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Bijnor News: बिना लाइसेंस दवाई बेचने के दोषी को चार साल की सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश औषधि एवं प्रसाधन मुरादाबाद मनीष कुमार ने थाना स्योहारा के गांव मेवाजट निवासी संदीप कुमार को चार वर्ष के कारावास एवं एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
औषधि निरीक्षक बिजनौर एके चोपड़ा को सूचना मिली थी कि गांव मेवा नवादा में अवैध रूप से मेडिकल स्टोर चलाया जा रहा है। निरीक्षण में देखा कि संदीप कुमार मेडिकल स्टोर पर दवाई बेच रहा है। उसका लाइसेंस एवं क्रय विक्रय के कागज मांगे गए। मगर, वह लाइसेंस और कोई कागज दिखने में असमर्थ रहा। इस पर टीम ने दुकान में रखी एलोपैथिक दवाइयां को कब्जे में लेकर जब्त कर लिया। दो दवाइयों के नमूने भी लिए गए।
कोर्ट ने इस मामले में संदीप कुमार को एलोपैथिक दवाइयाें का भंडारण करके उसका विक्रय करने और लाइसेंस या कोई कागज ना दिखाने का दोषी पाया। इसके चलते कोर्ट ने अवैध रूप से मेडिकल स्टोर चलाने पर उसे चार वर्ष की सजा सुनाई।
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उधर, औषधि निरीक्षक उमेश भारती का कहना है कि वह पिछले एक साल से लगातार इस मामले की पैरवी कर रहे थे। अब इसका निर्णय आया है। लगातार निरीक्षण कर नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। साथ ही अवैध मेडिकल स्टोर संचालित करने पर मुकदमा भी दर्ज करा रहे हैं।
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बिजनौर। विशेष न्यायाधीश औषधि एवं प्रसाधन मुरादाबाद मनीष कुमार ने थाना स्योहारा के गांव मेवाजट निवासी संदीप कुमार को चार वर्ष के कारावास एवं एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
औषधि निरीक्षक बिजनौर एके चोपड़ा को सूचना मिली थी कि गांव मेवा नवादा में अवैध रूप से मेडिकल स्टोर चलाया जा रहा है। निरीक्षण में देखा कि संदीप कुमार मेडिकल स्टोर पर दवाई बेच रहा है। उसका लाइसेंस एवं क्रय विक्रय के कागज मांगे गए। मगर, वह लाइसेंस और कोई कागज दिखने में असमर्थ रहा। इस पर टीम ने दुकान में रखी एलोपैथिक दवाइयां को कब्जे में लेकर जब्त कर लिया। दो दवाइयों के नमूने भी लिए गए।
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कोर्ट ने इस मामले में संदीप कुमार को एलोपैथिक दवाइयाें का भंडारण करके उसका विक्रय करने और लाइसेंस या कोई कागज ना दिखाने का दोषी पाया। इसके चलते कोर्ट ने अवैध रूप से मेडिकल स्टोर चलाने पर उसे चार वर्ष की सजा सुनाई।
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उधर, औषधि निरीक्षक उमेश भारती का कहना है कि वह पिछले एक साल से लगातार इस मामले की पैरवी कर रहे थे। अब इसका निर्णय आया है। लगातार निरीक्षण कर नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। साथ ही अवैध मेडिकल स्टोर संचालित करने पर मुकदमा भी दर्ज करा रहे हैं।