछती छात्रा रिचा कुमारी। संवाद
पुष्प निकेतन स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बुधवार को धामपुर चीनी मिल परिसर में संचालित पुष्प निकेतन स्कूल में पुलिस पाठशाला का आयोजन किया गया। पुलिस अधिकारी राजेश कुमार बैंसला ने कहा कि छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई कर देश का होनहार बनना चाहिए। उन्हें लक्ष्य को प्राप्त करने में किसी प्रकार की घबराहट महसूस नहीं करनी चाहिए।
पुलिस अधिकारी राजेश कुमार बैंसला कहा कि यदि सड़क पर कोई असामाजिक तत्व अवरोध पैदा करें तो इसकी सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबराें पर दें। कुछ ही देर में पुलिस उनकी सुरक्षा में पहुंच जाएगी। प्रत्येक जिले में एक एक महिला थाने संचालित है। हजारों की संख्या में 112 नंबर डायल वाहन इसी काम में लगे है। उन्हें असामाजिक तत्वों से अब घबराने की जरूरत नही है। उन्होंने बढ़ रहे साइबर क्राइम के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर एंटी रोमियो प्रभारी आरक्षी आंचल, प्राशू, जयवती, दरोगा गंगाधर ने भी छात्राओं को जरूरी जानकारी दी।
छात्राओं ने पूछे सवाल
प्रश्न- आईपीएस बनने के लिए क्या किया जाता है- रिचा रानी
उत्तर - आईपीएस बनने के लिए अनुशासित तरीके से मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए। यदि मन में आईपीएस बनने की जिज्ञासा है, तो जरूरी पूरी होगी।
प्रश्न- अब तक आपने अपने कार्यकाल में कितनी बार फायरिंग की- रित्विक
उत्तर - जब वे मिलक में थाना प्रभारी थे तो उन्होंने गोवंश का वध करने वालों पर छह बार फायरिंग की थी।
प्रश्न- क्या बदमाश को पुलिस अपने स्तर से छोड़ सकती है- ध्रुव
उत्तर- अपराधों का वर्गीकरण के हिसाब से पुलिस जमानत पर रिहा कर सकती है। अधिकांश ऐसे संगीन अपराध होते है, जिन्हें न्यायालय की ओर से जमानत पर रिहा किया जाता है।
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प्रश्न- क्या वाहनों के चालान की धनराशि को पुलिस अपने पास रखती है- अंशिका
उत्तर- नहीं, चालान की रकम को सरकार के खाते में जमा किया जाता है।
प्रश्न- क्या एनकाउंटर के लिए परमिशन की जरूरत होती है- इशिता
उत्तर - कंडीशन देख एनकाउंटर किया जाता है। यदि किसी बदमाश ने उन्हें जान से मारने के लिए गोली चला दी तो ऐसी अवस्था में किसी से परमिशन की जरूरत नहीं होती। आत्मरक्षा में एनकाउंटर किया जा सकता है।
पुलिस अब पहले से ज्यादा अलर्ट है। जरा सी समस्या को भी गंभीरता से लेकर मित्रवत रूप से निदान करने का प्रयास करती है। - रश्मी रेखा, प्रधानाचार्य
पुलिस व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है। महिलाओं में सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है। अब कहीं अकेले आने जाने में भय महसूस नहीं होता। - असमा, शिक्षिका
पहले महिलाएं थाने में जाने से कतराती थी। जागरुकता बढ़ने से महिलाएं बिना झिझक के अपनी बात कह सकती है। - पंकज गहलौत, शिक्षिका
महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा के लिए विभिन्न हेल्पलाइन जारी करना अच्छी पहल है। - नाजुक जहां, शिक्षिका
महिलाएं अब शाम, रात के वक्त भी बाहर आ जा सकती है। पुलिसिंग व्यवस्था बेहतर होने से महिलाओं के प्रति अपराधों में कमी आई है। - मुधबाला
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पाठशाला में पुलिस से महिलाओं के लिए जारी विभिन्न हेल्पलाइनों की जानकारी मिली। महिलाओं की सुरक्षा के लिए फोन पर भी शिकायत की जा सकती है। -शिवांशी प्रदीप, छात्रा
फिल्मों में पुलिस की छवि अलग दिखाई जाती है। मगर, पुलिस बेहद मित्रतापूर्ण होती है। अब महिलाओं, छात्राओं की बात सुनने के लिए महिला पुलिस की तैनाती है।- खानम, छात्रा
अब शिकायत करने पर तुरंत कार्रवाई होती है। एंटी रोमियो स्क्वाड की तैनाती से छात्राओं को कहीं आने जाने में दिक्कत नहीं होती। -हुदा, छात्रा
