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सेंटरों पर हो रही घटतौली, अधिकारी नहीं कर रहे चेकिंग
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सेंटरों पर हो रही घटतौली, अधिकारी नहीं कर रहे चेकिंग
बिजनौर। जिले के गन्ना खरीद केंद्रों पर घटतौली रोकने के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम की अगुवाई में गठित छापामार टीम कागजों में सिमट कर रह गई है। टीमों ने पेराई सीजन शुरू होने के डेढ़ माह में किसी सेंटर के तौल कांटे की जांच नहीं की है। जबकि किसान खरीद केंद्रों पर घटतौली होने के आरोप लगा रहे हैं। घटतौली को लेकर किसान डीएम रमाकांत पांडेय से मिले हैं।
जिले की नौ चीनी मिलों ने नवंबर से गन्ने की पेराई शुरू कर दी है। बिलाई चीनी मिल अक्तूबर में चल गई थी। नौ चीनी मिलों के 790 गन्ना खरीद केंद्र संचालित हैं। किसान दिवस में किसानों ने गन्ना सेंटरों पर घटतौली होने के आरोप लगाए थे। डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद गन्ना खरीद केंद्रों पर छापामारी के लिए एसडीएम की अगुवाई में पांच सदस्यीय टीम बनाई गई। ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक, खांडसारी अधिकारी, गन्ना समिति के सचिव, बांट माप निरीक्षक समिति के सदस्य हैं। चीनी मिलों को चले करीब डेढ़ माह का समय बीत गया है। लेकिन टीम ने एक भी गन्ना सेंटर की चेकिंग नहीं की। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य का कहना है कि किसी भी टीम ने सेंटरों के तौल कांटों को चैक करने की रिपोर्ट नहीं भेजी है। किसान घटतौली को लेकर डीएम से मिले हैं। इस बारे में गन्ना, खांडसारी, बांट माप विभागों के अधिकारियों की बैठक 18 दिसंबर को बुलाई गई है।
ये हैं चेकिंग प्वाइंट
बिजनौर। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि एसडीएम की अगुवाई में गठित टीमों के चेकिंग प्वाइंट तय हैं। टीम को गन्ना केंद्रों की चेकिंग के समय मिल तौल लिपिकों का लाइसेंस, अधिकार पत्र इंडेंट स्लिप, मिल पर्ची, गन्ना मूल्य भुगतान की दर का अंकन, वेब्रिज तथा तौल की शुद्धता, तौल लिपिकों का पाक्षिक स्थानांतरण, समानुपातिक गन्ना खरीद एवं अवैध गन्ना खरीद के संबंध में अपनी विस्तृत रिपोर्ट देनी है। रिपोर्ट सहायक चीनी आयुक्त के कार्यालय भेजी जाएगी। वहां से रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जांच रिपोर्ट की प्रति डीएम को भेजनी जरूरी है।
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रिमोट से हो रही है घटतौली
बिजनौर। जिले के गन्ना खरीद केंद्र पर इलेक्ट्रानिक कांटे लगे हैं। सहायक चीनी आयुक्त के मुताबिक किसानों का आरोप है कि चीन मिलों ने तौल काटों में चिप अर्थात सोफ्टवेयर सैट करा रखा है। मिल रिमोल्ट के जरिए तौल में हेरा फेरी कर रहे हैं। मौर्य के अनुसार तौल कांटों को चैक करने का अधिकार बांट माप विभाग को है।
कंट्रोल रूम नहीं भेज रहे शिकायतों का ब्यौरा
बिजनौर। शासन के निर्देश पर किसानों की शिकायतों को सुनने के लिए चीनी मिल के गेट पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसका प्रभारी एक समक्ष अधिकारी बनाया गया है। कंट्रोल रूम को चौबीस घंटे खोले जाने के निर्देश हैं। सहायक चीनी आयुक्त के अनुसार किसान अपनी शिकायत कंट्रोल रूम में दर्ज कराएंगे। मिल स्तर की समस्याओं को तुरंत निवारण करेंगे। कंट्रोल रूम को आई शिकायतों एवं निपटाई शिकायत का विवरण रोजाना सहायक चीनी आयुक्त को देना जरूरी है। बताया कि अभी तक किसी भी चीनी मिल के कंट्रोल रूम से शिकायतों के बारे में कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
