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Bijnor News: बिजनौर - खतरे के निशान को छू रही गंगा की धारा, खादर में बाढ़
Fri, 11 Aug 2023 11:32 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 11 Aug 2023 11:32 PM IST
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चांदपुर जलीलपुर के गांव रायपुर खादर में भरा बाढ़ का पानी (स्रोत ग्रामीण)
- नगीना-बढ़ापुर मार्ग में पुल के पास सड़क का हिस्सा खो नदी में समाया
- नजीबाबाद के बाद अब बढ़ापुर का पूरे जिले से संपर्क हुआ खत्म
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। उत्तराखंड की बारिश से जिले की नदियों में उफान है। गंगा पहले से ही उफान पर है और जगह बदल-बदलकर बह रही खो नदी की धारा सड़कों के लिए काल साबित हुई। अब खो नदी ने नगीना-बढ़ापुर मार्ग का कटान करते हुए कस्बे समेत दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से ही संपर्क तोड़ दिया।
शुक्रवार को भी बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर पिछले दिनों की तरह 219.90 मीटर बना रहा, जोकि खतरे के निशान से महज दस सेंटीमीटर ही दूर है। बिजनौर बैराज से गंगा में एक लाख 76 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उधर, हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से दोपहर के वक्त गंगा में एक लाख 61 हजार क्यूसेक और सुबह के समय एक लाख 92 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। बता दें कि पहाड़ पर हो रही लगातार बारिश से जिले में गंगा और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं।
गंगा के उफान की वजह से बालावाली से लेकर रावली तक खादर में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जलीलपुर इलाके के भी 25 गांवों में ऐसा ही हाल है। अगर कुछ और दिन यही हालत बने रहे तो हजारों बीघा फसल चौपट हो जाएगी। जिसे लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंची हुई है।
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विकराल बन रही खो नदी की धारा
गढ़वाल मंडल से निकलकर जिले में प्रवेश करने वाली खो नदी ने बुधवार को एक और सड़क तोड़ डाली। बृहस्पतिवार की रात से ही नगीना-बढ़ापुर मार्ग पर खो नदी पुल के पास सड़क का कटान होना चालू हो गया था। शुक्रवार की सुबह तक सड़क का काफी हिस्सा खो नदी में समा गया। आनन फानन इस मार्ग को बंद करना पड़ा। बता दें कि इससे पहले खो नदी की धारा ने नजीबाबाद से रायपुर सादात होकर बढ़ापुर तक आने वाली सड़क को काट दिया था। रायपुर सादात की ओर से बढ़ापुर का संपर्क पहले ही कटा हुआ है, अब नगीना की ओर से भी संपर्क खत्म हो गया।
नगीना-कोटद्वार मार्ग नहीं हो सका चालूृ
नगीना से रायपुर सादात होते हुए कोटद्वार तक जाने वाली सड़क पहले से ही बंद है। क्योंकि लालवाला और कोटद्वार के बीच पड़ने वाली सूखरो नदी ने पुल की अप्रोच सड़क को काट दिया था। जिसके चलते नगीना से रायपुर सादात होते हुए अब कोटद्वार नहीं जाया जा सकता है।
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- नजीबाबाद के बाद अब बढ़ापुर का पूरे जिले से संपर्क हुआ खत्म
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। उत्तराखंड की बारिश से जिले की नदियों में उफान है। गंगा पहले से ही उफान पर है और जगह बदल-बदलकर बह रही खो नदी की धारा सड़कों के लिए काल साबित हुई। अब खो नदी ने नगीना-बढ़ापुर मार्ग का कटान करते हुए कस्बे समेत दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से ही संपर्क तोड़ दिया।
शुक्रवार को भी बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर पिछले दिनों की तरह 219.90 मीटर बना रहा, जोकि खतरे के निशान से महज दस सेंटीमीटर ही दूर है। बिजनौर बैराज से गंगा में एक लाख 76 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उधर, हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से दोपहर के वक्त गंगा में एक लाख 61 हजार क्यूसेक और सुबह के समय एक लाख 92 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। बता दें कि पहाड़ पर हो रही लगातार बारिश से जिले में गंगा और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं।
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गंगा के उफान की वजह से बालावाली से लेकर रावली तक खादर में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जलीलपुर इलाके के भी 25 गांवों में ऐसा ही हाल है। अगर कुछ और दिन यही हालत बने रहे तो हजारों बीघा फसल चौपट हो जाएगी। जिसे लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंची हुई है।
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विकराल बन रही खो नदी की धारा
गढ़वाल मंडल से निकलकर जिले में प्रवेश करने वाली खो नदी ने बुधवार को एक और सड़क तोड़ डाली। बृहस्पतिवार की रात से ही नगीना-बढ़ापुर मार्ग पर खो नदी पुल के पास सड़क का कटान होना चालू हो गया था। शुक्रवार की सुबह तक सड़क का काफी हिस्सा खो नदी में समा गया। आनन फानन इस मार्ग को बंद करना पड़ा। बता दें कि इससे पहले खो नदी की धारा ने नजीबाबाद से रायपुर सादात होकर बढ़ापुर तक आने वाली सड़क को काट दिया था। रायपुर सादात की ओर से बढ़ापुर का संपर्क पहले ही कटा हुआ है, अब नगीना की ओर से भी संपर्क खत्म हो गया।
नगीना-कोटद्वार मार्ग नहीं हो सका चालूृ
नगीना से रायपुर सादात होते हुए कोटद्वार तक जाने वाली सड़क पहले से ही बंद है। क्योंकि लालवाला और कोटद्वार के बीच पड़ने वाली सूखरो नदी ने पुल की अप्रोच सड़क को काट दिया था। जिसके चलते नगीना से रायपुर सादात होते हुए अब कोटद्वार नहीं जाया जा सकता है।