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गंगा में उफान बरकरार, डर में डूब रहे खादर के लोग
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बिजनौर के फतेहपुर सभाचंद के पास तट पर बैठकर गंगा पार चारा लेने गए परिजनों का इंतजार करती महिला।
- फोटो : BIJNOR
गंगा में उफान बरकरार, खादर के लोगों में है डर
बिजनौर। पहाड़ की बारिश से गंगा में उफान बरकरार बना हुआ है, उधर गंगा के बहाव को देख खादर के लोग डर में डूब रहे हैं। दरअसल इन्हें खेतों के कटान और गंगा के गांव तक पहुंच जाने का खतरा बना रहता है। उधर गंगा ने कटान करना भी शुरू कर दिया है। फतेहपुर सभाचंद के स्कूल के कमरे की नींव तक गंगा कटान कर चुकी है। स्कूल का भवन कभी भी गंगा में समा सकता है। इस स्कूल की बाउंड्री और परिसर की खाली जमीन पिछले साल ही कट गई थी। इस गांव की पक्की सीसी की सड़क का नामोनिशान भी अब कहीं दिखाई नहीं दे रहा। जोकि गंगा में समा चुकी है।
सोमवार को भी गंगा और उसकी सहायक नदियों में उफान पर रहा। गंगा बैराज के घाट पर बने पूजा स्थल तक पानी बह रहा है। पिछले तीन दिनों से गंगा अपने रौद्र रूप में बह रही है। जिसकी वजह है पहाड़ पर हो रही लगातार बारिश। सोमवार को बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर सुबह के समय 219.20 बना हुआ था। जबकि शाम चार बजे तक यह 219.30 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि रविवार को चेतावनी बिंदू तक पहुंच गया था। रविवार के मुकाबले 0.20 मीटर की कमी आई, लेकिन यह मामूली है। जिससे उफान और बहाव पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता दिखाई दिया।
शाम चार बजे बिजनौर बैराज से 76520 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। उधर दोपहर में 12 बजे हरिद्वार के भीमगौडा बैराज से 71 हजार क्यूसेक छोड़ा गया।
खादर के खेतों में भरा पानी, कटान जारी
गंगा के उफान पर होने की वजह से खादर के खेतों में पानी भरा हुआ है। फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी है। साथ ही गंगा के जलस्तर का उतार चढ़ाव खेतों का कटान करने में लगा हुआ है। लोगों के सामने सामने ही उनके खेत धीरे धीरे कर गंगा में समा रहे हैं।
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चारे का संकट गहराया, कैसे जाएं गंगा पार
गंगा खादर में बसे दर्जनों गांव के खेत गंगा केे उस पार भी हैं। अब गंगा में उफान होने की वजह से तमाम लोग खेतों पर नहीं जा रहे हैं। साथ ही खेतों में पानी भरा हुआ है। ऐसे में चारे का संकट गहरा रहा है। जहां पानी नहीं है, लोग वहां से कुछ चारे की व्यवस्था कर पा रहे हैं।
तो मिट जाएगा प्राथमिक विद्यालय का नामोनिशान
फतेहपुर सभाचंद के प्राथमिक विद्यालय के कमरे की नींव तक गंगा कटान कर चुकी है। इस स्कूल का भवन कभी भी गंगा में समा सकता है। ऐसा हुआ तो इस स्कूल का नामोनिशान ही मिट जाएगा। बता दें कि इस स्कूल की बाउंड्री और परिसर का मैदान पिछले साल ही गंगा में समा गया था। अब कमरे ही बचे थे, जिन पर इस बार खतरा मंडरा चुका है। पिछले साल इस स्कूूल को बंद करते हुए एक ग्रामीण की बैठक पर संचालित किया जाने लगा था। इस स्कूल से दूर गांव की सीसी रोड हुआ करती थी, जोकि अब गंगा में समा चुकी है।
फतेहपुर सभाचंद से दो किमी दूर होती थी गंगा
करीब पंद्रह साल पहले तक फतेहपुर सभाचंद से गंगा की धारा दो किमी. दूर हुआ करती थी। धीरे धीरे गांव की तरफ गंगा बढ़ने लगी। लोगों के खेतों का कटान करते हुए गंगा गांव के पास पहुंच गई। पिछले साल गांव की कई सड़क और स्कूल की बाउंड्री गंगा में समा गई। ऐसे में धीरे धीरे गांव के लोग भी गांव छोड़कर दूसरी जगह झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। अब गांव में सिर्फ तीस से चालीस लोग ही रह गए हैं।
नंबर गेम::
बैराज जलस्तर खतरे का निशान डिस्चार्ज
हरिद्वार 292.50 294 103384
बिजनौर 219.30 220 76520
खो 223.90 227 6962
कालागढ़ डैम 343.66 366 225
पीली डैम 826 846 0
नोट: जलस्तर मीटर और डिस्चार्ज क्यूसेक में है।