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बिजनौर। जिले के गन्ना खरीद केंद्रों पर घटतौली रोकने के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम की अगुवाई में गठित छापामार टीम कागजों में सिमट कर रह गई है। टीमों ने पेराई सीजन शुरू होने के डेढ़ माह में किसी सेंटर के तौल कांटे की जांच नहीं की है। जबकि किसान खरीद केंद्रों पर घटतौली होने के आरोप लगा रहे हैं। घटतौली को लेकर किसान डीएम रमाकांत पांडेय से मिले हैं।
जिले की नौ चीनी मिलों ने नवंबर से गन्ने की पेराई शुरू कर दी है। बिलाई चीनी मिल अक्तूबर में चल गई थी। नौ चीनी मिलों के 790 गन्ना खरीद केंद्र संचालित हैं। किसान दिवस में किसानों ने गन्ना सेंटरों पर घटतौली होने के आरोप लगाए थे। डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद गन्ना खरीद केंद्रों पर छापामारी के लिए एसडीएम की अगुवाई में पांच सदस्यीय टीम बनाई गई। ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक, खांडसारी अधिकारी, गन्ना समिति के सचिव, बांट माप निरीक्षक समिति के सदस्य हैं। चीनी मिलों को चले करीब डेढ़ माह का समय बीत गया है। लेकिन टीम ने एक भी गन्ना सेंटर की चेकिंग नहीं की। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य का कहना है कि किसी भी टीम ने सेंटरों के तौल कांटों को चैक करने की रिपोर्ट नहीं भेजी है। किसान घटतौली को लेकर डीएम से मिले हैं। इस बारे में गन्ना, खांडसारी, बांट माप विभागों के अधिकारियों की बैठक 18 दिसंबर को बुलाई गई है।
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ये हैं चेकिंग प्वाइंट
बिजनौर। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि एसडीएम की अगुवाई में गठित टीमों के चेकिंग प्वाइंट तय हैं। टीम को गन्ना केंद्रों की चेकिंग के समय मिल तौल लिपिकों का लाइसेंस, अधिकार पत्र इंडेंट स्लिप, मिल पर्ची, गन्ना मूल्य भुगतान की दर का अंकन, वेब्रिज तथा तौल की शुद्धता, तौल लिपिकों का पाक्षिक स्थानांतरण, समानुपातिक गन्ना खरीद एवं अवैध गन्ना खरीद के संबंध में अपनी विस्तृत रिपोर्ट देनी है। रिपोर्ट सहायक चीनी आयुक्त के कार्यालय भेजी जाएगी। वहां से रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जांच रिपोर्ट की प्रति डीएम को भेजनी जरूरी है।
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रिमोट से हो रही है घटतौली
बिजनौर। जिले के गन्ना खरीद केंद्र पर इलेक्ट्रानिक कांटे लगे हैं। सहायक चीनी आयुक्त के मुताबिक किसानों का आरोप है कि चीन मिलों ने तौल काटों में चिप अर्थात सोफ्टवेयर सैट करा रखा है। मिल रिमोल्ट के जरिए तौल में हेरा फेरी कर रहे हैं। मौर्य के अनुसार तौल कांटों को चैक करने का अधिकार बांट माप विभाग को है।
कंट्रोल रूम नहीं भेज रहे शिकायतों का ब्यौरा
बिजनौर। शासन के निर्देश पर किसानों की शिकायतों को सुनने के लिए चीनी मिल के गेट पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसका प्रभारी एक समक्ष अधिकारी बनाया गया है। कंट्रोल रूम को चौबीस घंटे खोले जाने के निर्देश हैं। सहायक चीनी आयुक्त के अनुसार किसान अपनी शिकायत कंट्रोल रूम में दर्ज कराएंगे। मिल स्तर की समस्याओं को तुरंत निवारण करेंगे। कंट्रोल रूम को आई शिकायतों एवं निपटाई शिकायत का विवरण रोजाना सहायक चीनी आयुक्त को देना जरूरी है। बताया कि अभी तक किसी भी चीनी मिल के कंट्रोल रूम से शिकायतों के बारे में कोई रिपोर्ट नहीं आई है।