डायल 112 पुलिस की सबसे बेहतर हेल्पलाइन है। एक फोन पर पुलिस आपके पास पहुंच जाती है। रात के वक्त भी कालोनी में पुलिस गश्त करती है। -अवनी, छात्रा्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बुधवार को धामपुर चीनी मिल परिसर में संचालित पुष्प निकेतन स्कूल में पुलिस पाठशाला का आयोजन किया गया। पुलिस अधिकारी राजेश कुमार बैंसला ने कहा कि छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई कर देश का होनहार बनना चाहिए। उन्हें लक्ष्य को प्राप्त करने में किसी प्रकार की घबराहट महसूस नहीं करनी चाहिए।
पुलिस अधिकारी राजेश कुमार बैंसला कहा कि यदि सड़क पर कोई असामाजिक तत्व अवरोध पैदा करें तो इसकी सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबराें पर दें। कुछ ही देर में पुलिस उनकी सुरक्षा में पहुंच जाएगी। प्रत्येक जिले में एक एक महिला थाने संचालित है। हजारों की संख्या में 112 नंबर डायल वाहन इसी काम में लगे है। उन्हें असामाजिक तत्वों से अब घबराने की जरूरत नही है। उन्होंने बढ़ रहे साइबर क्राइम के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर एंटी रोमियो प्रभारी आरक्षी आंचल, प्राशू, जयवती, दरोगा गंगाधर ने भी छात्राओं को जरूरी जानकारी दी।
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छात्राओं ने पूछे सवाल
प्रश्न- आईपीएस बनने के लिए क्या किया जाता है- रिचा रानी
उत्तर - आईपीएस बनने के लिए अनुशासित तरीके से मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए। यदि मन में आईपीएस बनने की जिज्ञासा है, तो जरूरी पूरी होगी।
प्रश्न- अब तक आपने अपने कार्यकाल में कितनी बार फायरिंग की- रित्विक
उत्तर - जब वे मिलक में थाना प्रभारी थे तो उन्होंने गोवंश का वध करने वालों पर छह बार फायरिंग की थी।
प्रश्न- क्या बदमाश को पुलिस अपने स्तर से छोड़ सकती है- ध्रुव
उत्तर- अपराधों का वर्गीकरण के हिसाब से पुलिस जमानत पर रिहा कर सकती है। अधिकांश ऐसे संगीन अपराध होते है, जिन्हें न्यायालय की ओर से जमानत पर रिहा किया जाता है।
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प्रश्न- क्या वाहनों के चालान की धनराशि को पुलिस अपने पास रखती है- अंशिका
उत्तर- नहीं, चालान की रकम को सरकार के खाते में जमा किया जाता है।
प्रश्न- क्या एनकाउंटर के लिए परमिशन की जरूरत होती है- इशिता
उत्तर - कंडीशन देख एनकाउंटर किया जाता है। यदि किसी बदमाश ने उन्हें जान से मारने के लिए गोली चला दी तो ऐसी अवस्था में किसी से परमिशन की जरूरत नहीं होती। आत्मरक्षा में एनकाउंटर किया जा सकता है।
पुलिस अब पहले से ज्यादा अलर्ट है। जरा सी समस्या को भी गंभीरता से लेकर मित्रवत रूप से निदान करने का प्रयास करती है। - रश्मी रेखा, प्रधानाचार्य
पुलिस व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है। महिलाओं में सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है। अब कहीं अकेले आने जाने में भय महसूस नहीं होता। - असमा, शिक्षिका
पहले महिलाएं थाने में जाने से कतराती थी। जागरुकता बढ़ने से महिलाएं बिना झिझक के अपनी बात कह सकती है। - पंकज गहलौत, शिक्षिका
महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा के लिए विभिन्न हेल्पलाइन जारी करना अच्छी पहल है। - नाजुक जहां, शिक्षिका
महिलाएं अब शाम, रात के वक्त भी बाहर आ जा सकती है। पुलिसिंग व्यवस्था बेहतर होने से महिलाओं के प्रति अपराधों में कमी आई है। - मुधबाला
पाठशाला में पुलिस से महिलाओं के लिए जारी विभिन्न हेल्पलाइनों की जानकारी मिली। महिलाओं की सुरक्षा के लिए फोन पर भी शिकायत की जा सकती है। -शिवांशी प्रदीप, छात्रा
फिल्मों में पुलिस की छवि अलग दिखाई जाती है। मगर, पुलिस बेहद मित्रतापूर्ण होती है। अब महिलाओं, छात्राओं की बात सुनने के लिए महिला पुलिस की तैनाती है।- खानम, छात्रा
अब शिकायत करने पर तुरंत कार्रवाई होती है। एंटी रोमियो स्क्वाड की तैनाती से छात्राओं को कहीं आने जाने में दिक्कत नहीं होती। -हुदा, छात्रा
डायल 112 पुलिस की सबसे बेहतर हेल्पलाइन है। एक फोन पर पुलिस आपके पास पहुंच जाती है। रात के वक्त भी कालोनी में पुलिस गश्त करती है। -अवनी, छात्रा्र

पुलिस पाठशाला में अधिकारियों से प्रश्न पूछती छात्रा रिचा कुमारी। संवाद