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बिजनौर। पहाड़ की बारिश से गंगा में उफान बरकरार बना हुआ है, उधर गंगा के बहाव को देख खादर के लोग डर में डूब रहे हैं। दरअसल इन्हें खेतों के कटान और गंगा के गांव तक पहुंच जाने का खतरा बना रहता है। उधर गंगा ने कटान करना भी शुरू कर दिया है। फतेहपुर सभाचंद के स्कूल के कमरे की नींव तक गंगा कटान कर चुकी है। स्कूल का भवन कभी भी गंगा में समा सकता है। इस स्कूल की बाउंड्री और परिसर की खाली जमीन पिछले साल ही कट गई थी। इस गांव की पक्की सीसी की सड़क का नामोनिशान भी अब कहीं दिखाई नहीं दे रहा। जोकि गंगा में समा चुकी है।
सोमवार को भी गंगा और उसकी सहायक नदियों में उफान पर रहा। गंगा बैराज के घाट पर बने पूजा स्थल तक पानी बह रहा है। पिछले तीन दिनों से गंगा अपने रौद्र रूप में बह रही है। जिसकी वजह है पहाड़ पर हो रही लगातार बारिश। सोमवार को बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर सुबह के समय 219.20 बना हुआ था। जबकि शाम चार बजे तक यह 219.30 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि रविवार को चेतावनी बिंदू तक पहुंच गया था। रविवार के मुकाबले 0.20 मीटर की कमी आई, लेकिन यह मामूली है। जिससे उफान और बहाव पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता दिखाई दिया।
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शाम चार बजे बिजनौर बैराज से 76520 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। उधर दोपहर में 12 बजे हरिद्वार के भीमगौडा बैराज से 71 हजार क्यूसेक छोड़ा गया।
खादर के खेतों में भरा पानी, कटान जारी
गंगा के उफान पर होने की वजह से खादर के खेतों में पानी भरा हुआ है। फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी है। साथ ही गंगा के जलस्तर का उतार चढ़ाव खेतों का कटान करने में लगा हुआ है। लोगों के सामने सामने ही उनके खेत धीरे धीरे कर गंगा में समा रहे हैं।
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चारे का संकट गहराया, कैसे जाएं गंगा पार
गंगा खादर में बसे दर्जनों गांव के खेत गंगा केे उस पार भी हैं। अब गंगा में उफान होने की वजह से तमाम लोग खेतों पर नहीं जा रहे हैं। साथ ही खेतों में पानी भरा हुआ है। ऐसे में चारे का संकट गहरा रहा है। जहां पानी नहीं है, लोग वहां से कुछ चारे की व्यवस्था कर पा रहे हैं।
तो मिट जाएगा प्राथमिक विद्यालय का नामोनिशान
फतेहपुर सभाचंद के प्राथमिक विद्यालय के कमरे की नींव तक गंगा कटान कर चुकी है। इस स्कूल का भवन कभी भी गंगा में समा सकता है। ऐसा हुआ तो इस स्कूल का नामोनिशान ही मिट जाएगा। बता दें कि इस स्कूल की बाउंड्री और परिसर का मैदान पिछले साल ही गंगा में समा गया था। अब कमरे ही बचे थे, जिन पर इस बार खतरा मंडरा चुका है। पिछले साल इस स्कूूल को बंद करते हुए एक ग्रामीण की बैठक पर संचालित किया जाने लगा था। इस स्कूल से दूर गांव की सीसी रोड हुआ करती थी, जोकि अब गंगा में समा चुकी है।
फतेहपुर सभाचंद से दो किमी दूर होती थी गंगा
करीब पंद्रह साल पहले तक फतेहपुर सभाचंद से गंगा की धारा दो किमी. दूर हुआ करती थी। धीरे धीरे गांव की तरफ गंगा बढ़ने लगी। लोगों के खेतों का कटान करते हुए गंगा गांव के पास पहुंच गई। पिछले साल गांव की कई सड़क और स्कूल की बाउंड्री गंगा में समा गई। ऐसे में धीरे धीरे गांव के लोग भी गांव छोड़कर दूसरी जगह झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। अब गांव में सिर्फ तीस से चालीस लोग ही रह गए हैं।
नंबर गेम::
बैराज जलस्तर खतरे का निशान डिस्चार्ज
हरिद्वार 292.50 294 103384
बिजनौर 219.30 220 76520
खो 223.90 227 6962
कालागढ़ डैम 343.66 366 225
पीली डैम 826 846 0
नोट: जलस्तर मीटर और डिस्चार्ज क्यूसेक में है।

फतेहपुर सभाचंद के प्राथमिक विद्यालय तक कटान करते हुए पहुंची गंगा की धारा।- फोटो : BIJNOR

फतेहपुर सभाचंद के प्राथमिक विद्यालय तक कटान करते हुए पहुंची गंगा की धारा।- फोटो : BIJNOR

फतेहपुर सभाचंद के प्राथमिक विद्यालय तक कटान करते हुए पहुंची गंगा की धारा।- फोटो : BIJNOR